अटलजी की जयंती पर प्रधानमंत्री ने लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर अपने संबोधन में कहा कि आज लखनऊ की धरती एक नई प्रेरणा की साक्षी बन रही है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक और स्थायी राष्ट्रीय महत्व के प्रेरणा परिसर के रूप में विकसित किया गया है। लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और 65 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर नेतृत्व मूल्यों, राष्ट्रीय सेवा, सांस्कृतिक चेतना और जन प्रेरणा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में परिकल्पित है। इस परिसर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो भारत के राजनीतिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके अमिट योगदान का प्रतीक हैं। इसमें लगभग 98,000 वर्ग फीट में फैला एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी है, जिसे कमल के आकार में बनाया गया है
‘भारत रत्न’ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले उन्हें राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाने वाले दृष्टिकोण का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी की भव्य प्रतिमाएं गौरवशाली हैं, लेकिन उनसे मिलने वाली प्रेरणा कहीं अधिक महान है। अटलजी के शब्दों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल यह संदेश देता है कि हर कदम, हर प्रयास राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए और केवल सामूहिक प्रयास से ही ‘विकसित भारत’ का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने लखनऊ, उत्तर प्रदेश और पूरे देश को इस आधुनिक प्रेरणा स्थल के लिए बधाई दी। श्री मोदी ने बताया कि जिस भूमि पर यह प्रेरणा स्थल बनाया गया है, उस पर दशकों से 30 एकड़ से अधिक क्षेत्र में कचरे का ढेर लगा हुआ था, जिसे पिछले तीन वर्षों में पूरी तरह से साफ कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने परियोजना से जुड़े सभी श्रमिकों, कारीगरों और योजनाकारों को बधाई दी और मुख्यमंत्री तथा उनकी पूरी टीम के प्रयासों की विशेष सराहना की।
अटलजी का जीवन देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा: नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके स्मृति स्थल ‘सदैव अटल’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि अटलजी का जीवन जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित था तथा वे देशवासियों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर आज दिल्ली में उनके स्मृति स्थल ‘सदैव अटल’ जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य मिला। जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित उनका जीवन देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”
श्री मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, “आदरणीय अटलजी की जन्म-जयंती हम सबके लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है।इस अवसर पर मैं इस सुभाषित को साझा कर रहा हूं, जो उनके जीवन के एक पहलू को परिभाषित करता है:
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥”
राष्ट्र को दिशा देने में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की निर्णायक भूमिका
श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र को दिशा देने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में दो संविधान, दो प्रतीक चिन्ह और दो प्रधानमंत्रियों के प्रावधान को डॉ. मुखर्जी ने ही समाप्त करने की बात शुरू की थी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्वतंत्रता के बाद भी जम्मू-कश्मीर की व्यवस्था भारत की अखंडता के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। श्री मोदी ने गर्व से कहा कि उनकी सरकार को ही अनुच्छेद 370 की दीवार गिराने का अवसर मिला और आज जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान पूरी तरह से लागू है।
श्री मोदी ने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी और देश को पहली औद्योगिक नीति दी, जिससे भारत में औद्योगीकरण का

आधार स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भरता का यही मंत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद विश्व स्तर पर पहुंच रहे हैं।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि दशकों पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जी का मानना था कि भारत की प्रगति की माप कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान से होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दीनदयाल जी ने एकात्म मानववाद की बात की थी, जिसमें शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का एक साथ विकास होता है। श्री मोदी ने कहा कि दीनदयाल जी के इस सपने को उन्होंने अपना संकल्प बना लिया है और

