जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से भारत की चेतना का अभिन्न अंग रहा है: नरेन्द्र मोदी

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को गुजरात के डेडियापाड़ा में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न अवसंरचना और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कहते हुए कि ‘मां’ नर्मदा की पावन धरा आज एक और ऐतिहासिक अवसर की साक्षी बन रही है, श्री मोदी ने स्मरण किया कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 150वीं जयंती इसी स्थान पर मनाई गई थी और भारत की एकता तथा विविधता का उत्सव मनाने के लिए भारत पर्व की शुरुआत हुई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के भव्य समारोह के साथ हम भारत पर्व की परिणति के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूरे जनजातीय क्षेत्र में स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले गोविंद गुरु का आशीर्वाद भी इस आयोजन से जुड़ा है। मंच से उन्होंने गोविंद गुरु को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की

      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि डेडियापाड़ा और सागबारा क्षेत्र संत कबीर के उपदेशों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि वे संत कबीर की भूमि वाराणसी से सांसद हैं और इसलिए संत कबीर का उनके जीवन में विशेष स्थान है। मंच से उन्होंने संत कबीर को अपनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

श्री मोदी ने रेखांकित किया कि आज राष्ट्रीय विकास और जनजातीय कल्याण से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री जनमन और अन्य योजनाओं के तहत इस क्षेत्र के एक लाख परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। बड़ी संख्या में एकलव्य मॉडल स्कूलों और आश्रम विद्यालयों का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय में श्री गोविंद गुरु पीठ की स्थापना की गई है। स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन से जुड़ी कई अन्य परियोजनाएं भी आरंभ की गई हैं। उन्होंने इन विकास और सेवा कार्यों के लिए सभी को बधाई दी।

जनजातीय गौरव दिवस

श्री मोदी ने कहा कि 2021 में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को आधिकारिक तौर पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से भारत की चेतना का अभिन्न अंग रहा है। जब भी राष्ट्र के सम्मान, स्वाभिमान और स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न लगा, जनजातीय समुदाय सबसे आगे खड़ा रहा। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम इसी भावना का सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय के अनगिनत वीरों ने स्वतंत्रता की मशाल को आगे बढ़ाया।

श्री मोदी ने तिलका मांझी, रानी गाइदिन्ल्यू, सिद्धो-कान्हो, भैरव मुर्मू, बुद्धू भगत और अल्लूरी सीताराम राजू को जनजातीय समाज का प्रेरक व्यक्तित्व बताया। उन्होंने मध्य प्रदेश के टंट्या भील, छत्तीसगढ़ के वीर नारायण सिंह, झारखंड के तेलंगा खड़िया, असम के रूपचंद कोंवर और ओडिशा के लक्ष्मण नायक जैसे वीर व्यक्तियों का उल्लेख किया, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए असीम बलिदान दिए। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि जनजातीय समुदाय ने अनगिनत विद्रोहों का नेतृत्व किया और राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना खून बहाया।

यह उल्लेख करते हुए कि गुजरात में जनजातीय समुदाय के कई वीर देशभक्तों ने जन्म लिया है, प्रधानमंत्री ने भगत आंदोलन का नेतृत्व करने वाले गोविंद गुरु, पंचमहल में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध लंबी लड़ाई लड़ने वाले राजा रूपसिंह नायक, एकी आंदोलन के प्रणेता मोतीलाल तेजावत और गांधीजी के सिद्धांतों को जनजातीय समाज तक पहुंचाने वाली दशरीबेन चौधरी की चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत अध्याय जनजातीय गौरव और वीरता से सुशोभित हैं।

देश भर में कई जनजातीय संग्रहालय

श्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदाय के योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने बताया कि देश भर में कई जनजातीय संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं। जनजातीय भाषा संवर्धन केंद्र के लिए श्री गोविंद गुरु पीठ की स्थापना की घोषणा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह केंद्र भील, गामित, वसावा, गरासिया, कोंकणी, संथाल, राठवा, नायक, डबला, चौधरी, कोकना, कुंभी, वारली और डोडिया जैसे जनजातीय समुदायों की बोलियों का अध्ययन करेगा। इन समुदायों से जुड़ी कहानियों और गीतों को संरक्षित किया जाएगा।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि जनजातीय क्षेत्र कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, अपर्याप्त शिक्षा और निम्न कनेक्टिविटी से जूझ रहे हैं। ये कमियां जनजातीय क्षेत्रों की पहचान बन गईं, जबकि पिछली सरकारें निष्क्रिय रहीं। इस पर बल देते हुए कि जनजातीय कल्याण हमेशा उनकी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है, श्री मोदी ने जनजातीय समुदायों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने और विकास का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए सरकार के अटूट संकल्प की पुष्टि की।

श्री मोदी ने बल देकर कहा कि सरकार जनजातीय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात काम कर रही है। पिछले पांच-छह वर्षों में ही केंद्र सरकार ने देश भर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए हैं। छात्राओं के लिए स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। परिणामस्वरूप, इन विद्यालयों में नामांकन कराने वाले जनजातीय बच्चों की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

इस बात पर बल देते हुए कि उनकी सरकार जनजातीय समुदायों में सबसे पिछड़े वर्गों को विशेष प्राथमिकता दे रही है, श्री मोदी ने रेखांकित किया कि आज़ादी के दशकों बाद भी ऐसे क्षेत्र थे जहां बिजली, पानी, सड़क या अस्पताल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। ऐसे क्षेत्रों के विकास के लिए झारखंड के खूंटी से प्रधानमंत्री-जनमन योजना शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि इस पहल पर 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भी पिछड़े जनजातीय गांवों में विकास का एक नया अध्याय लिख रहा है। उन्होंने बताया कि देश भर के 60,000 से अधिक गांव इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की शक्ति से ओतप्रोत है। उन्होंने कहा कि इस मंत्र से पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है, राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया है और लंबे समय से उपेक्षित जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा में लाया है।

भगवान बिरसा मुंडा का व्यक्तित्व  एवं कृतित्व हम सभी के लिए प्रेरणादायी है: जगत प्रकाश नड्डा


“नई दिल्ली में ‘धरती आबा’, भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जन्मजयंती के अवसर कर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। अपने शौर्य और पराक्रम से जनजातीय समुदाय को संगठित कर अंग्रेज़ी हुक़ूमत के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। ‘जल, जंगल और ज़मीन’ एवं जनजातीय अस्मिता की रक्षा के लिए भगवान बिरसा मुंडा जी का व्यक्तित्व और कृतित्व हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।”

भगवान बिरसा मुंडा जी पूरे देश के गौरव हैं: अमित शाह



     “भगवान बिरसा मुंडा जी केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। आज पूरा देश हर्षोल्लास से उनकी 150वीं जयंती और ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मना रहा है। उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन और मातृभूमि की रक्षा के प्रति उनके अटूट संकल्प को नमन किया।”