सामाजिक रचना का आधार
दीनदयाल उपाध्याय पिछली बार जब हमने कुछ विचार किया था तो हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि कार्य का आधार...
दीनदयाल उपाध्याय पिछली बार जब हमने कुछ विचार किया था तो हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि कार्य का आधार...
राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के पश्चात् आज सबसे बड़ा प्रश्न हमारे सामने अर्थ का है। सामाजिक विकास...
दीनदयाल उपाध्याय गतांक का शेष साध्य से ही साधन की महत्ता है और ‘हम’ का यही अंतर है। महाभारत का उदाहर...
दीनदयाल उपाध्याय प्रत्येक देशभक्त व्यक्ति की ऐसी इच्छा होना स्वाभाविक ही है कि अपना देश वैभवशाली बने...
पटरी वालों का क्या किया जाए? क्या हम मानवता के दृष्टिकोण से इसका विचार कर सकते हैं? आज अधिकारी इस ना...
दीनदयाल उपाध्याय मनुष्य ने मशीन को अपनी सहायता और सुविधा के लिए बनाया, किंतु आज वह उसका गुलाम बन गया...
(भारतीय जनसंघ उत्तर प्रदेश के प्रादेशिक सम्मेलन सीतापुर,1953 के अवसर पर कार्यकर्ता शिविर के लिए दीनद...
भारतीय जनसंघ उत्तर प्रदेश के प्रादेशिक सम्मेलन सीतापुर,1953 के अवसर पर कार्यकर्ता शिविर के लिए दीनदय...
दीनदयाल उपाध्याय जनसंख्या, उसकी आवश्यकताएं, उन आवश्यकताओं की पूर्ति के साधन एवं व्यवस्था, इन तीनों क...
– पं. दीनदयाल उपाध्याय हमारी सदोष शिक्षा पद्धति भी बेकारी के लिए बहुत कुछ ज़िम्मेदार है। आज तो...
भारतीय जनसंघ का पहला राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन, कानपुर में 29 से 31 दिसंबर, 1952 को हुआ। इस अधिवेशन...
-दीनदयाल उपाध्याय भारत की एकता और अखंडता की साधना हमने सदा से की है। हमारे राष्ट्र का इतिहास इस साध...