जनहित के लिए भारत के संप्रभु एवं बहुभाषी एआई इकोसिस्टम का विकास

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र्वम एआई भारत की घरेलू एआई महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत नवाचार को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ता है। भारतीय भाषाओं में स्वदेशी ‘लार्ज लैंग्वेज’ और ‘स्पीच मॉडल’ विकसित करके सर्वम एआई डिजिटल सेवाओं तक पहुंच का विस्तार कर रहा है, खुले नवाचार को मजबूत कर रहा है, और विदेशी एआई प्रणालियों पर निर्भरता को कम कर रहा है। सार्वजनिक सेवा वितरण स्टार्टअप को सक्षम बनाने और जिम्मेदार एआई ढांचों में इसकी बढ़ती भूमिका, समावेशी विकास के एक साधन के रूप में प्रौद्योगिकी के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है। सर्वम एआई एक ‘विकसित भारत’ के लिए भविष्य के लिए तैयार, बहुभाषी और जन-केंद्रित एआई पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रखने में लगातार मदद कर रहा है।

स्वदेशी एआई का निर्माण

एक वैश्विक डिजिटल शक्ति के रूप में भारत का उदय अब उसकी इस क्षमता पर निर्भर करता है कि वह ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बना सके जो स्वदेशी, समावेशी और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हों। जैसे-जैसे एआई शासन-प्रशासन, सार्वजनिक सेवाओं, उद्योगों और नागरिक जुड़ाव को आकार दे रहा है, स्वदेशी बुनियादी मॉडलों की आवश्यकता महत्वपूर्ण हो गई है। प्रासंगिकता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए इन मॉडलों को भारतीय भाषाओं, स्थानीय डेटा और वास्तविक दुनिया के संदर्भों पर प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। विशेष रूप से भारत के लिए एआई सिस्टम बनाने की सोच के साथ स्थापित ‘सर्वम एआई’ (Sarvam AI) एक ऐसा संगठन है जो बुनियादी घटक बनाकर और उन्हें देश की अनूठी भाषाई, उद्यम और शासन-प्रशासन संबंधी आवश्यकताओं पर लागू करके भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित कर रहा है। कंपनी ने एक ‘फुल-स्टैक एआई प्लेटफॉर्म’ बनाया है, जिसमें हर चीज पूरी तरह से भारत में ही विकसित, लागू और नियंत्रित की जाती है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि सर्वम एआई इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि भविष्य भारत का ही क्यों है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि तकनीक हर नागरिक तक पहुंचे, जिससे ‘विकसित भारत’ के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जा सके, जहां नवाचार लोगों को सशक्त बनाने और राष्ट्र को मजबूत करने में एक भरोसेमंद साथी की भूमिका निभाता है।

स्वदेशी एआई मॉडल

स्वदेशी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भारत के तकनीकी प्रभुत्व, डिजिटल आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास के दृष्टिकोण का मुख्य हिस्सा है। आज के दौर में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शासन-प्रशासन, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और नागरिक सेवाओं को आकार दे रहा है, तब स्थानीय भाषाओं, डेटासेट और नियामक ढांचों पर आधारित एआई सिस्टम बनाना यह सुनिश्चित करता है कि नवाचार राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप हो। स्वदेशी एआई विकास न केवल रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा करता है, बल्कि आर्थिक लचीलेपन और उभरती तकनीकों तक सभी की समान पहुंच को भी बढ़ावा देता है।

इस संदर्भ में सर्वम एआई उन 12 संगठनों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया है, जिन्हें इंडिया एआई मिशन के ‘इनोवेशन सेंटर’ स्तंभ के तहत स्वदेशी फ़ाउंडेशनल मॉडल विकसित करने के लिए चुना गया है। इसके लिए उसे 246.72 करोड़ रुपये की वित्तीय और कंप्यूट सहायता मिली है। यह कंपनी भारतीय भाषाओं और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए लार्ज लैंग्वेज और स्पीच मॉडल बना रही है। इन मॉडलों में वॉइस-आधारित इंटरफ़ेस, दस्तावेज प्रोसेसिंग और नागरिक-केंद्रित एप्लिकेशन जैसी क्षमताएं हैं, जो पहुंच और उपयोग में आसानी को बढ़ाते हैं। राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करके सर्वम एआई विदेशी एआई सिस्टम पर निर्भरता कम कर रहा है, साथ ही, ओपन-सोर्स इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है और स्टार्टअप, शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों में नवाचार को बढ़ावा दे रहा है।

एक एआई मॉडल कंप्यूटर प्रोग्राम है, जिसे व्यापक डेटा के साथ तैयार किया जाता है, ताकि वह पैटर्न को पहचान सके, पूर्वानुमान लगा सके या नई सामग्री तैयार कर सके। यह एक डिजिटल मस्तिष्क की तरह काम करता है।

सर्वम एआई मॉडल्स में शामिल हैं:

1. बुलबुल (टेक्स्ट-टू-स्पीच): 11 भारतीय भाषाओं में 39 अलग-अलग आवाजों के साथ उपलब्ध है।
2. सारस (भाषण-से-पाठ): सभी 22 अनुसूचित भाषाओं, 8kHz टेलीफ़ोनी ऑडियो और कोड-मिक्स्ड स्पीच को सपोर्ट करता है।
3. विजन (दस्तावेज की समझ): 22+ भारतीय भाषाओं, मिश्रित लिपियों और हाथ से लिखे टेक्स्ट के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
इन बुनियादी क्षमताओं के माध्यम से सर्वम एआई यह दिखाता है कि भारत-केंद्रित एआई किस तरह से व्यापक और मजबूत बनकर भारत की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एआई इकोसिस्टम बनने की यात्रा को और अधिक सशक्त बना सकता है।

