मोदी स्टोरी —गोकुल कुन्नाथ, एनआरआई-अटलांटा, यूएसए
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हमेशा से ही तकनीक की ताकत में दृढ़ता से विश्वास रखते आये हैं। 1990 के दशक में भी उन्हें पता था कि तकनीक जीवन को आसान एवं अधिक व्यवस्थित बना सकती है। वह निजी उपयोग के लिए जहां इसकी प्रशंसा करते थे, वही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यकुशलता को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका पर भी बात करते थे।
1997 में जब श्री मोदी अमेरिका गए थे, तो उनके मेजबानों ने तकनीक के प्रति उनके आकर्षण को महसूस किया। इस दौरान श्री नरेन्द्र मोदी अटलांटा में रहने वाले एनआरआई व्यवसायी श्री गोकुल कुन्नाथ के घर पर रुके थे। श्री कुन्नाथ याद करते हैं कि उन्होंने जब श्री मोदी से पूछा कि क्या उन्हें अमेरिका से कुछ चाहिए, तो इस प्रश्न के उत्तर में श्री मोदी ने सरल लेकिन महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा उन्हें एक माइक्रो कंप्यूटर चाहिए।
यह डिवाइस 3,000-4,000 नाम, फोन नंबर और पते स्टोर कर सकती थी। तब भी श्री नरेन्द्र मोदी इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे कि कैसे तकनीक उन्हें भाजपा के भीतर अपने काम को व्यवस्थित करने और आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

