‘विकसित केरलम, विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ें : नितिन नवीन

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     भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने 6 फरवरी, 2026 को अपने केरल दौरे के पहले दिन एर्नाकुलम के करुकुट्टी स्थित एडलक्स इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अलाप्पुझा और एर्नाकुलम राजस्व जिलों के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को संबोधित किया। इससे पूर्व कोच्चि के नेदुंबस्सेरी स्थित ताज कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात् श्री नवीन ने प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की और उसके बाद कोच्चि के द रेनाई कोचीन, पलारिवट्टम में एनडीए नेताओं के साथ भी बैठक की। कार्यक्रम

चाहे यूडीएफ हो या एलडीएफ, दोनों दलों ने सत्ता की बारी-बारी से नूराकुश्ती कर केरल के विकास को रोकने का काम किया। यहां के उस युवा को भी आगे बढ़ने से रोका गया, जो राज्य के विकास में अग्रणी योगदान दे सकता था

में मंच पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री राजीव चंद्रशेखर, राष्ट्रीय महामंत्री एवं केरल के चुनाव प्रभारी श्री विनोद तावड़े, केंद्रीय मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे, केंद्रीय मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री ए.एन. राधाकृष्णन, श्री के. सोमन और श्री वी. मुरलीधरन एवं अन्य नेतागण उपस्थित रहे।

श्री नवीन ने कहा कि केरल एक ऐसा प्रांत है जहां पार्टी निरंतर विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर रही है। उन्होंने संघ और भाजपा के 250 से अधिक अमर बलिदानियों को विशेष रूप से नमन करते हुए कहा कि उनके शौर्य और पुरुषार्थ के कारण ही आज भाजपा का निरंतर विस्तार हो रहा है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप आज केरल में भाजपा का एक सांसद, एक मेयर, दो नगपालिका अध्यक्ष, 30 से अधिक पंचायत अध्यक्ष और लगभग 2000 से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, जिसका श्रेय सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को जाता है।

उन्होंने कहा कि चाहे यूडीएफ हो या एलडीएफ, दोनों दलों ने सत्ता की बारी-बारी से नूराकुश्ती कर केरल के विकास को रोकने का काम किया। यहां के उस युवा को भी आगे बढ़ने से रोका गया, जो राज्य के विकास में अग्रणी योगदान दे सकता था। आज केरल उस मोड़ पर खड़ा है, जहां पूरी तरह से बदलाव की आंधी को युवा नेतृत्व देने वाला है। इन दोनों दलों की मिलीभगत के कारण यहां अराजकतावादी, भ्रष्टाचार में डूबी और तुष्टीकरण की राजनीति की पराकाष्ठा तक पहुंची हुई सरकारें रहीं। जब इनकी इस कारगुजारी को जनता के बीच ले जाया जाएगा, तो निश्चित रूप से जनता परिवर्तन के साथ खड़ी होगी।

उन्होंने कहा कि यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सनातन विरोधी बनने की होड़ लगी हुई है। एक ओर यूडीएफ जमाते-इस्लामी और मुस्लिम लीग जैसी पार्टियों से खुलेआम समझौता करती है और उनके साथ काम करती है, वहीं दूसरी ओर हिंदुओं को रामायण पढ़ने तक से रोकने का काम करती है। मंदिरों के सामने फांसी लगाने जैसे कुकृत्य कहीं न कहीं यहां की बैठी हुई सरकार द्वारा ही कराए जाते हैं। एलडीएफ ने न केवल भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघी हैं, बल्कि आस्था के केंद्र भगवान अय्यप्पा को भी नहीं छोड़ा है। यूडीएफ और एलडीएफ के साथियों ने देश में लगातार सनातन परंपराओं पर चोट पहुंचाने और करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने का काम किया है, जिसके अनेक उदाहरण मौजूद हैं। आज यही लोग सबरीमाला के माध्यम से राजनीति की रोटी सेंकना चाहते हैं, लेकिन केरल की जनता उनके इस झांसे में आने वाली नहीं है। सबरीमाला के दोषियों को सजा दिलाकर ही भारतीय जनता पार्टी दम लेगी।

