बीमा सखी योजना में 2 लाख से ज़्यादा महिलाओं का नामांकन

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     भारत सरकार ने 9 दिसंबर, 2024 को बीमा सखी- ‘महिला कैरियर एजेंट (एमसीए) योजना’ शुरू की। एलआईसी ने वित्त वर्ष 2024-25 में बीमा सखियों को 62.36 करोड़ रुपये वजीफे के रूप में दिए हैं। चालू वित्त वर्ष (2025-26) में एलआईसी ने इस योजना के लिए 520 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है, जिसमें से 14.7.2025 तक 115.13 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। वर्तमान में देश में 2,05,896 बीमा सखियां हैं। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने 21 जुलाई को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

एलआईसी बीमा सखियों को उनके करियर को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहनों के माध्यम से अवसर प्रदान करती है। स्नातक बीमा सखियां 5 वर्ष की अवधि पूरी करने के बाद पात्रता मानदंडों को पूरा करने पर एलआईसी के प्रशिक्षु विकास अधिकारी के पद हेतु भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकती हैं।

उपरोक्त के अलावा, एलआईसी बीमा सखियों को उनकी नियुक्ति के बाद पहले तीन वर्षों तक वजीफा देती है ताकि उन्हें जीवन बीमा एजेंसी के रूप में करियर बनाने में मदद मिल सके। यह वजीफा योजना उनके कमीशन भुगतान के अतिरिक्त है और कुछ निश्चित प्रदर्शन मानदंडों पर निर्भर करती है। वजीफे की राशि पहले वर्ष में 7000 रुपये प्रति माह से लेकर तीसरे वर्ष में 5000 रुपये प्रति माह तक होती है।