मोदी जी का सरल एवं सादगीपूर्ण जीवन जीने का तरीका

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मोदी स्टोरी               —गोकुल कुन्नाथ, एनआरआई, अटलांटा (अमेरिका)

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने जीवन के शुरुआती दिनों से ही सादगीपूर्ण जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं। वे सादगीपूर्ण जीवनशैली में विश्वास करते हैं। यह गुण उनकी युवावस्था के दौरान भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता था, यह खासकर उनकी यात्राओं के दौरान भी देखने को मिलता था।

श्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 1997 में भारतीय प्रवासियों द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अमेरिका गए थे। उस समय वह भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व निभा रहे थे। इस यात्रा के दौरान श्री मोदी की मुलाकात अटलांटा में रहने वाले एनआरआई श्री गोकुल कुन्नाथ से हुई।

श्री कुन्नाथ अटलांटा हवाई अड्डे पर श्री मोदी को लेने गए थे। जैसे कि अन्य लोग उम्मीद कर रहे थे कि श्री मोदी यहां लंबे समय तक रुकने वाले हैं, ऐसा ही सोचते हुए श्री कुन्नाथ ने भी माना कि श्री मोदी बहुत सारा सामान लेकर आए होंगे। हालांकि, उन्हें आश्चर्य हुआ कि श्री मोदी केवल एक छोटे ब्रीफकेस के आकार का बैग लेकर आ रहे थे।

श्री कुन्नाथ को लगा कि बाकी सामान अभी भी एयरलाइन से आ रहा होगा। जब उन्होंने पूछा कि क्या सामान रास्ते में है, तो श्री मोदी ने शांति से जवाब दिया, “कोई अन्य सामान नहीं है। यात्रा के लिए मेरे पास बस इतना ही है।”

इस पल ने श्री कुन्नाथ पर अमिट छाप छोड़ी। यह श्री नरेन्द्र मोदी की सादगी भरी जीवनशैली को दर्शाता है – जो सादगी से कहीं बढ़कर है। एक प्रचारक के अनुशासन को दर्शाता है, जो बिना किसी अतिशयता के जीवन जीते हैं। श्री गोकुल कुन्नाथ कहते हैं कि यह दृष्टिकोण आज भी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन को परिभाषित करता है।