‘तमिलगम थलाई निमिरा तमिलनिन पायनम यात्रा’, पुदुक्कोट्टई (तमिलनाडु)
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 04 जनवरी, 2026 को तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई में ‘तमिलगम थलाई निमिरा तमिलनिन पायनम यात्रा’ का समापन समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और कहा कि 12 अक्टूबर से पूरे तमिलनाडु में चली यह ‘तमिलगम थलाई निमिरा तमिलनिन पायनम यात्रा’ राज्य में परिवर्तन की मजबूत नींव बन चुकी है और अप्रैल, 2026 में तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनना तय है। भ्रष्टाचार, परिवारवाद और कुशासन से जूझ रहे तमिलनाडु को अब निर्णायक बदलाव की आवश्यकता है और यह बदलाव केवल भारतीय जनता पार्टी और एआईडीएमके के नेचुरल अलायंस के माध्यम से ही संभव है। कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री नैनार नागेंद्रन, केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल, श्री एल. मुरूगन, श्री अर्जुन राम मेघवाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री के. अन्नामलाई, श्री एन. रामचंद्रन एवं अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
श्री शाह ने कहा कि आज तमिलनाडु प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री नैनार नागेंद्रन की तमिलगम थलाई निमिरा तमिलनिन पायनम यात्रा का समापन समारोह है। उन्होंने विराट सभा के माध्यम से तमिलनाडु की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा से तमिलनाडु को भी जोड़ना होगा। इस यात्रा ने 12 अक्टूबर से आज तक लगभग पूरे तमिलनाडु में जनसंपर्क के कार्यक्रम किए हैं।
भ्रष्टाचार, परिवारवाद और कुशासन से जूझ रहे तमिलनाडु को अब निर्णायक बदलाव की आवश्यकता है और यह बदलाव केवल भारतीय जनता पार्टी और एआईडीएमके के नेचुरल अलायंस के माध्यम से ही संभव है
उन्होंने कहा कि हर मोर्चे पर डीएमके सरकार विफल रही है और पूरे भारत की सबसे भ्रष्टाचारी सरकार तमिलनाडु की सरकार है। अपने घोषणापत्र के वादों को सबसे कम पूरा करने वाली यदि कोई सरकार है, तो वह तमिलनाडु की डीएमके सरकार है। तमिलनाडु में माताओं-बहनों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। डीएमके सरकार का एकमात्र उद्देश्य स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना है, लेकिन अब तमिलनाडु में परिवारवादी राजनीति को समाप्त करने का समय आ गया है। पहले करुणानिधि, फिर स्टालिन और अब उदयनिधि स्टालिन, डीएमके का यह सपना पूरा होने वाला नहीं है। अप्रैल, 2026 में तमिलनाडु के भीतर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी और एआईडीएमके का गठबंधन एक नेचुरल अलायंस है।
श्री शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन ने यह अपप्रचार शुरू किया है कि एनडीए तमिल भाषा का विरोध कर रही है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। आईएएस और आईपीएस की परीक्षाओं को सबसे पहले तमिल भाषा में करवाने की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने करवाई। तमिलनाडु के रेलवे स्टेशनों पर तमिल भाषा में घोषणाएं करवाने का कार्य भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में तमिल पढ़ने के लिए सुब्रमण्यम भारतीय चेयर की शुरुआत, महान ग्रंथ तिरुक्कुरल का भारत की तेरह भाषाओं में अनुवाद भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कराया गया। मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षाएं तमिल भाषा में लेने की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने की, भारत सरकार ने फिजी में तमिल भाषा में शिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करवाई और महान सेंगोल को, जिसे वर्षों तक कांग्रेस और डीएमके ने म्यूजियम में रखा था, संसद में स्थापित करने का कार्य किया गया। हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर श्री राधाकृष्णनजी को चुनकर लाने का कार्य भी भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार आज भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है। उनके एक मंत्री जेल जाने के बाद भी 243 दिनों तक मंत्री पद पर बैठे रहे, एक नेता का नाम ‘कैश फॉर जॉब’ घोटाले में सामने आया, एक नेता का नाम मनी लॉन्ड्रिंग में आया, एक नेता रेत खनन के घोटाले में लिप्त है और एक नेता कोल घोटाले का आरोपी है। डीएमके का एक नेता 6 हजार करोड़ के सीआरआईडीपी में घोटाले के लिए आया है। तमिलनाडु की हर योजना में 20 प्रतिशत के भ्रष्टाचार की कट मनी का लोड है, पूरे तमिलनाडु का बजट केवल कर्ज और शराब की काली कमाई पर चलता है।
श्री शाह ने कहा कि आज इस सम्मेलन से सभी कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेकर जाना है कि 2024-25 भारतीय जनता पार्टी की विजय के वर्ष रहे हैं और अब 2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एनडीए और भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत से सरकार बनानी है।