श्री नवीन ने कहा कि केरल की इसी भूमि को पीएफआई का मुख्य केंद्र बनाया गया, जहां करीब 50,000 से अधिक लोगों को सदस्य बनाया गया, देशभर में 140 से अधिक कार्यालय खोले गए और देश में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए लोगों को शिक्षित और प्रशिक्षित किया गया। इस पर रोक लगाने का काम यदि किसी ने किया, तो वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया। 28 सितंबर, 2022 को मोदी सरकार ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाकर अपराधियों को संरक्षण देने वाले इस नेटवर्क को पूरी तरह बंद करने का काम किया। जिस राज्य में महिलाएं सेविका बनकर, विभिन्न सेवाओं में योगदान देकर और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज को दिशा दे रही थीं, उसी राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध और उत्पीड़न के आंकड़े सबसे अधिक दिखाई देते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यहां की सरकार मौन बैठी है और महिलाओं के अपमान व शोषण होने दे रही है। भाजपा इसके खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद करेगी।

उन्होंने कहा कि आज केरल का युवा पलायन के लिए मजबूर हो रहा है और प्रत्येक वर्ष 3 से 4 लाख युवा रोज़गार सहित अन्य कारणों से राज्य से बाहर जा रहे हैं। भाजपा नए विचार, नए जोश, नए नेतृत्व और एक नई राजनीतिक संस्कृति के साथ केरल के विकास को आगे ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस परिवर्तन की लड़ाई में उन्होंने केरल की जनता से आग्रह किया कि ‘विकसित केरलम, विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए भाजपा को उनका सहयोग चाहिए।

उन्होंने कहा कि केरल के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से 29 लाख किसानों को 13,000 करोड़ रुपये की सहायता देना, मातृ वंदन योजना के तहत 10 लाख माताओं को 444 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करना और मछुआरा भाइयों को 1,400 करोड़ रुपये की मदद देना, यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसके तहत केरल की जनता को अपने साथ जोड़कर देखा गया है। मोदी की सरकार ने वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के माध्यम से भी इस राज्य की सेवा की है, जिससे अपने संकल्प को दोहराया गया है। रेयर अर्थ कॉरिडोर और इकोलॉजिकल टूरिज्म के क्षेत्र में केरल को प्रमुख स्थान दिया जा रहा है, क्योंकि यह समझा जाता है कि केरल की जनता के विकास में पर्यटन एक बड़ा क्षेत्र है। केरल के विकास के प्रति संकल्प को इसलिए दोहराया जा रहा है, क्योंकि जब भी केरल के विकास का संकल्प लेते हैं या घोषणा करते हैं, तो मोदी सरकार उसके लिए अपना पूर्ण योगदान करती है।

श्री नवीन ने कहा कि राज्यसभा के सत्र में जिस प्रकार हमारे सांसद श्री सदानंद मास्टर ने अपनी बात रखी, उसे सुनकर पूरा देश स्तब्ध रह गया। देश के लोगों ने देखा कि किस तरह भाजपा का एक कार्यकर्ता लंबे समय तक संघर्ष करते हुए केरल की आवाज़ बनकर देश के उच्च सदन तक पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि केरल के कार्यकर्ताओं का संघर्ष उन्हें उस बात की याद दिलाता है, जिसे वे राजनीति में लगातार कहते रहे हैं कि राजनीति 100 मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि एक लंबी मैराथन है। केरल के कार्यकर्ताओं ने यह सिद्ध करके दिखाया है कि वे निरंतर भाव से इस परिवर्तन की लड़ाई में लगे हुए हैं।

यदि संघर्ष देखना है और विचारधारा के ध्वज को लेकर आगे बढ़ते हुए सेवक देखने हैं, तो केरल के उन जांबाज़ कार्यकर्ताओं को देखना चाहिए, जिन्होंने विषम परिस्थितियों के बावजूद भाजपा का ध्वज और भगवा ध्वज झुकने नहीं दिया। इसके परिणाम भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा को 11 प्रतिशत वोट मिले, 2019 में यह बढ़कर 16 प्रतिशत हुआ और 2024 में 20 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह साफ दर्शाता है कि केरल में भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है।

श्री नवीन ने केरल के चुनाव में बूथ अध्यक्षों और सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे केरल में भाजपा के संकल्प को आगे बढ़ाएं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी सरकार बनाने के लिए कार्य करें, जो अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुंचाए, केरल को उत्तम प्रदेश बनाए और केरल के टूरिज्म, विज्ञान तथा शिक्षा को एक नए और बड़े स्तर पर ले जाए और केरल में भी कमल खिलाया जाए।