अंत्योदय को अब व्यापकता का नया आयाम दिया गया है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति और प्रत्येक लाभार्थी को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लाया जाए।
आज लगभग 95 करोड़ लोगों को मिल रही है सामाजिक सुरक्षा
श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “पिछले एक दशक में करोड़ों भारतीयों ने गरीबी से मुक्ति पाई है।” उन्होंने बताया कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उनकी सरकार ने सबसे पिछड़े लोगों, सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले लगभग 25 करोड़ नागरिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में थे, जबकि आज लगभग 95 करोड़ भारतीय इस सुरक्षा कवच के भीतर हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के लाभार्थी भी बड़ी संख्या में हैं।
प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह बैंक खाते कभी कुछ ही लोगों तक सीमित थे, उसी तरह बीमा भी केवल धनी लोगों तक ही सीमित था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी ली। इसके लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना शुरू की गई, जिसके तहत नाममात्र प्रीमियम पर दो लाख रुपये का बीमा सुनिश्चित किया गया और आज 25 करोड़ से अधिक गरीब नागरिक इस योजना में नामांकित हैं। इसी तरह, उन्होंने बताया कि दुर्घटना बीमा के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने लगभग 55 करोड़ गरीब नागरिकों को जोड़ा है, जो पहले बीमा के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। श्री मोदी ने कहा कि यह जानकर कई लोगों को आश्चर्य होगा कि इन योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को पहले ही लगभग 25,000 करोड़ रुपये के दावे उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिसका अर्थ है कि संकट के समय में इस धन ने गरीब परिवारों को सहारा दिया है।
श्री मोदी ने कहा कि अटलजी की जयंती सुशासन का उत्सव मनाने का भी दिन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय तक गरीबी उन्मूलन जैसे नारों को ही शासन माना जाता रहा, लेकिन अटलजी ने वास्तव में सुशासन को जमीनी स्तर पर साकार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दूरसंचार क्रांति को गति देने का श्रेय भी अटलजी को जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार द्वारा बनाई गई दूरसंचार नीति ने हर घर तक फोन और इंटरनेट पहुंचाना आसान बना दिया और आज भारत दुनिया में सबसे अधिक मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं वाले देशों में से एक है।
पिछले 11 वर्षों में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बना
श्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उत्तर प्रदेश, जिस राज्य से अटलजी सांसद थे, आज भारत में मोबाइल उत्पादन में अग्रणी राज्य है।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि अटलजी की कनेक्टिविटी संबंधी दूरदृष्टि ने 21वीं सदी के भारत को शुरुआती मजबूती प्रदान की। उन्होंने याद दिलाया कि अटलजी के शासनकाल में ही गांवों को सड़कों से जोड़ने का अभियान शुरू हुआ था और स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग विस्तार का कार्य प्रारंभ हुआ था।
श्री मोदी ने बताया कि वर्ष 2000 से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 8 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है, जिनमें से लगभग 4 लाख किलोमीटर सड़कें पिछले 10-11 वर्षों में निर्मित हुई हैं। श्री मोदी ने यह भी बताया कि अटलजी ने ही दिल्ली मेट्रो की शुरुआत की थी और आज देश भर के 20 से अधिक शहरों में मेट्रो नेटवर्क लाखों लोगों के जीवन को सुगम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकारों द्वारा स्थापित सुशासन की विरासत को अब केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विस्तारित किया जा रहा है और इसे नए आयाम दिए जा रहे हैं।
