अमेरिकी सरकार ने भारत को करीब 300 प्राचीन कलाकृतियों को वापस लौटाया : नरेन्द्र मोदी

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चार हजार साल पुरानी कलाकृतियों से लेकर 19वीं सदी तक की कलाकृतियों को अमेरिका ने वापस किया

‘मन की बात’

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 114वीं कड़ी में 29 सितंबर को कहा कि आज का ये एपिसोड मुझे भावुक करने वाला है, मुझे बहुत सी पुरानी यादों से घेर रहा है। कारण ये है कि ‘मन की बात’ की हमारी इस यात्रा को 10 साल पूरे हो रहे हैं। 10 साल पहले ‘मन की बात’ का प्रारंभ 3 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन हुआ था और ये कितना पवित्र संयोग है कि इस साल 3 अक्टूबर को जब ‘मन की बात’ के 10 वर्ष पूरे होंगे, तब नवरात्रि का पहला दिन होगा।

श्री मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ के श्रोता ही इस कार्यक्रम के असली सूत्रधार हैं। आमतौर पर एक धारणा ऐसी घर कर गई है कि जब तक चटपटी बातें न हो, नकारात्मक बातें न हो तब तक उसको ज्यादा तवज्जो नहीं मिलती है, लेकिन ‘मन की बात’ ने साबित किया है कि देश के लोगों में पॉजिटिव जानकारी की कितनी भूख है।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में हमने देखा कि लोग भी चकोर पक्षी की तरह देश की उपलब्धियों को, लोगों की सामूहिक उपलब्धियों को कितने गर्व से सुनते हैं। ‘मन की बात’ की 10 वर्ष की यात्रा ने एक ऐसी माला तैयार की है, जिसमें हर एपिसोड के साथ नई गाथाएं, नए कीर्तिमान, नए व्यक्तित्व जुड़ जाते हैं। हमारे समाज में सामूहिकता की भावना के साथ जो भी काम हो रहा हो, उन्हें ‘मन की बात’ के द्वारा सम्मान मिलता है।

‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम सभी को अपनी विरासत पर बहुत गर्व है और मैं तो हमेशा कहता हूं ‘विकास भी-विरासत भी’। यही वजह है कि मुझे हाल की अपनी अमेरिका यात्रा के एक खास पहलू को लेकर बहुत सारे संदेश मिल रहे हैं। एक बार फिर हमारी प्राचीन कलाकृतियों की वापसी को लेकर बहुत चर्चा हो रही है।

श्री मोदी ने कहा कि अमेरिका की मेरी यात्रा के दौरान अमेरिकी सरकार ने भारत को करीब 300 प्राचीन कलाकृतियों को वापस लौटाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने पूरा अपनापन दिखाते हुए डेलावेयर (Delaware) के अपने निजी आवास में इनमें से कुछ कलाकृतियों को मुझे दिखाया।

उन्होंने कहा कि लौटाई गईं कलाकृतियां टेराकोटा, स्टोन, हाथी के दांत, लकड़ी, तांबा और कांसे जैसी चीजों से बनी हुई हैं। इनमें से कई तो चार हजार साल पुरानी हैं। चार हजार साल पुरानी कलाकृतियों से लेकर 19वीं सदी तक की कलाकृतियों को अमेरिका ने वापस किया है।

देश में लगभग बीस हजार भाषाएं और बोलियां

श्री मोदी ने कहा कि हमारे देश में लगभग बीस हजार भाषाएं और बोलियां हैं और ये सब की सब किसी-न-किसी की तो मातृ-भाषा है ही हैं। कुछ भाषाएं ऐसी हैं जिनका उपयोग करने वालों की संख्या बहुत कम है, लेकिन आपको यह जानकर खुशी होगी कि उन भाषाओं को संरक्षित करने के लिए आज अनोखे प्रयास हो रहे हैं। ऐसी ही एक भाषा है हमारी ‘संथाली’ भाषा। ‘संथाली’ को डिजिटल इनोवेशन की मदद से नई पहचान देने का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब हमारे दृढ़ संकल्प के साथ सामूहिक भागीदारी का संगम होता है तो पूरे समाज के लिए अदभुत नतीजे सामने आते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है ‘एक पेड़ मां के नाम’। ये अभियान अदभुत अभियान रहा, जन-भागीदारी का ऐसा उदाहरण वाकई बहुत प्रेरित करने वाला है।

श्री मोदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर शुरू किये गए इस अभियान में देश के कोने-कोने में लोगों ने कमाल कर दिखाया है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना ने लक्ष्य से अधिक संख्या में पौधारोपण कर नया रिकार्ड बनाया है। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में 26 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए। गुजरात के लोगों ने 15 करोड़ से ज़्यादा पौधे रोपे। राजस्थान में केवल अगस्त महीने में ही 6 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। देश के हजारों स्कूल भी इस अभियान में जोर-शोर से हिस्सा ले रहें हैं।