महिला विकास से महिला नीत विकास की ओर

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     आज जब पूरा देश 8 मार्च, 2025 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरक एवं दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की महिलाओं के तेजी से बढ़ते कदम से ‘विकसित भारत’ का संकल्प और भी अधिक दृढ़ हुआ है। ‘नारी शक्ति’ के पूरे सामर्थ्य को देश सेवा में सन्नद्ध करने के प्रयासों को महिला विकास से महिला-नीत विकास (वीमेन लेड डेवलपमेंट) में परिवर्तित होते देखा जा सकता है। महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थितियों को सुधारने के लिए अनेक परिवर्तनकारी नीतियों एवं पहलों के माध्यम से हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी, उन्हें सशक्त एवं समर्थ करने वाली योजनाओं के द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। वित्तीय समावेशन तथा उद्यमशीलता कार्यक्रमों से लेकर न्यायिक सुधार एवं सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों से एक ऐसे वातावरण का निर्माण हुआ है, जिसमें एक महिला भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सके तथा इस प्रक्रिया में उनका सकारात्मक योगदान सुनिश्चित हो।

आज जब एक विकसित, आत्मनिर्भर एवं समावेशी भारत का लक्ष्य देश का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के जीवन में गरिमा एवं सुविधा को सरकार द्वारा प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया है। अनेक योजनाओं के अलावा, ‘इज्जत घर’ के रूप में शौचालयों का निर्माण, महिलाओं के जन-धन बैंक खाते, नि:शुल्क गैस कनेक्शन, हर घर नल से जल, मातृत्व अवकाश का 12 से 26 सप्ताह तक बढ़ाए जाने जैसे कदमों से नारी शक्ति को अपार संभावनाओं से सशक्त कर देश के भविष्य के लिए उनके सकारात्मक योगदानों को सुनिश्चित किया गया है

आज जब एक विकसित, आत्मनिर्भर एवं समावेशी भारत का लक्ष्य देश का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के जीवन में गरिमा एवं सुविधा को सरकार द्वारा प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया है। अनेक योजनाओं के अलावा, ‘इज्जत घर’ के रूप में शौचालयों का निर्माण, महिलाओं के जन-धन बैंक खाते, नि:शुल्क गैस कनेक्शन, हर घर नल से जल, मातृत्व अवकाश का 12 से 26 सप्ताह तक बढ़ाए जाने जैसे कदमों से नारी शक्ति को अपार संभावनाओं से सशक्त कर देश के भविष्य के लिए उनके सकारात्मक योगदानों को सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, महिला सुरक्षा के लिए कड़े कानून जिसमें बालिका के साथ बलात्कार के लिए 20 वर्ष कारावास तथा मृत्युदंड के प्रावधान, तीन तलाक पर कड़े कानून तथा धारा 35(ए) का निरस्तीकरण जिससे जम्मू एवं कश्मीर की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हुई, जैसे कदमों से पूरे देश में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण का निर्माण हुआ है। लोकसभा एवं राज्यों के विधानसभाओं में 33% महिला भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा बलों में महिलाओं को स्थायी कमीशन, सुरक्षा बल के तीनों अंगों में महिला अग्निवीरों के लिए प्रावधान तथा सैनिक विद्यालयों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी में महिलाओं के प्रवेश सुनिश्चित होने से महिलाओं के लिए अब तक बंद अवसरों के नए द्वार खुल गए हैं। लखपति दीदी तथा नमो ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति, स्टैंड अप इंडिया जैसे अभियान मोदी सरकार की महिला-नीत विकास के सिद्धांत के लिए अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में बड़ी छलांग लगाई है। मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट, 5 वर्ष से कम शिशु मृत्यु दर में भारी कमी एवं महिला की औसत आयु में भारी वृद्धि महिला स्वास्थ्य सेवा, उसकी उपलब्धता तथा गुणवत्ता में व्यापक सुधार को परिलक्षित करता है। केंद्रीय बजट 2025-26 में महिला संबंधी पहलों में 4.49 लाख करोड़ रुपए का रिकार्ड आवंटन जो पिछली दस वर्षों में लगभग तीन गुना अधिक आवंटन है, से महिलाओं के बढ़ते वित्तीय समावेशन, उद्यमशीलता एवं रोजगार-उपलब्धता संभव हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई एवं सुदृढ़ नेतृत्व में विभिन्न राज्यों में भाजपा सरकारों ने महिला सशक्तीकरण एवं उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सुभद्रा योजना, महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना, मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना एवं महिला समृद्धि योजना जैसी अनेक योजनाओं का शुभारंभ हुआ है। मोदी सरकार ने हर क्षेत्र में महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित किया है; फलत: आज विज्ञान, शिक्षा, अंतरिक्ष, खेलकूद, राजनीति, शासन-प्रशासन, स्वास्थ्य, उद्यमशीलता जैसे हर क्षेत्र में महिलाएं देश का नाम रोशन कर रही हैं। अब इसमें कोई संदेह नहीं कि महिला-नीत विकास से ‘विकसित भारत’ का पथ प्रशस्त हो रहा है।

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