शहरी क्षेत्र हमारे विकास केंद्र हैं: प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री ने पिछले 20 वर्ष के दौरान गुजरात के शहरी विकास पर केंद्रित समारोह को किया संबोधित

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 मई को गुजरात के गांधीनगर में पिछले 20 वर्षों के दौरान गुजरात शहरी विकास पर केंद्रित समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने शहरी विकास वर्ष 2005 के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों में वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और गांधीनगर की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की गर्जना और तिरंगे को फहराते हुए देशभक्ति के जोश का अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि यह देखने लायक दृश्य था और यह भावना केवल गुजरात में ही नहीं, बल्कि भारत के हर कोने में और हर भारतीय के दिल में थी। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत ने आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है और इसे पूरी दृढ़ता के साथ पूरा किया।”

श्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और स्थिरता की वकालत की है, लेकिन इसकी ताकत को बार-बार चुनौती दिए जाने के कारण सख्त जवाब की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से, जिसे छद्म युद्ध कहा जाता था, खासकर 6 मई की घटनाओं के बाद वह अब बदल गया है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए इस तरह के कृत्यों को छद्म युद्ध कहना एक गलती होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि 22 मिनट के भीतर नौ पहचाने गए आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, जिसमें कैमरा डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की गई, ताकि घरेलू स्तर पर किसी भी सबूत पर सवाल न उठाया जा सके। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि हाल की घटनाएं साबित करती हैं कि यह अब महज छद्म युद्ध नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की एक सोची-समझी और सुनियोजित सैन्य रणनीति है।

श्री मोदी ने शहरी विकास के प्रति गुजरात सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने 2005 में इस पहल की शुरुआत की थी और अब यह दो दशकों की प्रगति का जश्न मना रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि केवल उपलब्धियों का जश्न मनाने के बजाय सरकार ने पिछले 20 वर्षों से अपने अनुभवों का उपयोग शहरी विकास को लेकर अगली पीढ़ी के लिए अनुकूल भविष्य-केंद्रित रोडमैप बनाने के लिए किया है।

शहरी केंद्रों को जनसंख्या वृद्धि के कारण विस्तार करने के बजाय आर्थिक विकास के केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, “शहरों को आर्थिक गतिविधि के लिए सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करना चाहिए और नगर निकायों को उनके परिवर्तन के लिए सक्रिय रूप से योजना बनानी चाहिए।” उन्होंने देश भर के नगर निगम और महानगरीय अधिकारियों से अपने-अपने शहरों के लिए आर्थिक विकास का लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया।

ज्यादातर टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं लगभग दो लाख स्टार्टअप

श्री मोदी ने कहा कि जबकि बड़े उद्योग पारंपरिक रूप से महानगरीय क्षेत्रों के आसपास पनपते थे, ज्यादातर टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित लगभग दो लाख स्टार्टअप का उदय होना एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने गर्व के साथ स्वीकार किया कि इनमें से कई उपक्रमों का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जो आर्थिक और उद्यमशीलता की क्रांति की एक नई लहर का संकेत है।

प्रधानमंत्री ने गुजरात के बदलाव का उदाहरण देते हुए आर्थिक विकास को गति देने में पर्यटन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे कच्छ, जो कभी अपने रेगिस्तानी परिदृश्य के कारण अनदेखा किया जाता था, अब एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। श्री मोदी ने बताया कि दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा जैसी बड़े पैमाने की पहल ने धारणाओं को नया आकार दिया है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया है।