पोर्ट ब्लेयर के स्वयंसेवक श्री हरिनारायण अरोड़ा ने 1962 में हिंदी साहित्य कला परिषद् की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने प्रशासन से वार्षिक अनुदान प्राप्त कर हिंदी कक्षाओं एवं वार्षिक हिंदी पखवाड़ा आयोजित किया। उन्होंने पूरे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किए।
1975 में श्री हरिनारायण अरोड़ा इन द्वीपों में विश्व हिंदू परिषद् की स्थापना करने में अग्रणी रहे। उनकी लगन के कारण ही हिंदू संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं हिंदू दर्शन और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए पोर्ट ब्लेयर में विश्व हिंदू परिषद् की शाखा खोली गई। वह लगभग छह वर्षों तक परिषद् के अध्यक्ष भी रहे। श्री हरिनारायण अरोड़ा हमेशा समाज सेवा और गरीबों एवं जरूरतमंदों की मदद करने में आगे रहते थे।


