तमिलनाडु विधानसभा चुनाव : संकल्प पत्र का विमोचन
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 14 अप्रैल, 2026 को तमिलनाडु के चेन्नई में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के संकल्प पत्र का विमोचन किया। श्री नड्डा ने राज्य में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और परिवारवाद को लेकर डीएमके सरकार की जमकर आलोचना की। श्री नड्डा ने कहा कि एनडीए, तमिलनाडु के विकास, महिला सशक्तीकरण, किसानों की समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव को केंद्र में रखकर एक स्पष्ट और सकारात्मक विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर तमिलनाडु भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री नैनार नागेंद्रन, घोषणापत्र समिति की संयोजक श्रीमती तमिलिसाई सुंदरराजन, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री के. अन्नामलाई सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
श्री नड्डा ने कहा कि इस चुनाव में जनता डीएमके और उसके इस नापाक गठबंधन को पूरी तरह बेनकाब करेगी। डीएमके एक वंशवादी पारिवारिक पार्टी बनकर रह गई है, जहां स्टालिन शीर्ष पर हैं, उदयनिधि को वारिस के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, कनिमोझी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं और सबरीसन प्रबंधन संभाल रहे हैं, इसी तरह यह पूरी पार्टी संचालित हो रही है। यह पारिवारिक शासन तमिल संस्कृति के गौरव के लिए एक बड़ा आघात है। डीएमके ने महिलाओं, युवाओं, किसानों, कामकाजी वर्ग और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों, सभी के विश्वास को तोड़ा है। यह जानकर आश्चर्य होता है कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु में 8,008 हत्याएं हुई हैं और यौन अपराध व गैंग हिंसा की घटनाएं राज्य के हर शहर और गांव तक फैल चुकी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
श्री नड्डा ने कहा कि यदि महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बात की जाए तो इनमें 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि बलात्कार के मामलों की संख्या 2,080 तक पहुंच गई है। POCSO के मामलों में 125 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और इनकी संख्या 39,999 है, जो राज्य की गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है। इन सभी तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि डीएमके ने तमिलनाडु की जनता के विश्वास को तोड़ा है और यह पार्टी ‘3C’ यानी भ्रष्टाचार, वसूली और कमीशन की राजनीति पर चलती है, जो उसकी पहचान बन चुकी है।
मुख्य बिंदु
-एआईएडीएमके के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने पर सभी परिवारों की महिला मुखियाओं को ₹2,000 रुपए की मासिक सहायता और हर परिवार को ₹10,000 रुपए की एकमुश्त राशि प्रदान की जाएगी
-हर वर्ष तीन एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में दिए जाएंगे
-अपराधों से निपटने के लिए ‘ज़ीरो एफआईआर’ रिपोर्टिंग शुरू की जाएगी, पीड़ित-गवाह सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी और जघन्य अपराधों, जिनमें यौन अपराध भी शामिल हैं, के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी
-बसों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में 100 प्रतिशत ‘ब्लाइंड स्पॉट-मुक्त’ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और ‘निर्भया फंड’ के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा
-महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों, स्वयं-सहायता समूहों और एमएसएमई को 50 लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विनिर्माण इकाइयों के लिए यह अनिवार्य किया जाएगा कि उनकी कुल खरीद का 20 प्रतिशत हिस्सा इन सहकारी समितियों से लिया जाए और इस नियम को लागू किया जाएगा
-25,000 योग्य महिलाओं के लिए ई-स्कूटर दिए जाएंगे
-किसानों के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत मिलने वाले ₹6,000 रुपए प्रति वर्ष के साथ ₹3,000 रुपए का टॉप-अप प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रत्येक किसान को ₹9,000 रुपए प्रति वर्ष दिए जाएंगे
-मछुआरों के लिए फिशिंग बैन एड, जो ₹8,000 रुपए दिया जाता है, उसे बढ़ाकर ₹12,000 रुपए प्रति वर्ष किया जाएगा
-लीन पीरियड अलाउंस को ₹6,000 रुपए से बढ़ाकर ₹8,000 रुपए किया जाएगा और 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक मछुआरे को ₹2,000 रुपए पेंशन दी जाएगी
-युवाओं के लिए 1 लाख नौकरियां दी जाएंगी, टॉपर्स के लिए फ्री कोचिंग की व्यवस्था होगी, तमिल विकल्प वाले जिला कोचिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे और स्किल्स सेंसस के साथ उद्योग से जुड़ी ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी
-स्किल डेवलपमेंट के लिए सभी ज़ोन में कैंपस के साथ एक स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी शुरू की जाएगी, जहां नए ज़माने की टेक्नोलॉजी सिखाई जाएगी
-उद्योग, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, पर्यावरण, पर्यटन और सांस्कृतिक प्रचार जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु के 10 शहरों को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा और 100 स्थानों की सूची तैयार की जाएगी, जहांं स्वच्छता के उच्च मानकों वाले शहर विकसित किए जाएंगे, जिनमें तमिलनाडु को प्राथमिकता दी जाएगी