पूर्ण स्टैक संप्रभु एआई

सर्वम एआई इकोसिस्टम: सर्वम एआई ने एक व्यापक, पूर्ण स्टैक संप्रभु एआई इकोसिस्टम बनाया है, जिसे पूरे भारत में उद्योगों, सरकारों, डेवलपर्स और क्रिएटर्स की सेवा करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे देश के भीतर ही शुरू से अंत (एंड-टू-एंड) तक विकसित किया गया है, जिसमें कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, फ़ाउंडेशनल मॉडल, प्लेटफ़ॉर्म और वास्तविक दुनिया के एप्लिकेशन शामिल हैं। यह इकोसिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एआई स्टैक उन सभी टूल्स और सिस्टम का एक पूरा सेट होता है, जो एआई एप्लिकेशन बनाने और उन्हें चलाने के लिए मिलकर काम करते हैं।

सर्वम एआई इकोसिस्टम में शामिल हैं:

1. सर्वम फॉर कन्वर्सेशन्स: एंटरप्राइज-ग्रेड (अधिक क्षमता वाला) कन्वर्सेशनल एआई, जो 11 भारतीय भाषाओं में इंसानों जैसी, सांस्कृतिक रूप से सहज आवाजें देता है। यह <500ms की देरी (latency) के साथ 100 मिलियन से अधिक इंटरैक्शन संभालता है, 24 घंटों के अंदर डिप्लॉय हो जाता है और 10 गुना तक आरओआई हासिल करता है।

2. सर्वम फॉर वर्क: एक यूनिफाइड एंटरप्राइज एआई प्लेटफ़ॉर्म है, जो एआई-असिस्टेड बिल्ड–डीबग–ऑप्टिमाइज साइकिल के माध्यम से वैल्यू क्रिएशन को गति प्रदान करता है। ओपन और मॉड्यूलर होने के नाते यह किसी भी मॉडल, डेटा सोर्स या इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आसानी से इंटीग्रेट हो जाता है।

3. सर्वम एआई फॉर कंटेंट: वॉइस क्लोनिंग और सटीक ऑडियो-विज़ुअल सिंक के साथ बहुभाषी वीडियो डबिंग को संभव बनाता है; साथ ही डॉक्यूमेंट ट्रांसलेशन भी करता है, जो लेआउट और टोन को बनाए रखता है, और इसमें इन-बिल्ट क्वालिटी रिव्यू और एडिटिंग टूल्स का सपोर्ट भी मिलता है।

4. सर्वम एआई फॉर एज इंटेलिजेंस: असल दुनिया में डिप्लॉयमेंट के लिए कॉम्पैक्ट, कम देरी वाला मल्टीमॉडल एआई देता है; यह एज और क्लाउड इन्फ्रेंस को मिलाकर रियल-टाइम असिस्टेंट, ऑन-डिवाइस एनएलपी और तेज रफ़्तार अनुवाद और समराइज़ेशन को सशक्त बनाता है।

इस एकीकृत प्रणाली के माध्यम से सर्वम एआई केवल एक एप्लिकेशन ही नहीं बना रहा है, बल्कि भारत के एआई भविष्य के लिए एक स्केलेबल डिजिटल बैकबोन भी तैयार कर रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, भाषा की समझ, एंटरप्राइज़ क्षमताओं और एज डिप्लॉयमेंट को एक ही स्वतंत्र इकोसिस्टम में मिलाकर यह भारत को स्वतंत्र रूप से इनोवेशन करने, उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने और वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने की स्थिति में लाता है; साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि उन्नत एआई सभी के लिए सुलभ, सुरक्षित और राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप बना रहे।

सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए रणनीतिक साझेदारियां

सर्वम एआई की संस्थागत साझेदारियां पूरे भारत में स्वदेशी नवाचार को जन-जन तक पहुंचा रही हैं:

1. यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने एआई-संचालित वॉयस इंटरैक्शन, रीयल-टाइम धोखाधड़ी का पता लगाने और बहुभाषी सहायता का उपयोग करके आधार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सर्वम एआई के साथ साझेदारी की है। एक कस्टम जेन-एआई स्टैक यूआईडीएआई के सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर के भीतर काम करेगा, जो रीयल-टाइम नामांकन प्रतिक्रिया और धोखाधड़ी अलर्ट के साथ 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।

2. ओडिशा सरकार सर्वम एआई के सहयोग से एक 50 मेगावॉट एआई-अनुकूलित सॉवरेन एआई क्षमता हब स्थापित कर रही है, जो एक राष्ट्रीय कंप्यूट बैकबोन के रूप में काम करेगा। यह खनन, औद्योगिक सुरक्षा और ओडिया-भाषा कौशल विकास में एआई उपयोग के मामलों का समर्थन करेगा, जिससे सॉवरेन कंप्यूट ग्रिड में योगदान मिलेगा।

3. तमिलनाडु सरकार और आईआईटी मद्रास, सर्वम के सहयोग से ‘डिजिटल संगम’ विकसित कर रहे हैं – जो भारत का पहला सॉवरेन एआई अनुसंधान पार्क है। इसे एक 20 मेगावॉट एआई डेटा सेंटर द्वारा संचालित किया जाएगा, जो बड़े पैमाने पर एआई अनुप्रयोगों के लिए उन्नत कंप्यूट, अनुसंधान और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन को एकीकृत करेगा।

कुल मिलाकर ये सभी पहल दर्शाती हैं कि किस प्रकार समन्वित सार्वजनिक साझेदारियां जनसंख्या-स्तर पर स्वदेशी एआई अवसंरचना को लागू कर सकती हैं।