श्री रेबती बिस्वास का जन्म बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में हुआ था, लेकिन बाद में वह अंडमान के डिगलीपुर गांव में आकर बस गये थे। श्री बिस्वास 21 वर्ष की अल्पायु में ही गोपाल जी महाराज के शिष्य बने, इसके बाद वह हिंदू धर्म के और करीब आ गए। श्री बिस्वास भाजपा की विचारधारा से बहुत प्रभावित थे और 1990 में श्री बिष्णु पद के नेतृत्व में वह पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने अकेले ही देश के सबसे उत्तरी द्वीप डिगलीपुर में भाजपा को मजबूत करने का दायित्व उठाया।
दूरदराज के इलाकों में जाकर उन्होंने लोगों को भाजपा के बारे में जागरूक किया और अंततः कई लोग संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक बन गए। वर्ष 1996 में श्री बिस्वास के अथक प्रयासों से भाजपा उम्मीदवार श्री बिष्णु पद सांसद बनें। 2013 में किसान मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया कि डिगलीपुर के किसानों को समय पर खाद मिले।
इसके अलावा उन्होंने साल भर सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए कलपोंग नदी पर बांध बनाने का सुझाव दिया। श्री रेबती बिस्वास को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया। वर्ष 2005 में वह डिगलीपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत समिति के सदस्य भी चुने गए। उन्होंने पार्टी के लिए काम करना अधिक पसंद किया।


