पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री कबिंद्र पुरकायस्थ का 7 जनवरी, 2026 को निधन हो गया। वह 94 साल के थे। उनके निधन से असम की राजनीति, खासकर बराक घाटी क्षेत्र में एक युग का अंत हो गया। श्री पुरकायस्थ असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संरक्षक माने जाते थे। उन्होंने प्रदेश में पार्टी की संगठनात्मक नींव रखी, खासकर एक ऐसे समय में जो बेहद चुनौतिपूर्ण था।
असम में जन्मे श्री कबिंद्र पुरकायस्थ प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों से गहराई से जुड़े हुए थे। उन्होंने कम उम्र में ही सार्वजनिक जीवन में कदम रखा और अपनी कड़ी मेहनत, संगठनात्मक कौशल और सभी वर्गों के लोगों से जुड़ने की क्षमता के कारण धीरे-धीरे आगे बढ़े। उन्हें सिलचर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुना गया था, जहां उन्होंने ईमानदारी और साहस के साथ क्षेत्र की आकांक्षाओं और चिंताओं का प्रतिनिधित्व किया।
अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान श्री पुरकायस्थ केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। उन्होंने अपने मंत्रालय तहत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण नीति निर्माण के साथ ही उन्हें प्रभावी तौर पर लागू करने का कार्य किया। वे अपने अनुशासित दृष्टिकोण, संसद में रचनात्मक हस्तक्षेप और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। अलग-अलग पार्टियों के सहयोगी उनके विनम्र व्यवहार और मुद्दे-आधारित राजनीति के लिए उनकी प्रशंसा करते थे।
इसके अतिरिक्त श्री पुरकायस्थ को एक जमीनी नेता के रूप में याद किया जाता है, जो नागरिकों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री पुरकायस्थ के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि श्री पुरकायस्थ जी के निधन से उन्हें दु:ख हुआ है, समाज की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और असम की प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री पुरकायस्थ जी ने पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में श्री मोदी ने कहा, “पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री श्री कबिंद्र पुरकायस्थ जी के निधन से दु:खी हूं। समाज की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और असम की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने पूरे राज्य में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दु:ख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
श्री कबिंद्र पुरकायस्थ का जीवन विनम्रता, ईमानदारी और सार्वजनिक कर्तव्य के प्रति समर्पण से भरा था। सक्रिय राजनीति छोड़ने के बाद भी उन्होंने युवा नेताओं का मार्गदर्शन करना जारी रखा और सामाजिक कामों में लगे रहे। उनका जाना राजनीतिक जगत और उन लोगों के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है, जिनकी उन्होंने दशकों तक सेवा की।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री कबिंद्र पुरकायस्थ जी के निधन से बहुत दु:ख हुआ। उन्होंने अपना पूरा जीवन जमीनी स्तर से पार्टी बनाने और असम के विकास के लिए समर्पित कर दिया। कबिंद्र पुरकायस्थ जी असम की एक मजबूत आवाज थे, उन्होंने राज्य के मुद्दों को साफ और पक्के इरादे से उठाया।
संगठनात्मक काम से लेकर संसदीय जिम्मेदारियों तक उन्होंने हमेशा समर्पण के साथ समाज की सेवा की। उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति!”
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने भी उनके निधन पर दु:ख जताया। उन्होंने कहा, “असम के अनुभवी भाजपा नेता श्री कबिंद्र पुरकायस्थ जी के निधन से गहरा दु:ख हुआ। श्री पुरकायस्थ अटल बिहारी वाजपेयी जी की कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री रहे, उन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा और देश को समर्पित कर दिया। गहरी वैचारिक आस्था और अटूट संगठनात्मक समर्पण से प्रेरित होकर, उन्होंने असम में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखने में मदद की और इस क्षेत्र में इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शोक संतप्त परिवार, मित्रों और अनगिनत पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं, जिन्होंने उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा ली। ओम शांति।”

