हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ होता है : नरेन्द्र मोदी

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पहली बार देश और दुनिया के श्रद्धालु डिजिटल महाकुंभ के साक्षी बनेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 29 दिसंबर को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 117वीं कड़ी में कहा कि महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है। कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परंपराएं, सैकड़ों संप्रदाय, अनेक अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है।

श्री मोदी ने कहा कि कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है, कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ भी होता है। इस बार का महाकुंभ भी एकता के महाकुंभ के मंत्र को सशक्त करेगा।

उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे कहूंगा, जब हम कुंभ में शामिल हों, तो एकता के इस संकल्प को अपने

कुंभ में कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है, कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ भी होता है

साथ लेकर वापस आयें। हम समाज में विभाजन और विद्वेष के भाव को नष्ट करने का संकल्प भी लें। श्री मोदी ने कहा कि अगर कम शब्दों में मुझे कहना है तो मैं कहूंगा…महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश और अगर दूसरे तरीके से कहना है तो मैं कहूंगा…गंगा की अविरल धारा, न बंटे समाज हमारा।

डिजिटल महाकुंभ

श्री मोदी ने कहा कि इस बार प्रयागराज में देश और दुनिया के श्रद्धालु डिजिटल महाकुंभ के भी साक्षी बनेंगे। डिजिटल नेविगेशन की मदद से आप अलग-अलग घाटों, मंदिरों और साधुओं के अखाड़ों तक पहुंच सकेंगे। यही नेविगेशन सिस्टम आपको पार्किंग स्थलों तक पहुंचने में भी मदद करेगा। कुंभ आयोजन में पहली बार एआई चैटबॉट का इस्तेमाल किया जाएगा। एआई चैटबॉट के ज़रिए कुंभ से जुड़ी हर तरह की जानकारी 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगी। कोई भी व्यक्ति इस चैटबॉट के माध्यम से टेक्स्ट टाइप करके या बोलकर किसी भी तरह की मदद मांग सकता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे आज भारतीय संस्कृति की चमक दुनिया के कोने-कोने में फैल रही है। उन्होंने ताजमहल की एक शानदार पेंटिंग का जिक्र किया, जिसे मिस्र की एक 13 वर्षीय दिव्यांग लड़की ने अपने मुख से बनाया है। श्री मोदी ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले मिस्र के लगभग 23 हजार छात्रों ने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें उन्हें भारतीय संस्कृति और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाती पेंटिंग बनानी थी। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी रचनात्मकता की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम होगी।

मलेरिया के मामलों में 80 प्रतिशत की कमी

श्री मोदी ने मलेरिया और कैंसर के खिलाफ लड़ाई में हासिल की गई उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये दोनों उपलब्धियां आज दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में वर्ष 2015 और वर्ष 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और इसके कारण होने वाली मौतों की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।

कैंसर के खिलाफ लड़ाई पर श्री मोदी ने विश्व प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल लैंसेट के एक अध्ययन का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि भारत में समय पर कैंसर का इलाज शुरू होने की संभावना बहुत बढ़ गई है। प्रधानमंत्री ने कैंसर रोगियों को 30 दिनों के अंदर समय पर उपचार सुनिश्चित करने में ‘आयुष्मान भारत योजना’ की भूमिका पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इस योजना की वजह से 90 प्रतिशत कैंसर रोगी समय पर अपना इलाज शुरू कर पाए हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि पहले पैसे की कमी के कारण गरीब मरीज कैंसर की जांच और उसके इलाज से कतराते थे। अब ‘आयुष्मान भारत योजना’ उनके लिए बड़ा सहारा बन गई है। अब वे अपना इलाज कराने के लिए आगे आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने कैंसर के इलाज में आने वाली पैसों की परेशानी को काफी हद तक कम किया है।

श्री मोदी ने ‘मन की बात’ के अंत में कहा कि हमारा भारत, विविधता में एकता के साथ आगे बढ़ रहा है। चाहे वो खेल का मैदान हो या विज्ञान का क्षेत्र, स्वास्थ्य हो या शिक्षा – हर क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हमने एक परिवार की तरह मिलकर हर चुनौती का सामना किया और नई सफलताएं हासिल कीं।