कांग्रेस के नेतृत्व वाले महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ घोर विश्वासघात किया है : नितिन नवीन

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     भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने 17 अप्रैल, 2026 को संसद परिसर में कांग्रेस पार्टी और उसके इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों खासकर समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके द्वारा लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान और नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व के मार्ग में बार-बार रोड़े अटकाने को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को आड़े हाथों लिया और कहा कि विपक्ष के इस कृत्य ने उनके स्पष्ट महिला विरोधी सोच एवं उनकी मानसिकता को बेनकाब कर दिया है।

कांग्रेस गठबंधन का महिला विरोधी चरित्र उजागर

श्री नवीन ने कहा कि यह दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता था, परंतु कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के नेतृत्व वाले उनके महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ घोर विश्वासघात किया है। आज लोकसभा में कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और पूरे इंडी गठबंधन का असली महिला-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया। उन्होंने कहा कि यह अवसर महिलाओं की उचित भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता था, किंतु कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं को उनके न्यायोचित अधिकारों और हिस्सेदारी से वंचित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के माध्यम से कांग्रेस गठबंधन का महिला विरोधी चरित्र पूरी तरह और स्पष्ट रूप से उजागर हो गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने और विशेष रूप से स्वयं प्रधानमंत्रीजी ने, स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पार्टी अपने लिए कोई श्रेय नहीं चाहती। यह लड़ाई पहचान के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं के

देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली इस देश की महिलाएं अब कांग्रेस और उसके महिला विरोधी गठबंधन के खिलाफ दृढ़ता और एकजुटता के साथ खड़ी होंगी और पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि यह संकल्प एक सशक्त सामूहिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए

अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए है। श्रेय लेने की बात तो दूर कांग्रेस पार्टी ने वास्तव में अपने ही हितों के विरुद्ध कार्य किया और इस प्रक्रिया में अपनी स्वयं की साख को भी ठेस पहुंचाई।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके ‘महिला विरोधी गठबंधन’ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित न होने देकर देश की नारी शक्ति के साथ घोर विश्वासघात किया है। जिस कांग्रेस ने दशकों तक महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझा, आज उसने उनकी हिस्सेदारी और भागीदारी की सरेआम हकमारी की है, जो करोड़ों माताओं-बहनों के सपनों पर एक कायरतापूर्ण प्रहार है।

भाजपा इस मुद्दे को सड़कों पर लेकर जाएगी

श्री नवीन ने आश्वस्त किया कि जिस प्रकार माताओं और बहनों को उनका न्यायोचित हक देने से वंचित किया गया है, उसे देखते हुए भाजपा इस मुद्दे को निर्णायक रूप से सड़कों पर लेकर जाएगी। देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली इस देश की महिलाएं अब कांग्रेस और उसके महिला विरोधी गठबंधन के खिलाफ दृढ़ता और एकजुटता के साथ खड़ी होंगी और पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि यह संकल्प एक सशक्त सामूहिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए।

उन्होंने कहा कि भले ही यह विधेयक संसद में संख्या की दृष्टि से गिर गया हो, परंतु विपक्ष का महिला विरोधी गठबंधन देश भर की नारी शक्ति के दिलों में पहले ही स्थायी रूप से गिर चुका है। उन्होंने सदन के भीतर राहुल गांधी और उनकी टीम द्वारा प्रयुक्त भाषा पर गहरा आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आचरण में झलकती अराजक मानसिकता उन्हें अत्यंत व्यथित करती है। उन शब्दों को दोहराने से परहेज करते हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्णतः स्पष्ट कर दिया कि ऐसी मानसिकता को आने वाले समय में इस देश की महिलाओं की ओर से करारा जवाब मिलेगा।

श्री नवीन ने कहा कि खोखले वादे और नारी शक्ति का बार-बार अपमान करना ही कांग्रेस की असल राजनीति रही है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश महिलाओं को ‘शक्ति’ मानकर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित है, वहीं विपक्ष की यह नकारात्मक सोच उनके विकास विरोधी चरित्र को दर्शाती है। नारी शक्ति का यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है और आगामी चुनावों में देश की माताएं-बहनें अपने अधिकारों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाते हुए इस विश्वासघात का पूरा हिसाब चुकता करेंगी।