‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ का शुभारंभ, नाथनपुर (असम)
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 20 फरवरी, 2026 को असम के नाथनपुर में आयोजित ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया। श्री अमित शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को देश के ‘पहले गांव’ के रूप में विकसित करने की नीति पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे असम सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और विकास को नई गति मिल रही है। श्री शाह ने कहा कि असम में बीते दस वर्षं में भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं, जबकि कांग्रेस की पूर्व सरकारों ने असम को उपेक्षित रखा था। कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री दिलीप सैकिया, असम गण परिषद् के अध्यक्ष एवं असम के कृषि मंत्री श्री अतुल बोरा, राज्यसभा सांसद श्री कणादर पुरकायस्थ सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
‘वाइब्रेंट विलेजेज -II’ कार्यक्रम की शुरुआत बराक वैली की पवित्र भूमि से हो रही है, जो 17 राज्यों के सीमांत गांवों में विकास को आगे बढ़ाएगा।
श्री शाह ने कहा कि आज एक प्रकार से ‘वाइब्रेंट विलेजेज -II’ की शुरुआत हो रही है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सीमांत गांवों में देश के अन्य गांवों के समान सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास प्रारंभ किया है और इसी तरह बराक वैली सहित असम के सीमांत जिलों के प्रत्येक गांव में बुनियादी सुविधाओं को सशक्त करने का कार्य ‘वाइब्रेंट विलेजेज-II’ के माध्यम से किया जाएगा। एक समय था जब सीमांत गांवों को देश का आखिरी गांव कहा जाता था और वे केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि विकास, रोजगार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा के मामले में भी पीछे थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘वाइब्रेंट विलेजेज-I’ कार्यक्रम के माध्यम से यह सोच बदली कि सीमा पर स्थित गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का पहला गांव हैं।
उन्होंने कहा कि पहले गांव की जो यह पहचान है, वह पहचान देने का कार्य भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। ‘वाइब्रेंट विलेजेज -II’ के अंतर्गत लगभग 7000 करोड़ रुपये के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉकों और 1954 गांवों को कवर किया जाएगा, जिसमें असम के नौ जिलों के 26 ब्लॉक और 140 गांव शामिल हैं। असम के इन 140 गांवों में भारत के अन्य गांवों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही अरुणाचल, बिहार, गुजरात, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटी लगभग 334 ब्लॉकों में करीब 2000 गांवों के विकास के लिए लगभग 7000 करोड़ रुपये का यह कार्यक्रम यहां से प्रारंभ हो रहा है।
उन्होंने कहा कि डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में विगत पांच वर्षों में असम में प्रतिदिन औसतन 14 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है। 24,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का उन्नयन किया गया, अनेक पुलिया और पुल बनाए गए तथा पिछले 10 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार ने चार नए बड़े पुल असम की जनता को समर्पित किए। जब जनता ने कमल फूल की सरकार चुनी थी, तब राज्य में मल्टी डायमेंशनल गरीबी 37 प्रतिशत थी, जिसे 2023 तक घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया। वर्ष 2013-14 में असम की प्रति व्यक्ति आय ₹49,000 रुपए थी, जो वर्ष 2024-25 में तीन गुना बढ़कर ₹1,54,000 रुपए से अधिक हो गई है।
श्री शाह ने कहा कि असम के विकास के लिए सरकार एक ‘ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी’ लेकर आई है और आने वाले समय में असम विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा। ‘वाइब्रेंट विलेजेज -II’ कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण अंग है। हमारा लक्ष्य है कि सीमा पर स्थित प्रत्येक गांव देश के मध्य स्थित गांवों के समान विकसित हो, सीमा से पलायन न हो और सुरक्षित असम के माध्यम से सुरक्षित भारत की संकल्पना साकार हो, यह भारतीय जनता पार्टी का संकल्प है। ‘वाइब्रेंट विलेजेज -II’ कार्यक्रम की शुरुआत बराक वैली की पवित्र भूमि से हो रही है, जो 17 राज्यों के सीमांत गांवों में विकास को आगे बढ़ाएगा। श्री शाह ने असम की जनता से आह्वान किया कि वे कमल के निशान पर बटन दबाकर भारतीय जनता पार्टी को वोट दें, मुख्यमंत्री श्री हिमंता बिस्वा सरमा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथ मजबूत करें और राज्य में फिर से भाजपा सरकार बनाएं।

