‘विकसित दिल्ली’ के सपने होंगे पूरे

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      दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में श्रीमती रेखा गुप्ता के साथ छह मंत्रियों के शपथ लेते ही ‘आप-दा’ कुशासन से मुक्त देश की राजधानी दिल्ली अब चैन की सांस ले रही है। आप-दा कुशासन को भ्रष्टाचार, जनता के धन की लूट, पंगु प्रशासन व्यवस्था एवं वादाखिलाफी के लिए याद रखा जाएगा। इससे दिल्ली को एक दशक से भी अधिक समय तक आपदा सहनी पड़ी। दिल्ली में नई मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा सरकार एक अत्यधिक ऊर्जावान एवं सक्षम टीम से युक्त है। यह टीम दिल्ली की आप-दा सरकार द्वारा बनाए आपदा के दलदल से निकालकार कमल खिलाने में सक्षम है। जहां विभिन्न प्रदेशों में भाजपा सरकारें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई एवं दूरदर्शी नेतृत्व में पूरी निष्ठा के साथ जनसेवा में प्रतिबद्ध है, वहीं इसमें कोई संदेह नहीं कि जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवा, भ्रष्टाचारमुक्त शासन एवं विश्व-स्तरीय सुविधाएं देने में अब दिल्ली सरकार भी अग्रणी रहेगी। आज जब दिल्ली की जनता ने भारी समर्थन से भाजपा सरकार चुनकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिल्ली के विजन को अपना आशीर्वाद दिया है, जन-जन के मन में यह पूर्ण विश्वास है कि आने वाले दिनों में ‘विकसित दिल्ली’ का सपना साकार होगा। अब जबकि दिल्ली सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की यात्रा प्रारंभ कर चुकी है, जनता ‘आप-दा’ कुशासन के आपदाकाल से मुक्ति का उत्सव मना रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 10 फरवरी से 13 फरवरी की फ्रांस एवं अमेरिका यात्रा से भारत के इन देशों से संबंध एवं परस्पर विश्वास और भी अधिक सुदृढ़ हुए हैं। फ्रांस में कई विषयों के साथ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को ओपन सोर्स सिस्टम विकसित कर, विश्वास एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देने के केंद्र में रखा गया। फ्रांस में ए.आई. एक्शन सम्मेलन, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त रूप में राष्ट्रपति

आज जब दिल्ली की जनता ने भारी समर्थन से भाजपा सरकार चुनकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिल्ली के विजन को अपना आशीर्वाद दिया है, जन-जन के मन में यह पूर्ण विश्वास है कि आने वाले दिनों में ‘विकसित दिल्ली’ का सपना साकार होगा। अब जबकि दिल्ली सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की यात्रा प्रारंभ कर चुकी है, जनता ‘आप-दा’ कुशासन के आपदाकाल से मुक्ति का उत्सव मना रही है

श्री इमैनुएल मैक्रों एवं प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा की गई, ने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र में ए.आई. के माध्यम से व्यापक परिवर्तन की संभावनाओं पर चर्चा की। अमेरिका में हाल ही में पदभार ग्रहण किए राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प के साथ रक्षा, प्रोद्योगिकी, व्यापार एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में सामरिक भागीदारी पर चर्चा हुई। जहां सुरक्षा संबंध, आतंकरोधी, व्यापार एवं आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार जैसे विविध विषयाें पर चर्चा हुई, वहीं श्री ट्रम्प एवं श्री मोदी ने 21वीं सदी में सैन्यबल की भागीदारी एवं प्रौद्योगिकी एवं वाणिज्य को बढ़ाने के लिए एक नई पहल ‘भारत-अमेरिका कॉम्पेक्ट’ का शुभारंभ किया। यह परस्पर सहयोग के अनेक आयामों में व्यापक परिवर्तन के लिए एक स्तंभ का कार्य करेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा की भव्य सफलता आतंकवादरोधी प्रयासों में एक महत्वपूर्ण विजय से परिलक्षित होती है। ध्यातव्य है कि अमेरिका ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पण करने के लिए सहमति दे दी है। साथ ही, दोनों नेताओं ने अपने संयुक्त वक्तव्य में पाकिस्तान को 26/11 मुंबई एवं पठानकोट आतंकी हमले के दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा अपनी भूमि को सीमा-पार आतंकवाद के लिए न देने के लिए सुनिश्चित करने को कहा है। बांग्लादेश के विषय पर भारतीय नेतृत्व पर अपनी अभूतपूर्व आस्था व्यक्त कर राष्ट्रपति श्री ट्रम्प ने इस विषय को प्रधानमंत्री श्री मोदी पर छोड़ने की बात करते हुए उन्हें ‘एक महान नेता’ एवं ‘स्पेशल मेन’ उद्धृत किया। श्री ट्रम्प द्वारा इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर (IMECC) को समर्थन तथा ऑटोनोमस सिस्टम इंडस्ट्री अलायंस (ASIA) की नई पहल से भारत-अमेरिका के मध्य परस्पर सहयोग एवं विश्वास और अधिक सृदृढ़ होगा। आज जब देश ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने के लिए आगे बढ़ चुका है, मित्र देशों के साथ सामरिक भागीदारी एवं गहरे होते संबंध से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का प्राचीन मंत्र अवश्य सिद्ध होगा।

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