भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर हुए सहमत

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     भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका 7 फरवरी, 2025 को पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते (अंतरिम समझौता) के ढांचे पर सहमत हो गए। यह समझौता पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित पारस्परिक और संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तें इस प्रकार होंगी:

भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा। इसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका, 2 अप्रैल, 2025 के कार्यकारी आदेश 14257 (बड़े और लगातार वार्षिक अमेरिकी माल व्यापार घाटे में योगदान देने वाली व्यापार प्रथाओं को सुधारने के लिए पारस्परिक टैरिफ के साथ आयातों को विनियमित करना), यथा संशोधित के तहत भारत में निर्मित वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा, जिसमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं और अंतरिम समझौते के सफल समापन के अधीन 5 सितंबर, 2025 के कार्यकारी आदेश 14346 (पारस्परिक टैरिफ की सीमा को संशोधित करना और व्यापार और सुरक्षा समझौतों को लागू करने के लिए प्रक्रियाओं की स्थापना करना), यथा कि संशोधित किया गया है, के अनुरूप भागीदारों के लिए संभावित टैरिफ समायोजन अनुबंध में पहचानी गई वस्तुओं की एक विस्तृत शृंखला पर पारस्परिक टैरिफ हटा देगा। इसमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जे शामिल हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के कुछ विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए उन टैरिफ को भी हटा देगा। यह टैरिफ 8 मार्च, 2018 की उद्घोषणा 9704 (संयुक्त राज्य अमेरिका में एल्युमीनियम के आयात को समायोजित करना), संशोधित रूप में; 8 मार्च, 2018 की उद्घोषणा 9705 (संयुक्त राज्य अमेरिका में इस्‍पात के आयात को समायोजित करना), य‍था संशोधित और 30 जुलाई, 2025 की

इससे भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप नवप्रवर्तकों और मछुआरों के लिए नए अवसर खुलेंगे: नरेन्द्र मोदी



प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सात फरवरी को भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर हुई सहमति का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के लिए बड़ी प्रसन्नता का विषय बताया।

सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल के भारत और अमेरिका के बीच उपरोक्त अंतरिम समझौते से संबंधित पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत और अमेरिका के लिए खुशखबरी! हम दोनों महान राष्ट्रों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।

यह रूपरेखा हमारी साझेदारी की बढ़ती प्रगाढ़ता, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप नवप्रवर्तकों, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ की परिकल्पना को मजबूत करता है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

भारत और अमेरिका नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह रूपरेखा हमारे बीच निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और प्रगाढ़ करेगी। यह रूपरेखा सुगम और विश्वसनीय आपूर्ति शृंखलाओं को भी मजबूत करेगी और वैश्विक विकास में योगदान देगी। जैसे-जैसे देश एक विकसित भारत के निर्माण की ओर बढ़ रहा है, हम भविष्य के अनुकूल, अपने लोगों को सशक्त बनाने वाली और साझा समृद्धि में योगदान देने वाली वैश्विक साझेदारियों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा के लिए
भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति व्यक्त की है। इससे भारतीय निर्यातकों, खासकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुल जाएगा। निर्यात में बढ़ोतरी से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में टेक्सटाइल और कपड़े, लेदर और जूते, प्लास्टिक और रबर प्रोडक्ट, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर, कारीगर उत्पाद और कुछ खास मशीनरी जैसे सेक्टर में नये अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा, जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स और डायमंड एवं एयरक्राफ्ट पार्ट्स समेत कई तरह के सामानों पर टैरिफ जीरो हो जाएगा, जिससे भारत के निर्यात और मेक इन इंडिया को और बढ़ावा मिलेगा।
भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर छूट मिलेगी, जिससे इन सेक्टर्स में निर्यात में अच्छा फायदा होगा।
साथ ही, यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करता है और मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (फ्यूल), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मीट आदि जैसे संवेदनशील खेती व डेयरी प्रोडक्ट्स को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान कर ग्रामीण आय को संरक्षित करता है।
यह समझौता भारत और अमेरिका के आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने पर केंद्रित करने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और व्यापार के लिए सतत् विकास की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है। यह ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में उचित कदम है!”

उद्घोषणा 10962 (संयुक्त राज्य अमेरिका में तांबे के आयात को समायोजित करना) में उल्लिखित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को समाप्त करने के लिए लगाए गए थे। इसी प्रकार, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप भारत को उन ऑटोमोबाइल पुर्जों के लिए अधिमान्य टैरिफ दर कोटा प्राप्त होगा जिन पर 17 मई, 2019 के उद्घोषणा 9888 (संयुक्त राज्य अमेरिका में ऑटोमोबाइल और ऑटोमोबाइल पुर्जों के आयात को समायोजित करना), यथा संशोधित उल्लिखित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को समाप्त करने के लिए टैरिफ लागू था।

गैर-टैरिफ बाधाओं का समाधान

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं का समाधान करेंगे। भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने; अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करने या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाने वाली प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को समाप्त करने और समझौते के लागू होने के छह महीने के भीतर, सकारात्मक परिणाम की दिशा में, यह निर्धारित करने पर सहमत है कि क्या अमेरिकी-विकसित या अंतरराष्ट्रीय मानक, जिनमें परीक्षण आवश्यकताएं भी शामिल हैं, भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेरिकी निर्यात के लिए चिन्हित क्षेत्रों में स्वीकार्य हैं। लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व को समझते हुए, भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर भी सहमत है।

लागू तकनीकी विनियमों के अनुपालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत पारस्परिक रूप से सहमत क्षेत्रों के लिए अपने-अपने मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करेंगे।

किसी भी देश द्वारा निर्धारित टैरिफ में किसी भी प्रकार के परिवर्तन की स्थिति में, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस बात पर सहमत हैं कि दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं में परिवर्तन कर सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत आर्थिक सुरक्षा की रूपरेखा को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं, ताकि आपूर्ति शृंखला के लचीलेपन और नवाचार को बढ़ाया जा सके। इसके लिए तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही साथ आंतरिक और बाहरी निवेश समीक्षाओं और निर्यात नियंत्रणों पर सहयोग किया जाएगा।

भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित तकनीकी उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त तकनीकी सहयोग का विस्तार करेंगे।
अमेरिका और भारत ने डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल व्‍यवस्‍थाओं और अन्य बाधाओं को दूर करने और बीटीए के हिस्से के रूप में मजबूत, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट मार्ग निर्धारित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस ढांचे को तुरंत लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे ताकि संदर्भ की शर्तों में सहमत रोडमैप के अनुरूप पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को संपन्न किया जा सके।