वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान

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2023-24 के लिए 9.2% की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2021-22 को छोड़कर पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 28 फरवरी को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दूसरा अग्रिम अनुमान (एसएई); वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (क्यू3) के लिए जीडीपी के तिमाही अनुमान, इसके व्यय घटकों के साथ और जीडीपी, राष्ट्रीय आय, उपभोग व्यय, बचत और पूंजी निर्माण के संशोधित अनुमान जारी किए। ये अनुमान राष्ट्रीय लेखा के जारी कैलेंडर के अनुसार स्थिर (2011-12) और वर्तमान दोनों मूल्यों पर जारी किए गए हैं।

वार्षिक अनुमान और वृद्धि दर

वास्तविक जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर जीडीपी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 187.95 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी का पहला संशोधित अनुमान 176.51 लाख करोड़ रुपये है। 2024-25 के दौरान वास्तविक जीडीपी में वृद्धि दर 6.5% अनुमानित है, जबकि 2023-24 में यह 9.2% थी। नॉमिनल जीडीपी या वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी वर्ष 2024-25 में 331.03 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि 2023-24 में यह 301.23 लाख करोड़ रुपये थी, जो 9.9% की वृद्धि दर दर्शाता है।

तिमाही अनुमान और वृद्धि दर

वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर जीडीपी 47.17 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में यह 44.44 लाख करोड़ रुपये थी, जो 6.2% की वृद्धि दर दर्शाती है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीडीपी या वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी 84.74 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में यह 77.10 लाख करोड़ रुपये थी, जो 9.9% की वृद्धि दर दर्शाती है।

वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में वास्तविक जीवीए 43.13 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में यह 40.60 लाख करोड़ रुपये था, जो 6.2% की वृद्धि दर दर्शाता है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीवीए 77.06 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में यह 69.90 लाख करोड़ रुपये था, जो 10.2% की वृद्धि दर दर्शाता है।

वर्ष 2024-25 में वास्तविक जीवीए 171.80 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वर्ष 2023-24 के लिए एफआरई 161.51 लाख करोड़ रुपये है, जो 2023-24 में 8.6% की वृद्धि दर की तुलना में 6.4% की वृद्धि दर दर्शाता है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान नॉमिनल जीवीए 300.15 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि 2023-24 में यह 274.13 लाख करोड़ रुपये है, जो 9.5% की वृद्धि दर दर्शाता है।

मुख्य बातें

 वित्त वर्ष 2024-25 में वास्तविक जीडीपी में 6.5% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में नॉमिनल जीडीपी की वृद्धि दर 9.9% रहने की उम्मीद है। दोनों विकास दरें उनके संबंधित प्रथम अग्रिम अनुमानों से ऊपर की ओर संशोधित की गई हैं।
 पहले संशोधित अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में वास्तविक जीडीपी में 9.2% की वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2021-22 (कोविड के बाद का वर्ष) को छोड़कर पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है। इस वृद्धि में ‘विनिर्माण’ क्षेत्र (12.3%), ‘निर्माण’ क्षेत्र (10.4%) और ‘वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा’ क्षेत्र (10.3%) में दोहरे अंकों की वृद्धि दर का योगदान है।
 अंतिम अनुमान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.6% की वृद्धि दर देखी गई है, जिसमें मुख्य रूप से ‘व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाएं’ क्षेत्र (12.3%), ‘वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाएं’ क्षेत्र (10.8%) और ‘बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाएं’ क्षेत्र (10.8%) में दोहरे अंकों की वृद्धि दर का योगदान है।
 वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 6.2% की वृद्धि का अनुमान है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए नॉमिनल जीडीपी में वृद्धि दर 9.9% अनुमानित की गई है।
 वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को संशोधित कर 5.6% कर दिया गया है।
 वर्ष 2024-25 के दौरान ‘निर्माण’ क्षेत्र में 8.6% की वृद्धि दर रहने का अनुमान है, इसके बाद ‘वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाएं’ क्षेत्र (7.2%) और ‘व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाएं’ क्षेत्र (6.4%) का स्थान है।
 निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) में 2024-25 के दौरान 7.6% की अच्छी वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है, जबकि 2023-24 के दौरान 5.6% की वृद्धि दर्ज की गई थी।