श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रेरणा, उनके दूरदर्शी कार्यों और भव्य प्रतिमाओं ने एक ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने कहा कि ये प्रतिमाएं आज देश को नई ऊर्जा से भर रही हैं। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह नहीं भूलना चाहिए कि आजादी के बाद भारत में हर अच्छे काम को एक ही परिवार से जोड़ने की प्रवृत्ति विकसित हुई— चाहे किताबें हों, सरकारी योजनाएं हों, संस्थान हों, सड़कें हों या चौक हों, सब कुछ एक ही परिवार, उनके नाम और उनकी प्रतिमाओं के महिमामंडन से जुड़ा हुआ था।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने देश को एक ही परिवार का बंधक बने रहने की इस पुरानी प्रथा से मुक्त कर दिया है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि उनकी सरकार भारत माता के हर अमर बच्चे और राष्ट्र सेवा में किए गए हर योगदान का सम्मान कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा गर्व से खड़ी है और अंडमान के उस द्वीप का नाम उनके नाम पर रखा गया है जहां नेताजी ने तिरंगा फहराया था।
भाजपा ने बाबासाहेब की विरासत को मिटने नहीं दिया
श्री मोदी ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विरासत को मिटाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी उन्हें नहीं भूल सकता। श्री मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में यह पाप किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी ने बाबासाहेब की विरासत को मिटने नहीं दिया। श्री मोदी ने बताया कि आज दिल्ली से लेकर लंदन तक बाबासाहेब अंबेडकर के पंचतीर्थ उनकी विरासत का बखान कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों में बंटे देश को एकजुट किया था, लेकिन आजादी के बाद उनके कार्यों और प्रतिष्ठा दोनों को कम करने के प्रयास किए गए। उन्होंने रेखांकित किया कि उनकी पार्टी ने ही सरदार पटेल को वह सम्मान दिलाया जिसके वे वास्तव में हकदार थे। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने ही सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनवाई और एकता नगर को प्रेरणा के केंद्र के रूप में विकसित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य समारोह इसी स्थान पर मनाया जाता है।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दशकों से जनजातीय समुदायों के योगदान को उचित मान्यता नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने ही भगवान बिरसा मुंडा का भव्य स्मारक बनवाया और कुछ सप्ताह पहले ही छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी संग्रहालय का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जैसे उत्तर प्रदेश में महाराजा सुहेलदेव का स्मारक उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद ही बना। उन्होंने कहा कि निषादराज और भगवान श्री राम के मिलन स्थल को अब उचित सम्मान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह से लेकर चौरी चौरा के शहीदों तक भारत माता के पुत्रों के योगदान को उनकी सरकार ने पूर्ण श्रद्धा और विनम्रता के साथ याद किया है।
परिवार आधारित राजनीति की एक विशिष्ट पहचान और असुरक्षा की भावना को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह असुरक्षा ऐसे नेताओं को अपने परिवार को बड़ा दिखाने और अपना प्रभाव बरकरार रखने के लिए दूसरों को नीचा दिखाने के लिए विवश करती है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इसी मानसिकता ने भारत में राजनीतिक छुआछूत को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि यद्यपि कई प्रधानमंत्रियों ने स्वतंत्र भारत की सेवा की, लेकिन दिल्ली के संग्रहालय ने उनमें से कई को नजरअंदाज कर दिया। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह उनकी सरकार ही थी जिसने इस स्थिति को सुधारा और आज जब कोई दिल्ली आता है, तो भव्य प्रधानमंत्री संग्रहालय उनका स्वागत करता है, जहां स्वतंत्र भारत के प्रत्येक प्रधानमंत्री को, चाहे उनका कार्यकाल कितना भी छोटा रहा हो, उचित सम्मान और स्थान दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष और उसके सहयोगी हमेशा अपनी पार्टी को राजनीतिक रूप से अछूत बनाए रखते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के मूल्य सभी के प्रति सम्मान सिखाते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 11 वर्षों में उनकी सरकार के दौरान श्री नरसिम्हा राव जी और श्री प्रणब मुखर्जी जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह उनकी सरकार ही थी जिसने श्री मुलायम सिंह यादव जी और श्री तरुण गोगोई जी जैसे नेताओं को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया, जो कि विपक्ष और उनके सहयोगियों से कभी भी अपेक्षित नहीं किया जा सकता था, जिनके शासनकाल में अन्य दलों के नेताओं को केवल अपमान का सामना करना पड़ा।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कि केंद्र और राज्य सरकारों ने उत्तर प्रदेश को बहुत लाभ पहुंचाया है, जो 21वीं सदी के भारत में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय उत्तर प्रदेश की चर्चा खराब कानून व्यवस्था के संदर्भ में होती थी, लेकिन आज इसकी चर्चा विकास के संदर्भ में हो रही है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम राज्य की नई पहचान के प्रतीक बन चुके हैं और उत्तर प्रदेश तेजी से देश के पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल जैसी आधुनिक इमारतें उत्तर प्रदेश की इस नई छवि को और भी निखार रही हैं।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह और श्री पंकज चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
