प्रबुद्ध जन बैठक, हाजीपुर (बिहार)
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 24 अक्टूबर, 2025 को अपने बिहार प्रवास के दूसरे दिन हाजीपुर (बिहार) में एक महत्वपूर्ण प्रबुद्ध जन बैठक को संबोधित किया और एनडीए सरकार में बिहार में हर क्षेत्र में आये क्रांतिकारी बदलावों को रेखांकित करते हुए बिहार को पीछे धकलने की साजिश करने को लेकर महागठबंधन पर हमला करते हुए इसके घटक दलों को आड़े हाथों लिया। इससे पहले उन्होंने पटना में दो महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठकें कीं और बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा की तैयारियों की समीक्षा की।
श्री नड्डा ने कहा कि बिहार की भूमि से उनका विशेष लगाव है, क्योंकि उनका जन्म गंगा के उस पार पटना में 1960 में पीएमसीएच में हुआ था और उनका पालन-पोषण पटना में ही हुआ। उनके बीस साल इसी भूमि पर गुजरे, इसलिए उनका बचपन यहीं बीता।
यह दुर्भाग्य की बात है कि लगभग पंद्रह साल का एक ऐसा कालखंड आया, जब लालू यादव ने बिहार को बहुत ही नीचे पहुंचा दिया और जंगलराज की स्थिति पैदा की
उन्होंने कहा कि बिहार ने राष्ट्र को दिशा दी है और जब भी क्रांति हुई, जब भी आंदोलन हुआ, जब भी सामाजिक चेतना की बात आई तो इसमें सबसे आगे यही बिहार रहा। उन्होंने बताया कि उनकी शिक्षा पटना कॉलेज में हुई। जिसे कभी बिहार का ऑक्सफोर्ड कहा जाता था, उस पटना कॉलेज के कम से कम 20 प्रोफेसरों के नाम अमेरिकी प्रकाशनों में दर्ज हुआ करते थे। मगर यह दुर्भाग्य की बात है कि लगभग पंद्रह साल का एक ऐसा कालखंड आया, जब लालू यादव ने बिहार को बहुत ही नीचे पहुंचा दिया और जंगलराज की स्थिति पैदा की। लालू यादव ने जंगलराज के साथ अराजकता फैलाई और कानून व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके साथ-साथ बिहार में उद्योग के नाम पर अपहरण उद्योग शुरू किया। क्लिनिक से निकलने वाले डॉक्टरों का मर्डर कर दिया जाता था, कितनों का अपहरण किया गया। व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को पकड़-पकड़ कर ले जाया जाता था और बड़ी-बड़ी रकम की फिरौती मांगी जाती थी। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इनकी जो बातचीत होती थी वह भी मुख्यमंत्री निवास में हुआ करती थी। वे सारी बातें चश्मदीद गवाह के रूप में बता रहे हैं।
श्री नड्डा ने कहा कि आज लालू यादव के पुत्र तेजस्वी यादव पलायन की बात करते हैं। तेजस्वी यादव क्या पलायन की बात करेंगे, उनके पिताजी का बयान था कि यह हमारा बिहारी अंगोछा पहनकर जाता है और टाई सूट पहनकर लौटता है। लालू यादव ने बिहारियों को बहुत बुरी हालत में पहुंचा दिया था। तेजस्वी यादव क्या पलायन की बात करते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए और जनता से माफी मांगनी चाहिए कि जंगलराज के चलते लोगों को पलायन करना पड़ता था। अगर पिछले पंद्रह वर्ष के जंगलराज की बात करें तो उनके सामने सब कुछ दिखाई देता है, यह भी बताना चाहते हैं और वे बार-बार कहते हैं कि जब तक तकलीफ को याद नहीं रखोगे, तब तक सुख का आनंद नहीं ले पाओगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार दरभंगा के विकास के लिए 12,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है और पटना में भी विकास कार्य हो चुके हैं। मुजफ्फरपुर में कैंसर सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाए गए हैं। प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज, दरभंगा मेडिकल कॉलेज और रांची मेडिकल कॉलेज पहले थे, लेकिन आज बिहार में 27 मेडिकल कॉलेज काम कर रहे हैं। इस तरह से स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास को तरजीह दी गई है। बिहार में धर्मा दरभंगा एक्सप्रेस वे का काम भी तीव्र गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लगभग 75 लाख बहनों के खाते में 10,000 रुपए पहुंचे हैं और आगे 2,000 रुपए की व्यवस्था भी है। यह महिला सशक्तीकरण है और गांवों में महिलाओं की परिस्थिति में बदलाव और स्वरोजगार की ओर बढ़ने का माध्यम बन रहा है। यूथ कमीशन बनाया गया है और अपंग एवं बुजुर्गों की पेंशन की व्यवस्था की गई है। इस तरह विकास के साथ हर वर्ग को जोड़ने का काम हुआ है। बिहार में उजाले का समय आया है और इस उजाले को संभालना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए अगर इसे संभालना चाहते हैं तो श्री अवधेश सिंह को भरोसे के साथ काम सौंप सकते हैं।
श्री नड्डा ने कहा कि आज पटना भी अब दिल्ली का मुकाबला कर रहा है। उन्होंने प्रबुद्धजनों से अपील करते हुए कहा कि वे पूरी ताकत से भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के सहयोगियों का समर्थन करें और प्रचंड बहुमत के साथ एक बार पुनः बिहार में एनडीए की सरकार बनाए।

