स्वतंत्र भारत में लगातार चुने जाने और सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। यह 140 करोड़ भारतीयों के उस अटूट विश्वास को दर्शाती है, जो उन्होंने ऐसे नेता में व्यक्त किया है, जिनकी राजनीति सेवा, समर्पण और देश को बदलने के दृढ़ संकल्प पर आधारित है। एक साधारण पृष्ठभूमि से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता बनने तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा ‘नए भारत’ की आकांक्षाओं और आशाओं का प्रतीक है। उनका यह ऐतिहासिक कार्यकाल लोकतांत्रिक जनादेश की शक्ति तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और विभिन्न पीढ़ियों के लोगों के साथ उनके गहरे जुड़ाव का प्रमाण है। लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसे उदाहरण बहुत कम ही देखने को मिलते हैं, जब किसी नेता को लगातार जनता का इतना व्यापक स्नेह और विश्वास प्राप्त हुआ हो और वह भी तब जब उनके नेतृत्व में इतने बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी सुधार सफलतापूर्वक लागू किए गए हों।
पिछले एक दशक में भारत ने नीतिगत पंगुता से निर्णायक शासन, भ्रष्टाचार-लिप्त व्यवस्था से पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन प्रणाली तथा लचर वैश्विक रुख से आत्मविश्वास से परिपूर्ण अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व की ओर एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़, दूरदर्शी और परिणामोन्मुख नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए हुए है। आज भारत एक वैश्विक डिजिटल शक्ति, ‘ग्लोबल साउथ’ की सशक्त और विश्वसनीय आवाज तथा ऐसा राष्ट्र बनकर उभरा है जो केवल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया ही नहीं देता,
एक साधारण पृष्ठभूमि से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता बनने तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा ‘नए भारत’ की आकांक्षाओं और उम्मीदों का प्रतीक है। उनका यह ऐतिहासिक कार्यकाल लोकतांत्रिक जनादेश की शक्ति तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और पीढ़ियों के लोगों के साथ उनके गहरे जुड़ाव का प्रमाण है
बल्कि वैश्विक विमर्श को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अनेक ऐतिहासिक सुधारों और राष्ट्र-निर्माण की पहलों को लागू किया गया है, जिन्होंने शासन और विकास के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), डिजिटल इंडिया, जन धन योजना, यूपीआई, आयुष्मान भारत, पीएम-आवास योजना, जल जीवन मिशन और पीएम-गति शक्ति जैसी पहलें नागरिकों को सशक्त बनाने, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा नई पीढ़ी के लिए अवसरों का विस्तार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मार्गदर्शक मंत्र ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे तथा देश के सबसे गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग भी प्रगति की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रणनीतिक स्पष्टता, निर्णायक नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के एक नए युग की शुरुआत की है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा ‘नक्सल-मुक्त भारत’ के लक्ष्य की दिशा में किए गए प्रयासों के साथ-साथ रक्षा क्षमताओं के सुदृढ़ीकरण जैसे कदमों ने भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय आत्मविश्वास को नई मजबूती प्रदान की है। इसके साथ ही, भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण पर दिया गया उनका विशेष बल भी उल्लेखनीय रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण से लेकर देशभर के अनेक पवित्र और ऐतिहासिक सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास एवं जीर्णोद्धार तक की पहलों ने करोड़ों भारतीयों में सांस्कृतिक गौरव और अपनी सभ्यतागत विरासत के प्रति नए आत्मविश्वास का संचार किया है। इस ऐतिहासिक कार्यकाल को वास्तव में असाधारण बनाने वाली बात यह है कि यह भारत के व्यापक और अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर के साथ जुड़ा रहा है। आज भारत पहले की तुलना में अधिक एकजुट, डिजिटल रूप से अधिक सशक्त, आर्थिक रूप से अधिक मजबूत और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है। कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी से निकलकर विश्व अर्थव्यवस्था के प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में स्थापित होने तक की भारत की यात्रा, सुधार, प्रदर्शन और प्रभावी जनसेवा पर आधारित शासन मॉडल की सफलता का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत करती है। 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकालने से लेकर करोड़ों नागरिकों को सशक्त बनाने तथा समाज के कमजोर, शोषित, वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के उत्थान तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने समावेशी विकास और निर्णायक शासन के एक नए युग की शुरुआत की है।
जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सार्वजनिक जीवन में एक और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं, तब उनके कार्यकाल का मूल्यांकन केवल दिनों, महीनों या वर्षों की अवधि से नहीं किया जा सकता। इसे जनाकांक्षाओं की पूर्ति, सृजित अवसरों और देश के भविष्य के प्रति पुनर्जीवित हुए विश्वास के आधार पर आंका जाएगा। करोड़ों भारतीयों के लिए उनका यह ऐतिहासिक कार्यकाल निरंतरता, स्थिरता और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक बन चुका है। जैसे-जैसे देश ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहा है, यह महत्वपूर्ण पड़ाव न केवल अब तक की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि उस महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी यात्रा को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का अवसर भी है, जो अभी निरंतर जारी है। भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 4,399 दिन पूरे होना तथा इससे पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्षों से अधिक समय तक सेवा, शासन और राष्ट्र-निर्माण के प्रति उनकी एक चौथाई सदी से अधिक की सतत एवं अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उनकी यह ‘अथक यात्रा’ अनुशासन, परिश्रम, दृढ़ संकल्प, अदम्य इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा के प्रति पूर्ण समर्पण का अनुपम उदाहरण है। यह यात्रा ‘मां भारती’ के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति भी है।