अटलजी ने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया : जगत प्रकाश नड्डा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणापुरुष, भारतीय राजनीति के अजातशत्रु, सुशासन की प्रतिमूर्ति, ‘भारत रत्न’, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती पर उन्हें कोटिश: नमन करता हूं।
श्रद्धेय अटलजी ने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से लेकर करोड़ों कार्यकर्ताओं को गढ़ते हुए राष्ट्रवाद की चेतना जागृत की। देश के प्रधानमंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध में भारत की विजय से विश्व पटल पर भारत की सामरिक शक्ति का साक्षात्कार हुआ।
राष्ट्रोत्थान, सुशासन और गरीब कल्याण के उनके महान विचार और कार्य आदरणीय प्रधानमंत्री श्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ निर्माण के संकल्प को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करते रहेंगे।”
जनसेवा के प्रति समर्पित अटलजी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है : नितिन नबीन
भाजपा मुख्यालय में अटलजी पर केंद्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन ने 25 दिसंबर, 2025 को भाजपा के केन्द्रीय कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयीजी की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को समर्पित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया एवं सबसे उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी श्री अरुण सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सत्यनारायण जटिया, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री श्री महेंद्र कुमार एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख डॉ. संजय मयूख सहित कई वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, दिल्ली सरकार के कई मंत्री, कई राष्ट्रीय प्रवक्ता भी उपस्थित थे।

श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयीजी के जीवन, उनकी नीतियों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नबीन ने कहा कि विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा और मूल्य आधारित राजनीति के माध्यम से श्रद्धेय अटलजी ने देश में विकास एवं सुशासन के एक नए युग की नींव रखी थी। अटलजी उस चेतना के प्रतीक थे, जिसने लोकतंत्र को शोर नहीं बल्कि संवाद की संस्कृति सिखाई। जनसेवा और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
श्री नबीन ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयीजी ने सुशासन और विकास की जो परिकल्पना की थी, उसे मूर्त रूप देने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं। सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की अवधारणा को साकार कर दिखाया है हमारे प्रधानमंत्रीजी ने। प्रधानमंत्रीजी ने विकसित भारत का जो लक्ष्य रखा है, उसे हम सबको मिल कर पूरा करना है, यही अटलजी को हमारी सच्ची पुष्पांजलि होगी।
अटलजी ने समावेशी विकास पर आधारित सुशासन की मिसाल पेश की: राजनाथ सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें स्मरण करते हुए नमन करता हूं। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन की श्रेष्ठ परंपराओं का प्रतीक रहा। अटलजी के दूरदर्शी नेतृत्व ने जवाबदेही, पारदर्शिता और समावेशी विकास पर आधारित सुशासन की ऐसी मिसाल पेश की, जो आज भी भारत को दिशा देती है।
अटलजी भारतीय राजनीति में लोकसेवा और संगठन शक्ति के सशक्त हस्ताक्षर हैं: अमित शाह

पूर्व प्रधानमंत्री व भाजपा के संस्थापक, ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नमन करता हूं। अटलजी ने भाजपा की स्थापना से भारतीय राजनीति को देशहित और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सर्वोपरि रखने वाला राजनीतिक विकल्प दिया। भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाना हो या सुशासन को चरितार्थ करना हो, उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार ने विरासत व विज्ञान को एक साथ आगे बढ़ाने का गवर्नेंस मॉडल देश के सामने रखा। अटलजी भारतीय राजनीति में लोकसेवा और संगठन शक्ति के ऐसे सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।


