वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान 7.0 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई थी
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा 29 अगस्त को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर अनुमानित जीडीपी 47.89 लाख करोड़ रुपए है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 44.42 लाख करोड़ रुपए थी, जो 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी 86.05 लाख करोड़ रुपए अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 79.08 लाख करोड़ रुपए थी, जो 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीवीए 44.64 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 41.47 लाख करोड़ रुपए था, जो 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में जीवीए 78.25 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 71.95 लाख करोड़ रुपए था, जो 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है।
मुख्य बातें
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में वास्तविक जीवीए वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
द्वितीयक क्षेत्र, प्रमुख रूप से विनिर्माण (7.7 प्रतिशत) और निर्माण (7.6 प्रतिशत) क्षेत्र ने इस तिमाही में स्थिर मूल्यों पर 7.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज की है।
खनन और उत्खनन (-3.1 प्रतिशत) और बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्र (0.5 प्रतिशत) में वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान वास्तविक विकास दर में कमी देखी गई है।
तृतीयक क्षेत्र (9.3 प्रतिशत) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में स्थिर मूल्यों पर पर्याप्त वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 6.8% की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।
सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) में वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान 9.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह वृद्धि दर 4.0 प्रतिशत थी।
वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान 7.0 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।
सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) ने स्थिर मूल्यों पर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।

