भारत की प्रगति नारी शक्ति से प्रेरित है : प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री का राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का उत्तर

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छह फरवरी को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में भारत की उपलब्धियां, दुनिया की भारत से अपेक्षाएं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में आम आदमी का विश्वास समाहित है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण प्रेरक, प्रभावी और भविष्य के कार्यों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने वाला था। श्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया

2014 से लगातार सेवा करने का अवसर देने के लिए भारत की जनता का आभार व्‍यक्‍त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह हमारे विकास के मॉडल का प्रमाण है, जिसे जनता ने परखा है, समझा है और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ वाक्यांश उनके विकास के मॉडल को दर्शाता है और यह सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

श्री मोदी ने कहा, “भारत की प्रगति नारी शक्ति से प्रेरित है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर महिलाओं को अवसर दिए जाएं और वे नीति-निर्माण का हिस्सा बनें, तो इससे देश की प्रगति में और गति आ सकती है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि नई संसद में सरकार का पहला निर्णय नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित था।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को कभी भारत रत्न के योग्य नहीं समझा। श्री मोदी ने कहा कि इसके बावजूद देश की जनता ने हमेशा डॉ. अंबेडकर की भावना और आदर्शों का सम्मान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज के सभी वर्गों से मिले इस सम्मान के कारण ही अब सभी दलों के लोग अनिच्छा से ही सही, लेकिन ‘जय भीम’ कहने को मजबूर हैं।

गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की अनदेखी की गई थी, उन्हें अब प्राथमिकता दी जा रही है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा बजट ने चमड़ा और फुटवियर उद्योग जैसे विभिन्न छोटे क्षेत्रों को स्पर्श किया है, जिससे गरीबों और वंचितों को लाभ हुआ है।

आपातकाल: सत्ता की खातिर संविधान को कुचला गया

आपातकाल के दौरान देश के अनुभवों को याद करते हुए, जिस दौरान सत्ता की खातिर संविधान को कुचला गया और उसकी मूल भावना को रौंदा गया, श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि देश को यह याद है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि आपातकाल के दौरान प्रसिद्ध वरिष्ठ अभिनेता श्री देव आनंद से आपातकाल का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने का अनुरोध किया गया था। श्री देव आनंद ने साहस दिखाया और इसका समर्थन करने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप दूरदर्शन पर उनकी सभी फिल्मों को प्रतिबंधित कर दिया गया।

श्री मोदी ने कहा, “आज मध्यम वर्ग आत्मविश्वास से भरा हुआ है, जो अभूतपूर्व है और राष्ट्र को बहुत मजबूत बनाता है।” उन्होंने इस बात पर दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय मध्यम वर्ग विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित और पूरी तरह तैयार है, जो मजबूती से खड़ा है और एक साथ आगे बढ़ रहा है।

पिछले एक दशक में रक्षा उत्पाद निर्यात में दस गुना वृद्धि

रक्षा विनिर्माण में भारत की उपलब्धियों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में रक्षा उत्पाद निर्यात में दस गुना वृद्धि हुई है, साथ ही सोलर मॉड्यूल विनिर्माण में भी दस गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक है”, जबकि पिछले एक दशक में मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में तेजी से वृद्धि देखी गई है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि खिलौनों का निर्यात तीन गुना से अधिक हो गया है और कृषि रसायन निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

‘विकसित भारत’ के विजन को आत्मसात करने की सभी भारतीयों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक सरकार या एक व्यक्ति का संकल्प नहीं है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है।