कोयले के आयात में भारी कमी के कारण वित्त वर्ष 2024-2025 में लगभग 60,681.67 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई

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     वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश में कुल 243.62 मिलियन टन (एमटी) कोयले का आयात हुआ, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 264.53 मिलियन टन था। कोयले के आयात में लगभग 20.91 मिलियन टन की कमी के कारण वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में वित्त वर्ष 2024-2025 में लगभग 60,681.67 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने 21 जुलाई को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

देश में कोयले की अधिकांश आवश्यकता स्वदेशी उत्पादन/आपूर्ति से पूरी होती है। कोयला मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2029-30 तक लगभग 1.5 बिलियन टन के घरेलू कोयला उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने और गैर-ज़रूरी कोयला आयात में कमी लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कोयला मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2029-30 तक कोयला उत्पादन में वृद्धि के अनुमान को ध्यान में रखते हुए देश में सक्षम कोयला निकासी के लिये बुनियादी ढांचे विकसित करने के लिए फरवरी, 2024 में कोयला लॉजिस्टिक योजना और नीति आरंभ की है।