फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा
फ्रांस के राष्ट्रपति श्री इमैनुएल मैक्रों प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर 17-19 फरवरी के बीच भारत की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लिया। श्री मैक्रों और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता की और 17 फरवरी को मुंबई में संयुक्त रूप से भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति श्री मैक्रों की यह भारत की चौथी यात्रा है, जबकि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फरवरी, 2025 में फ्रांस का दौरा किया था।
दोनों नेताओं ने आगामी दशकों में द्विपक्षीय सहयोग को दिशा देने के लिए संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। यह उन्नयन भारत-फ्रांस संबंधों पर दोनों नेताओं की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक कल्याण के लिए एक ऐसी शक्ति के रूप में कार्य करना है जो न केवल उनकी अर्थव्यवस्थाओं में समृद्धि और मजबूती लाना और उनके देशों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना है, बल्कि तेजी से बदलते और अनिश्चित वैश्विक परिदृश्य में चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करना भी है।
फ्रांस विश्व में भारत के प्रमुख रक्षा साझेदारों में से एक
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग का लंबा इतिहास रहा है। रक्षा प्लेटफार्मों के सह-डिजाइन, सह-विकास और सह-उत्पादन पर केंद्रित होने के साथ यह सहयोग और भी गहरा हुआ है। फ्रांस विश्व में भारत के प्रमुख रक्षा साझेदारों में से एक है। दोनों देशों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया है और इसमें बड़ी क्षमता वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों एवं उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों जैसे उभरते क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर सार्थक चर्चाएं शामिल हैं।
राष्ट्रपति श्री मैक्रों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को 2026 में फ्रांस की मेजबानी में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने के महत्व को भी रेखांकित किया और भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन का स्वागत किया, जिसके दौरान भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता संपन्न हुई। मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत, फ्रांस और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग के नए अवसर खोलेगा, हमारे व्यवसायों की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेगा और सतत समृद्धि और सुदृढ़ मूल्य शृंखलाओं के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
दोनों पक्षों ने ईरान और क्षेत्र में हाल के चिंताजनक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान खोजने की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया।
भारत-फ्रांस के बीच प्रमुख समझौते
भारत-फ़्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर उन्नत करना
उन्नत साझेदारी और ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता की शुरुआत
कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर बनाने की फैक्ट्री (असेम्बली लाइन) का उद्घाटन
भारत और फ़्रांस के बीच रक्षा सहयोग के पुराने समझौते का नवीनीकरण
भारत में हैमर मिसाइल बनाने के लिए BEL और सफरान के बीच जॉइंट वेंचर
भारत और फ्रांस की सेना के अधिकारी अब एक-दूसरे के एस्टैब्लिशमेंट्स पर तैनात होकर अनुभव साझा करेंगे
क्रिटिकल मिनरल्स और मेटल्स में आपसी सहयोग हेतु संयुक्त घोषणा पत्र
भारत और फ्रांस के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट पर प्रोटोकॉल में संशोधन
एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने हेतु आशय पत्र पर हस्ताक्षर
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल, भारत और फ़्रांस ने रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग समझौते को आगे बढ़ाया

