यह घोषणापत्र ‘विकसित केरलम, सुरक्षित केरलम और विश्वासम संपन्नम केरलम’ की परिकल्पना पर आधारित है

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केरलम विधानसभा चुनाव : संकल्प पत्र का विमोचन

     भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने 31 मार्च, 2026 को तिरुवनंतपुरम, केरलम में विधानसभा चुनाव के लिए संकल्प पत्र का विमोचन किया। श्री नवीन ने ‘विकसित केरलम’ के विजन को प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख संकल्पों को सामने रखा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री राजीव चंद्रशेखर, बीडीजेएस अध्यक्ष श्री तुषार वेल्लापल्ली, मेयर श्री वी. वी. राजेश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

श्री नवीन ने कहा कि यह अवसर ‘विकसित केरलम’ घोषणापत्र को प्रस्तुत करने का है। केरलम में अपार प्राकृतिक और मानवीय क्षमता होने के बावजूद एलडीएफ और यूडीएफ के 17 साल के शासन के दौरान राज्य में औद्योगिक विकास नगण्य रहा, जिससे आर्थिक ठहराव और वित्तीय कुप्रबंधन की स्थिति बनी। वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक में केरलम की 15वीं रैंक को वित्तीय कुप्रबंधन, अंधाधुंध कर्ज़ लेने और सतत आर्थिक विकास में विफलता का प्रमाण है। पूरे भारत में केरल की मेहमाननवाज़ी और शक्ति की प्रशंसा के बावजूद खराब शासन को वित्तीय और विकासात्मक संकेतकों में पिछड़कर रह गया। पिछले 17 सालों से एलडीएफ और यूडीएफ ने ‘मैच-फिक्सिंग’ की, जिसमें ये राजनीतिक और पारिवारिक फ़ायदे के लिए बारी-बारी से सत्ता पर काबिज़ रहे। इस रवैये को केरलम के लोगों के लिए भारी नुकसान हुआ, जिसने राज्य के विकास की गति को काफी धीमा कर दिया है। एलडीएफ और यूडीएफ कभी भी केरलम के लोगों की तरक्की के लिए पूरी तरह समर्पित नहीं रहे। अगर सही मायने में विकास होता, तो नागरिक अपने हक के अवसर मांगने में सशक्त होते, लेकिन ये पार्टियां उन्हें ऐसे मौके देने को तैयार नहीं थीं। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र ‘विकसित केरलम, सुरक्षित केरलम और विश्वासम संपन्नम केरलम’ की परिकल्पना पर आधारित है, जो केरल में विकास, सुरक्षा और जनता के विश्वास पर केंद्रित शासन मॉडल की नींव रखता है।

गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए ₹2,500 रुपए की मासिक वित्तीय सहायता का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए प्रति वर्ष दो मुफ्त LPG सिलिंडर प्रदान करने का प्रस्ताव है। एक ओणम के अवसर पर और दूसरा क्रिसमस के अवसर पर

-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए आय सीमा को बढ़ाकर ₹
8 लाख रुपए करने का भी प्रस्ताव किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल होकर अपने उत्थान में लाभान्वित हो सकें। साथ ही, हर घर को हर महीने 20,000 लीटर पानी मुफ्त देने का प्रस्ताव रखा गया है

-गरीब परिवारों की महिला मुखियाओं, विधवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए हर महीने ₹3,000 रुपए की बढ़ी हुई कल्याण पेंशन का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिल सके

-आयुष्मान भारत PM-JAY का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रत्येक मलयाली इसमें शामिल हो सके और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान एक मजबूत सुरक्षा कवच सुनिश्चित किया जा सके

-रोज़गार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके तहत उद्यमों को केरल के निवासियों के लिए बनाई गई हर नौकरी के बदले ₹1 लाख रुपए का आसान ऋण दिया जाएगा

-पिछले 30 वर्षों की मंदिर ऑडिट रिपोर्ट की जांच, मंदिर की संपत्तियों का निरीक्षण और सत्ता के दुरुपयोग के सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा
सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में समय-सीमा के भीतर CBI जांच का प्रस्ताव रखा गया, ताकि गहन जांच सुनिश्चित हो और दोषियों को कड़ी सज़ा मिले

-पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रद्धालुओं की अधिक भागीदारी बढ़ाने के लिए देवस्वम बोर्डों के पूर्ण कायाकल्प का भी प्रस्ताव रखा गया

-स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी पहलों में केरल का पहला AIIMS स्थापित करना और वैकल्पिक अंग्रेज़ी-माध्यम के स्कूलों की शुरुआत करना शामिल है

-सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने के लिए मलयालम भाषा के अग्रदूत थुंचथ्थु एझुथचन की 125 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया

-कृषि क्षेत्र में किसानों को सहायता देने वाली नीतियों को लागू करना, सहायता की ज़रूरत वाली फ़सलों के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) सुनिश्चित करना और ज़मीन व वन संबंधी कानूनों में आवश्यक संशोधन करके बागवानी वाली ज़मीनों पर ‘बहु-फ़सली खेती’ को बढ़ावा देना प्रस्तावित है