भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में बढ़कर 714.73 बिलियन डॉलर पहुंचा

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   केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा 24 मार्च को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार वैश्विक अनिश्चितता, आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और अस्थिर वस्तु कीमतों के बावजूद भारत का निर्यात व्यापक रूप से बढ़ता रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-जनवरी के दौरान वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 36 बिलियन डॉलर बढ़कर 714.73 बिलियन डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल-जनवरी) के 679.02 बिलियन डॉलर से 5.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2021-22 से 2024-25 की अवधि में निर्यात में 6.9 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप निर्यात मूल्य 2020-21 में 497.90 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 828.25 बिलियन डॉलर हो गया।

केंद्र सरकार पारंपरिक शक्तियों को उभरते प्रौद्योगिकी-आधारित सेक्टरों के साथ जोड़ते हुए निर्यात को बढ़ावा देने और देश की वैश्विक उपस्थिति को विस्तारित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस महत्वाकांक्षा का मूल उद्देश्य एक ऐसा सहायक इकोसिस्टम तैयार करना है जहां निर्यातक, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमी (एमएसएमई), अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आत्मविश्वास से प्रतिस्पर्धा कर सकें। इस प्रयास को एक गतिशील नीतिगत ढांचा, मजबूत वित्तीय प्रोत्साहन, बढ़ते डिजिटल अवसंरचना, बेहतर व्यापार सुविधा और अगली पीढ़ी के व्यापार समझौतों के माध्यम से बाजार तक गहरी पहुंच सुनिश्चित करने के दृढ़ प्रयास से बल मिल रहा है।