ऑपरेशन सिंदूर : आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प की निर्णायक उद्घोषणा

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     भारत जब 07 मई, 2026 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है, तब हम एक नये राष्ट्रीय संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं— जो न्याय, जुझारूपन और रणनीतिक दृढ़ता का प्रतीक बन गया है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ केवल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों के अद्वितीय साहस एवं संकल्प को याद करने का अवसर मात्र नहीं है। यह सतर्कता, राष्ट्रीय एकता और शांति तथा स्थिरता को खतरे में डालने वाले आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के निरंतर प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित करती है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक मील का पत्थर माना जाएगा— एक ऐसा क्षण जब पूरा राष्ट्र एकजुट होकर खड़ा हुआ, निर्णायक रूप से जवाब दिया और आतंकवाद के कहर से हर नागरिक की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर सशस्त्र बलों को नमन किया और नागरिकों से सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान के प्रतीक के रूप में सोशल मीडिया डिस्प्ले पिक्चर बदलने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सशस्त्र सेनाओं ने अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने की हिम्मत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया। पूरा देश हमारी सेनाओं के शौर्य को सलाम करता है। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इसने हमारे सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता, तत्परता और समन्वित शक्ति को भी उजागर किया। साथ ही, इसने हमारे बलों के बीच बढ़ते समन्‍वय को प्रदर्शित किया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों से राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली मजबूती को रेखांकित किया। आज, एक साल बाद भी, आतंकवाद को हराने और उसे पनपने में मदद करने वाले पूरे तंत्र को समूल नष्‍ट करने के अपने संकल्प पर हम पहले की तरह ही अडिग हैं।”

इस ऑपरेशन को भारत के राष्ट्रीय गौरव, न्याय और आतंकी कृत्यों के विरुद्ध कड़ा जवाब देने के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ पर हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्र रक्षा के संकल्प को कोटि-कोटि नमन। जिन आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने उन्हें मिट्टी में मिलाकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत हर अन्याय का निर्णायक उत्तर देना जानता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ राष्ट्र के स्वाभिमान, न्याय और अटूट संकल्प का प्रतीक है। यह गौरवशाली विजयगाथा उन ताकतों के लिए अंतिम चेतावनी है जो भारत की अखंडता को चुनौती देने का दुस्साहस करती हैं।”

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस मिशन के दौरान प्रदर्शित पेशेवर दक्षता और परिचालन समन्वय की सराहना करते हुए इसे आधुनिक सैन्य तत्परता और रणनीतिक क्षमता का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर हम अपने सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को नमन करते हैं, जिनका साहस और समर्पण राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करता आ रहा है। इस ऑपरेशन के दौरान उनके कार्यों में बेजोड़ सटीकता, सेवाओं के बीच सहज तालमेल और गहरा समन्वय देखने को मिला, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक सशक्त प्रतीक है; यह दर्शाता है कि जब भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण घड़ी आती है, तो हमारे सशस्त्र बल निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। यह भारत की आत्मनिर्भरता की ओर निरंतर प्रगति का भी एक प्रमाण है, जिसके माध्यम से हमारी क्षमता में वृद्धि हुई है और हमारी सहनशक्ति भी सुदृढ़ हुई है।”

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता और उसकी खुफिया एजेंसियों की प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया। उनके अनुसार ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक युगांतरकारी मिशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमारी सशस्त्र सेनाओं की अचूक प्रहार क्षमता की याद हमेशा दिलाता रहेगा। इतिहास इसे एक ऐसे दिन के तौर पर याद रखेगा जब हमारे सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, हमारी एजेंसियों की पैनी खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति—ये तीनों एक होकर सीमा पार मौजूद आतंकवाद के हर उस ठिकाने को नेस्तनाबूद करने के लिए उठ खड़े हुए, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर अपना बुरा साया डालने की हिमाकत की थी। यह दिन हमारे दुश्मनों के लिए यह खौफनाक संदेश लेकर आता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, वे बच नहीं सकते। वे हर पल हमारी नज़रों में और हमारी मारक क्षमता के प्रचंड कोप की जद में हैं। इस अवसर पर, मैं हमारी सेनाओं के अद्वितीय शौर्य को नमन करता हूं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी सशस्त्र बलों की बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा, “भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि उसके लोगों के लिए हर खतरे का जवाब पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ दिया जाएगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’नाप ने हमारे सशस्त्र बलों की अद्भुत सटीकता, साहस और प्रतिबद्धता को दर्शाया है, जिससे यह साबित होता है कि आतंकी नेटवर्क कभी

