उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘देवकमल’ के संपादक श्री राम प्रताप मिश्र ‘साकेती’ का 22 फरवरी, 2026 को बुलंदशहर में निधन हो गया। अयोध्या के अलावलपुर गांव में 1 मार्च, 1958 को उनका जन्म हुआ था, उन्होंने कड़ी मेहनत, मूल्यों और दृढ़ विश्वास के बल पर अपना जीवन जीया। ‘देवकमल’ के संपादक के रूप में उन्होंने इस पत्रिका को एक सशक्त मंच में बदला। अपने पूरे जीवनकाल में उन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता और प्रशासन के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एक प्रतिभाशाली कवि और अवधी गीतकार के रूप में ‘साकेती’ जी ने अपनी रचनात्मक कृतियों के माध्यम से साहित्य को समृद्ध किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राम प्रताप मिश्र के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “श्री राम प्रताप मिश्र ‘साकेती’ का आकस्मिक निधन अत्यंत दु:खद और हृदयविदारक है। उनके चले जाने से न केवल भारतीय जनता पार्टी परिवार ने एक समर्पित, मेहनती और निष्ठावान कार्यकर्ता खो दिया है, बल्कि समाज ने भी एक ऐसी शख्सियत को खो दिया है, जिसने अपना पूरा जीवन संगठन, विचारधारा और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया था।” उन्होंने कहा कि उनका जीवन अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने आगे कहा, “दु:ख की इस घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवार, उनके शुभचिंतकों और पूरे भाजपा परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति दें।” उत्तराखंड भाजपा मुख्यालय में एक शोक सभा आयोजित की गई, जहां नेताओं और सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अमूल्य योगदान को याद किया।

