‘बजट भारत के दीर्घकालिक विकास और ‘विकसित भारत’ विजन के लिए दिशा तय करता है’

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                                                 लोकसभा में आम बजट पर चर्चा

केंद्रीय वित्त मंत्री; तथा कारपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 11 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर आम चर्चा का जवाब देते हुए इसे भारत के दीर्घकालिक बदलाव के लिए एक अहम फाइनेंशियल रोडमैप बताया। श्रीमती सीतारमण के जवाब का सारांश निम्न है

      यह 21वीं सदी के दूसरे तिमाही में तैयार किया गया पहला बजट है। इसीलिए इस बजट में वर्ष 2026 से वर्ष 2050 तक के कई विषय शामिल हैं। फिर हम वित्त आयोग यानी 16वें वित्त आयोग का नया पांच साल का चक्र भी शुरू कर रहे हैं, जो 01 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा। इसलिए यह अनुमान काफी हद तक वित्त आयोग की सिफारिशों पर हैं। मैं सिफारिशों के अनुसार अगले पांच सालों का ध्यान रख रही हूं। इसीलिए आप आज जो कुछ दीर्घकालिक निवेश कर रहे हैं, उनका असर दीर्घकालिक होगा। हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत कर रहे हैं। हम कार्बन कैप्चर जैसे कटिंग-एज एरिया में निवेश कर रहे हैं, क्योंकि कार्बन कैप्चर एक बहुत ही ज़रूरी तरीका है, जिससे हमारा 2070 का नेट ज़ीरो का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हम इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी अपना काम जारी रखे हुए हैं। अब यह सिर्फ सड़कों या नेशनल हाईवे तक ही सीमित नहीं हैं; यह जलमार्गों पर भी ध्यान दे रहा है ताकि इस देश में लॉजिस्टिक्स की लागत कम हो सके।

मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए हम राज्यों के साथ काम करने को तैयार हैं, खासकर इंडस्ट्रियल टेक्सटाइल, ऐसे टेक्सटाइल जो नए ज़माने के होने वाले हैं। हम पशुपालन और मछली पालन पर भी ज़ोर दे रहे हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि हर सरकार की रणनीति अर्थव्यवस्था में पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देना है। उस लक्ष्य के लिए हमने असरदार तरीके से 17.15 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। यह एक फोर्स मल्टीप्लायर की तरह काम करेगा और विकसित भारत की तरफ हमारे कदमों में तेजी लाएगा। बुज़ुर्गों की देखभाल के लिए हम इस साल 1.5 लाख प्रशिक्षित केयरगिवर्स का कार्यबल तैयार कर रहे हैं। वे वेलनेस योगा और असिस्टिव डिवाइस ऑपरेशन कर पाएंगे। इस तरह इस वर्ष 1.5 लाख लोगों को सीधे नौकरी के मौके मिलेंगे।

इस साल 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग

वेटेरिनरी प्रोफेशनल्स के लिए एक लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे गांवों में वेटेरिनरी प्रोफेशनल्स के तौर पर काम करने के लिए 20,000 से ज़्यादा लोगों के लिए मौके और रोज़गार पैदा होंगे। हम इस साल 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग देंगे। उन्हें 20 आइकॉनिक टूरिज्म सेंटर्स में तैनात किया जाएगा। शी-मार्ट योजना की भी घोषणा की गई है। इसका मतलब है सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से निकलने वाली महिलाओं को बढ़ावा देना, सपोर्ट करना और मार्केटिंग में मदद देना।

दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत हम दिव्यांगजनों के लिए संवेदनशीलता और सम्मान के साथ कस्टमाइज़्ड ट्रेनिंग देंगे। दिव्यांग लोगों को आईटी, टेक्नोलॉजी, एवीजीसी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी नौकरी मिलेगी। हम इन क्षेत्रों पर फोकस करके युवाओं को इन क्षेत्रों में नौकरियों लिए ट्रेनिंग दे रहे हैं और उन्हें एआई के बारे में बता रहे हैं।

बजट में एआई से चलने वाली टेक्नोलॉजी की घोषणा की गई थी। यह एक मल्टीलिंगुअल एआई टूल होगा। यह हर किसान की पहचान करके उनकी फसल, मिट्टी की गुणवत्ता और खाद की ज़रूरतों के बारे में पूरी तरह से डिजिटाइज़्ड जानकारी एग्रीस्टैक में स्टोर करेगा। इससे पैदावार बढ़ेगी और किसानों की इनकम बढ़ेगी। नारियल प्रमोशन स्कीम के तहत पुराने और फल न देने वाले पेड़ों को बदला जाएगा। इससे 1 करोड़ किसानों को तुरंत फायदा होगा। इस बार मखाना बोर्ड स्कीम में 90 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। बिहार सरकार ने इसके लिए ज़मीन प्रदान की है। इस पर काम ज़रूर आगे बढ़ेगा। कॉटन टेक्नोलॉजी मिशन, दालों के लिए मिशन और सब्जियों और फलों के लिए मिशन को एक साथ मिला दिया गया है। केंद्र द्वारा स्पॉन्सर्ड स्कीम को अभी कृषि उन्नति योजना कहा जाता है और इन तीनों के लिए फंड इसी के तहत मिलेगा।

फ़ूड सब्सिडी के लिए 2.27 लाख करोड़ रुपये

हम डेटा सेंटर्स को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि डेटा भारत में ही रहे और लोकल युवाओं को रोज़गार मिले। बजट में फ़ूड सब्सिडी के लिए कुल 2.27 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। हम अभी भी 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त खाना दे रहे हैं। इंडस्ट्रीज़ लगाने के लिए बजट में 4064 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये से ज़्यादा आंवटित किए गए हैं। हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर के लिए 350 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया गया है। न्यूक्लियर पावर के लिए 2,500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए 600 करोड़ रुपये दिए गए हैं।