भारतीय वायु सेना ने विशेष फुटेज जारी किया

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय वायु सेना ने 7 मई, 2026 को उस सैन्य अभियान का विशेष फुटेज जारी किया, जिसमें घातक पहलगाम हमले से जुड़े आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। 88 सेकंड का यह वीडियो भारत के हालिया आतंकवाद-रोधी अभियानों में से एक में पैमाने, सटीकता और तालमेल की एक रोमांचक झलक दिखाता है। ‘एक राष्ट्र का संकल्प’ शीर्षक के साथ शुरू होने वाली इस वीडियो में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी यह घोषणा करते हुए दिखाई देते हैं, “भारत हर आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा और उन्हें सज़ा देगा।” यह बयान उच्च-स्तरीय वॉर-रूम चर्चाओं की एक शृंखला के साथ प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और ऑपरेशन की रणनीतिक योजना की देखरेख करने वाले वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हैं। इसके बाद फुटेज एक्शन दृश्यों में बदल जाता है, जिसमें लड़ाकू विमानों को सटीक हमलों के लिए आसमान में उड़ान भरते हुए दिखाया गया है, साथ ही उन्नत नौसैनिक युद्ध प्रणालियों और समन्वित सैन्य तैनाती के दृश्य भी शामिल हैं। यह वीडियो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए तीनों सेनाओं के बेहतरीन तालमेल और तकनीकी क्षमताओं को रेखांकित करता है; गौरतलब है कि यह ऑपरेशन अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। भारतीय वायुसेना द्वारा सटीक हमले पाकिस्तान के नौ स्थानों पर किए गए थे— सवाई नाला, सैय्यदना बिलाल, कोटली अब्बास, कोटली गुलपुर, भिंबर, महमूना जोया, सरजल-लॉन्चपैड, मुरीदके और बहावलपुर।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की तीनों सेनाओं — भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना — के बीच उच्च स्तर के तालमेल का भी प्रदर्शन किया। इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकतों के बढ़ते एकीकरण और संयुक्त परिचालन क्षमता को उजागर किया, जो देश की रक्षा तैयारियों का एक प्रमुख पहलू बन गया है। इसके अलावा, इस मिशन ने स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत करने और सुरक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने में भारत द्वारा की गई प्रगति को भी प्रदर्शित किया

भी भारत के सुरक्षा बलों की पहुंच से बच नहीं सकते। इस मिशन ने खुफिया जानकारी, रणनीति और सैन्य कार्रवाई के बीच बेहतरीन तालमेल को उजागर किया है। हमारे सशस्त्र बलों की बेजोड़ बहादुरी, समर्पण और सेवा को मेरा नमन, जो पूरी शान के साथ राष्ट्र की रक्षा करना जारी रखे हुए हैं।”

आतंक के खिलाफ भारत के संकल्प का एक वर्ष

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलियां बरसा दीं, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। इसके जवाब में भारत ने 7 मई, 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। यह एक बड़े पैमाने का आतंकवाद-रोधी अभियान था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर से संचालित होने वाले आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करना था। 7 मई, 2026 को जब राष्ट्र इस अभियान की पहली वर्षगांठ मना रहा है, तब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आतंकवाद से दृढ़ता और सटीकता के साथ मुकाबला करने के भारत के संकल्प की एक ऐतिहासिक मिसाल के तौर पर व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।

इस अभियान को एक रणनीतिक और दंडात्मक जवाबी कार्रवाई के रूप में तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य सीमा पार सक्रिय आतंकवादी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शिविरों, प्रशिक्षण केंद्रों और ऑपरेशनल लॉन्चपैड को नष्ट करना था। सैन्य कार्रवाई और रणनीतिक संयम का तालमेल बिठाते हुए भारत ने बेहद सावधानी से सुनियोजित हमले किए। ये हमले विशेष रूप से आतंकवाद से जुड़े ठिकानों पर केंद्रित थे और ऑपरेशन के दौरान इस बात का भी पूरा ध्यान रखा गया कि आम नागरिकों का इस दौरान कोई नुकसान न हो।

इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने में भारतीय वायुसेना ने केंद्रीय भूमिका निभाई। वायुसेना ने सवाई नाला, सैय्यदना बिलाल, कोटली अब्बास, कोटली गुलपुर, भिंबर, महमूना जोया, सरजल लॉन्चपैड, मुरीदके और बहावलपुर जैसे ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इस अभियान की सफलता ने भारत की उस बढ़ती हुई क्षमता को दर्शाया है, जिसके तहत वह गति, सटीकता और प्रभावशीलता के साथ समन्वित और खुफिया जानकारी पर आधारित सैन्य अभियानों को अंजाम दे सकता है।

उच्च स्तर का तालमेल दिखाया

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की तीनों सेनाओं — भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना — के बीच उच्च स्तर के तालमेल का भी प्रदर्शन किया। इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकतों के बढ़ते एकीकरण और संयुक्त परिचालन क्षमता को उजागर किया, जो देश की रक्षा तैयारियों का एक प्रमुख पहलू बन गया है। इसके अलावा, इस मिशन ने स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत करने और सुरक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने में भारत द्वारा की गई प्रगति को भी प्रदर्शित किया।