काजीरंगा (असम)
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जनवरी, 2026 को असम के कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना (एनएच-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ खंड का 4-लेन निर्माण) का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने जनता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग उन्हें आशीर्वाद देने आए हैं और वे इसके लिए अत्यंत आभारी हैं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज उनकी पार्टी पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन गई है और पिछले डेढ़ साल में पार्टी पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में हुए बिहार चुनावों में, 20 साल बाद भी, लोगों ने उन्हें रिकॉर्ड संख्या में वोट और सीटें दी। उन्होंने आगे कहा कि केवल दो दिन पहले महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में हुए महापौर और पार्षद चुनावों के नतीजों से पता चला कि दुनिया के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक मुंबई ने पहली बार उनकी पार्टी को रिकॉर्ड जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के अधिकांश शहरों के लोगों ने उन्हें सेवा करने का अवसर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले केरल की जनता ने उनकी पार्टी को महत्वपूर्ण समर्थन दिया था जिसके चलते पार्टी ने राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पहली बार महापौर पद जीता था।
श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि ये चुनाव एक और संदेश देते हैं— कि देश विपक्षी दल की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। उन्होंने बताया कि मुंबई, जिस शहर में विपक्षी दल का जन्म हुआ था, वहां वह अब चौथे या पांचवें स्थान पर सिमट गया है और महाराष्ट्र में, जहां उन्होंने दशकों तक शासन किया, वहां तो उसका अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि विपक्ष ने देश का विश्वास खो दिया है क्योंकि उसके पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है और ऐसी पार्टी कभी भी असम या काजीरंगा के हितों की सेवा नहीं कर सकती।
प्रधानमंत्री ने असम के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती—इसकी पहचान और संस्कृति की रक्षा की आवश्यकता के बारे में भी कहा। उन्होंने असम में उनकी सरकार की घुसपैठ से प्रभावी ढंग से निपटने, जंगलों, ऐतिहासिक सांस्कृतिक स्थलों और लोगों की जमीनों को अवैध अतिक्रमणों से मुक्त कराने के लिए प्रशंसा की। इसकी चारों ओर सराहना हो रही है। श्री मोदी ने इसकी तुलना विपक्ष से करते हुए कहा कि दशकों तक विपक्ष ने केवल वोट और सरकार बनाने के लिए असम की धरती घुसपैठियों के हवाले कर दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के शासनकाल में घुसपैठ बढ़ती रही और इन घुसपैठियों ने असम के इतिहास, संस्कृति या आस्था की परवाह किए बिना बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए। उन्होंने आगे कहा कि घुसपैठ के कारण पशु गलियारों में अतिक्रमण हुआ, अवैध शिकार को बढ़ावा मिला और तस्करी तथा अन्य अपराध बढ़ गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि घुसपैठिए जनसांख्यिकीय संतुलन बिगाड़ रहे हैं, संस्कृति पर हमला कर रहे हैं, गरीबों और युवाओं से नौकरियां छीन रहे हैं और आदिवासी क्षेत्रों में धोखाधड़ी से जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं जिससे असम और राष्ट्र दोनों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। उन्होंने लोगों को विपक्ष से सतर्क रहने के लिए आगाह करते हुए कहा कि उनकी एकमात्र नीति घुसपैठियों को संरक्षण देना और सत्ता प्राप्त करना है। श्री मोदी ने कहा कि विपक्ष और उसके सहयोगी पूरे देश में यही रणनीति अपना रहे हैं, उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार में विपक्ष ने घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए मार्च और रैलियां आयोजित की, लेकिन बिहार की जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि असम की जनता भी विपक्ष को करारा जवाब देगी।
श्री मोदी ने कहा कि असम का विकास पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रगति के नए द्वार खोल रहा है और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को दिशा दे रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब असम प्रगति करेगा, तभी पूर्वोत्तर क्षेत्र प्रगति करेगा और सरकार के प्रयासों और जनता के विश्वास से यह क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा।
इस कार्यक्रम में असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल और श्री पबित्र मार्गेरिटा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

