‘2014 से सरकार ने 3 करोड़ से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है’

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बजट पश्चात् वेबिनार: रोजगार सृजन— जनमानस, अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश

बजट में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने का और अगले पांच वर्षों में चिकित्सा क्षेत्र में 75,000 सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पांच मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार पर बजट पश्चात् वेबिनार को संबोधित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने वेबिनार के विषय‍ वस्‍तु ‘जनमानस, अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश’ के महत्व पर प्रकाश डाला, जो ‘विकसित भारत’ के लिए रोडमैप को परिभाषित करता है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे, उद्योगों, लोगों, अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली कई दशकों के बाद एक महत्वपूर्ण परिवर्तन से गुजर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आईआईटी का विस्तार, शिक्षा प्रणाली से प्रौद्योगिकी को जोड़ने और एआई की पूरी क्षमता का उपयोग जैसी प्रमुख पहलों पर जोर दिया।

इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि 2014 से सरकार ने 3 करोड़ से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है, प्रधानमंत्री ने 1,000 आईटीआई में सुधार और 5 उत्कृष्टता केन्‍द्रों की स्थापना का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं को उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने वाले प्रशिक्षण से लैस करने के लक्ष्य पर जोर दिया।

चिकित्सा क्षेत्र का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस बजट में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने का और अगले पांच वर्षों में चिकित्सा क्षेत्र में 75,000 सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्‍द्रों में टेलीमेडिसिन सुविधाओं के विस्तार पर प्रकाश डाला।

1 लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष की स्थापना

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में अर्थव्यवस्था में निवेश भविष्य की दृष्टि से निर्देशित रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत की शहरी आबादी लगभग 90 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए योजनाबद्ध शहरीकरण की आवश्यकता है। उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष की स्थापना की पहल की घोषणा की, जिसमें शासन, बुनियादी ढांचे और वित्तीय स्थिरता पर ध्यान केन्‍द्रित किया जाएगा, साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।” उन्होंने कहा कि इस बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनेक उपाय किए गए हैं। उन्होंने शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख किया।

फरवरी, 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में आईएमएफ द्वारा की गई उल्लेखनीय टिप्पणियों का हवाला देते हुए श्री मोदी ने कहा कि 2015 से 2025 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने 66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिससे यह 3.8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह वृद्धि कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आगे निकल गई है और वह दिन दूर नहीं जब भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

मुख्य बातें

 हमने जनमानस, अर्थव्यवस्था और नवाचार को वही प्राथमिकता दी है जो हमने निवेश में बुनियादी ढांचे और उद्योगों को दी है
 लोगों में निवेश की कल्‍पना तीन स्तंभों पर टिकी है— शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य सेवा
 सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्‍द्रों में टेलीमेडिसिन सुविधा का विस्तार किया जा रहा है
 डे-केयर कैंसर सेंटर और डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य सेवा बुनियादी ढांचे के माध्यम से हम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अंतिम छोर तक ले जाना चाहते हैं
 देश भर में 50 पर्यटन स्थलों को पर्यटन पर केन्‍द्रित करके विकसित किया जाएगा
 सरकार ने इस बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी गई है
 ‘ज्ञान भारतम’ मिशन के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपि विरासत को संरक्षित करने की घोषणा बहुत महत्वपूर्ण है
 इस मिशन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाएगा