शीतकालीन सत्र में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के पुनीत अवसर पर ऐतिहासिक चर्चा हुई। देश को एकजुट कर हर हृदय में राष्ट्रभक्ति का अलख जगाने वाला वंदे मातरम् गीत हर भारतीय के लिए आराध्य है। इस चर्चा से वंदे मातरम् की स्वतंत्रता आंदोलन में प्रभावी भूमिका का देश ने पुनःस्मरण कर अपनी कृतज्ञता प्रकट की। लोकसभा में 8 दिसंबर, 2025 को चर्चा का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि किस प्रकार से अंग्रेजी दासता के विरुद्ध वंदे मातरम् एक चट्टान की तरह
अंग्रेजी दासता के विरुद्ध वंदे मातरम् एक चट्टान की तरह अडिग खड़ा रहा। बाबू बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित राष्ट्रगीत पर हुई चर्चा इस आध्यात्मिक एवं देशभक्ति से ओतप्रोत गीत के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वाधीनता संग्राम को इससे मिली प्रेरणा पर केंद्रित रहा
अडिग खड़ा रहा। बाबू बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित राष्ट्रगीत पर हुई चर्चा आध्यात्मिक एवं देशभक्ति से ओतप्रोत इस गीत के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वाधीनता संग्राम को इससे मिली प्रेरणा पर केंद्रित रहा। हर पक्ष के सांसदों ने इस गीत के सांस्कृतिक प्रभाव, औपनिवेेशिक काल में राष्ट्र को एकजुट करना तथा भारत की सभ्यतागत विरासत की निरंतरता एवं प्रासंगिकता को रेखांकित किया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा, रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सहित सभी पक्षों के कई सांसदों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संघर्ष की गौरवशाली गाथा एवं समृद्ध सभ्यता का स्मरण करते हुए इस चर्चा में भाग लिया।
संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में चुनाव सुधारों पर दो दिवसीय व्यवस्थित चर्चा से भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा चुनाव प्रक्रिया की गरिमा की रक्षा का महत्व रेखांकित हुआ है। साथ ही, विपक्ष ने एसआईआर (SIR) का विषय उठाकर चुनाव सुधार पर हुई चर्चा के राजनीतिकरण का प्रयास किया। ध्यान देने योग्य है कि एसआईआर की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही है और इसका राजनीतिकरण करना चुनाव आयेाग जैसे एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था पर हमला है। आज जब पूरा देश मतदाता सूची के शुद्धीकरण कर मतदाता के अधिकारों की रक्षा का समर्थन कर रहा है, मतदाता सूची से गैरकानूनी नामों को निकालना आवश्यक हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का संसद में जवाब से न केवल इस विषय पर कांग्रेसनीत विपक्ष बेनकाब हुआ है, बल्कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए यह प्रयास कितना महत्वपूर्ण है, इससे देश परिचित हुआ है। इस दौरान चुनाव सुधारों पर व्यापक चर्चा हुई तथा चुनावों में वित्तीय पारदर्शिता, चुनाव आयोग की भूमिका, मतदान व्यवस्था की विश्वसनीयता तथा धनबल-बाहुबल के दुष्प्रभाव पर अंकुश लगाने पर विस्तृत सहभागिता हुई।
श्री नितिन नबीन के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व ग्रहण करने से संगठन में कार्यकर्ता का महत्व, विचारधारा में अटूट विश्वास, जनता के लिए अथक कार्य करने की प्रतिबद्धता तथा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है। भाजपा जो आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, अपने अनुपम कार्य-संस्कृति, समर्पण, कठोर परिश्रम एवं अनुशासित कार्यकर्ता के कारण जानी जाती है। अपने दूरदृष्टि वाले नेतृत्व एवं समर्पित कार्यकर्ता के कारण देश के हर भाग में भाजपा को जनता का अद्भुत आशीर्वाद, समर्थन एवं प्यार मिल रहा है। एक युवा एवं कर्मठ नेता के रूप में श्री नितिन नबीन निश्चित ही पार्टी को नई ऊंचाइयां देंगे। आज जब देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई एवं दूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, हर भाजपा कार्यकर्ता ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने के लिए कृतसंकल्पित है।

