हमने कृषि को विकास का पहला इंजन माना है: नरेन्द्र मोदी

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बजट पश्चात् वेबिनार: कृषि एवं ग्रामीण समृद्धि

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि एवं ग्रामीण समृद्धि पर बजट पश्चात् वेबिनार को संबोधित किया। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा, “विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हमारे संकल्प बहुत स्पष्ट हैं और हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बना रहे हैं, जहां किसान समृद्ध और सशक्त हों।” उन्होंने कहा कि कृषि को विकास का पहला इंजन माना जाता है, जिससे किसानों को प्रतिष्ठित स्थान मिलता है। श्री मोदी ने कहा, “भारत एक साथ दो प्रमुख लक्ष्यों की ओर काम कर रहा है: कृषि क्षेत्र का विकास और गांवों की समृद्धि।”

श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि छह साल पहले लागू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं और यह राशि सीधे 11 करोड़ किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई है।

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत का कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, प्रधानमंत्री ने कहा कि 10-11 साल पहले कृषि उत्पादन लगभग 265 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 330 मिलियन टन से अधिक हो गया है। इसी तरह, बागवानी उत्पादन 350 मिलियन टन से अधिक हो गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय बीज से बाजार तक सरकार के दृष्टिकोण, कृषि सुधारों, किसान सशक्तीकरण और एक मजबूत मूल्य शृंखला को दिया।

श्री मोदी ने देश की कृषि संभावना का पूरा उपयोग करने और इससे भी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बजट में पीएम धन धान्य कृषि योजना की घोषणा की गई है, जिसमें 100 सबसे कम उत्पादक कृषि जिलों के विकास पर ध्यान केन्‍द्रित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हाल के वर्षों में किए गए प्रयासों से देश में दालों का उत्पादन बढ़ा है, लेकिन घरेलू खपत का 20 प्रतिशत हिस्सा अभी भी आयात पर निर्भर है, जिससे दालों के उत्पादन में वृद्धि की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने चना और मूंग के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है, लेकिन अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन में तेजी लाने की जरूरत है।

फसलों की 2,900 से अधिक नई किस्में विकसित

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दशक में आईसीएआर ने अपने प्रजनन कार्यक्रम में आधुनिक उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है और इसके परिणामस्वरूप 2014 से 2024 के बीच अनाज, तिलहन, दलहन, चारा और गन्ना सहित फसलों की 2,900 से अधिक नई किस्में विकसित की गई हैं। उन्होंने बताया कि फलों और सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं और बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के 2019 में शुभारंभ को याद करते हुए, जिसका उद्देश्य मूल्य शृंखला, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन क्षेत्र के आधुनिकीकरण को मजबूत करना है, श्री मोदी ने कहा कि इस पहल ने मत्स्य पालन क्षेत्र में उत्पादन, मछली पकड़ने के बाद प्रसंस्करण और विपणन के कार्य में सुधार किया है, जबकि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप मछली उत्पादन और निर्यात में दोगुनी वृद्धि हुई है।

3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए, जबकि प्रयासों के परिणामस्वरूप 1.25 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण समृद्धि और विकास कार्यक्रमों के लिए इस बजट में की गई घोषणाओं से रोजगार के अनेक नए अवसर पैदा हुए हैं।

मुख्य बातें

 हमने बजट में ‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ की घोषणा की है, इसके तहत देश में सबसे कम कृषि उत्पादकता वाले 100 जिलों के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा
 आज लोग पोषण के प्रति काफी जागरूक हो गए हैं, इसलिए बागवानी, डेयरी और मत्स्य उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए इन क्षेत्रों में काफी निवेश किया गया है; फलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं
 हमने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है
 हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है
 प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत करोड़ों गरीबों को घर दिए जा रहे हैं, स्वामित्व योजना ने संपत्ति मालिकों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ दिया है