दिल्ली की जनता ने जिस प्रकार से भाजपा पर अपना आशीर्वाद बरसाया, उससे यह प्रमाणित हो गया कि मोदी की गारंटी, ‘गारंटी पूरा होने की गारंटी’ है। जहां झूठ, फरेब और धोखाधड़ी की राजनीति पराजित हुई, वहीं परफॉर्मेंस, सुशासन एवं विश्वसनीय नेतृत्व विजयी हुआ है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में ‘आप’ सरकार भ्रष्टाचार, जनता के धन की लूट, जनविश्वास के साथ धोखा, कुशासन एवं छल की राजनीति की प्रतीक बन गई। परिणाम यह हुआ कि ‘आप’ सरकार दिल्ली के लिए ‘आपदा’ साबित हुई तथा जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ा। एक दशक तक जनता इस ‘आपदा’ को सहने के लिए मजबूर हो गई। सत्ता-केंद्रित, सिद्धांतहीन एवं अवसरवादी राजनीति के पर्याय अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा जनता ने पहचान लिया और चुनावों में धूल चटाकर दंडित किया। जहां आप के मतों में 10 प्रतिशत की गिरावट हुई तथा केवल 22 सीटों पर यह सिमट कर रह गई, वहीं भाजपा ने न केवल 70 में से 48 सीटों पर विजय प्राप्त की, बल्कि इसके मतों में एनडीए सहयोगियों के साथ लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली की जनता, जो पिछले तीन लोकसभा चुनावों से
दिल्ली की जनता, जो पिछले तीन लोकसभा चुनावों से लगातार भाजपा की झोली में सातों सीटें डालती आई है, उसने इस बार भाजपा को विधानसभा चुनावों में भी दो-तिहाई से अधिक बहुमत से आशीर्वाद दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर दिल्ली की जनता के अपार समर्थन से पूरे देश का वातावरण सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण बन गया है
लगातार भाजपा की झोली में सातों सीटें डालती आई है, उसने इस बार भाजपा को विधानसभा चुनावों में भी दो-तिहाई से अधिक बहुमत से आशीर्वाद दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर दिल्ली की जनता के अपार समर्थन से पूरे देश का वातावरण सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण बन गया है, आशा एवं विश्वास की नई सुबह हुई है।
वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और इससे क्रांतिकारी परिवर्तन होंगे। कई प्रकार के सुधार एवं समावेशन पर बल के साथ ‘विकसित भारत की’ रफ्तार बढ़ाने वाला यह बजट मोदी सरकार के मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ को रेखांकित करता है। समाज के हर वर्ग के लिए समर्पित यह बजट समावेशी विकास पर आधारित है। यह बजट चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है- ग्रामीण समृद्धि के लिए कृषि, उद्यमशीलता एवं रोजगार सृजन के लिए एमएसएमई, अवसंरचना के लिए निवेश तथा वैश्विक स्पर्धा एवं आर्थिक विकास के लिए नवाचार एवं निर्यात। बजट का मुख्यतः छह प्रमुख विषयों पर जोर है- कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, शहरी विकास, वित्तीय क्षेत्र नियामक सुधार एवं खनन। अनेक राहत देने वाले कदमों के साथ, इस बजट के द्वारा मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग के लिए करों में राहत देने का कार्य जारी रखा है तथा वर्तमान के 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये तक की आय पर कर ‘शून्य’ कर दिया है। फलतः एक लाख रुपये तक मासिक आमदनी पर अब कोई कर नहीं लगेगा। इस बजट में समग्रता से छह लक्ष्य दृष्टिगत होते हैं- विकास में तेजी लाना, समावेशी विकास सुनिश्चित करना, भारत के मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाना, निजी क्षेत्र के निवेश को मजबूत करना तथा घरेलू विश्वास को सशक्त करना। ‘ज्ञान’ (GYAN) के मूलभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के साथ मोदी सरकार मध्यम वर्ग को सशक्त कर उसकी क्षमता में वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे न केवल हर वर्ग सुदृढ़ होगा, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनेक नए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
ध्यातव्य है कि अभूतपूर्व ढंग से बढ़े नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) तथा घोर निराशा में डूबे कॉर्पोरेट क्षेत्र के साथ टूटी-फूटी अर्थव्यवस्था विरासत में मिलने के बावजूद मोदी सरकार सकारात्मक वित्तीय प्रबंधन करने में सफल रही है। इसके लिए निवेश को बढ़ावा देना, कैपिटल एक्सपेंडिचर में धीरे-धीरे वृद्धि तथा जनसुविधाओं को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए किए गए त्रि-आयामी कार्य पर विशेष बल दिया गया। यह इन सक्रियतापूर्ण उठाए गए कदमों का ही परिणाम है कि कोविड वैश्विक महामारी के फलस्वरूप जब पूरा विश्व अनियंत्रित मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी के बीच फंसा हुआ है, तब भारत आज विश्व पटल पर एक चमकता सितारा के रूप में उभरा है। विश्व की सबसे तेज विकास दर वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज राष्ट्र वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को जन-जन की आकांक्षाओं को पूर्ण करने वाला भविष्योन्मुखी बजट प्रस्तुत करने के लिए बधाई दे रहा है। निश्चित ही यह बजट ‘विकसित भारत’ के पथ को प्रशस्त करेगा।

