मोदी सरकार की महत्त्वपूर्ण योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) ने पारदर्शी शासन व्यवस्था का नया रिकार्ड बनाया है। डीबीटी के जरिए साल 2014 से अब तक 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि सीधे आम लोगों के बैंक खातों में भेजी गई है।
- कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगाए गये लॉकडाउन में भी यह योजना गरीबों के लिए मददगार बनी। बिचौलियों के खात्मे और भ्रष्टाचार की लीकेज बंद होने से केंद्र सरकार का पूरा पैसा ग़रीबों और लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
- पिछले वित्तीय वर्ष में 3.81 लाख करोड़ रुपये गरीबों और जरूरतमंदों तक डीबीटी के माध्यम से पहुंचाये गए हैं, जिसके लिए 438 करोड़ बार ट्रांजेक्शन हुए।
- फिलहाल 56 मंत्रालयों की 426 योजनाएं डीबीटी के दायरे में है। डीबीटी के सरकारी पोर्टल के मुताबिक 7 जून तक 11 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आम लोगों के खातों में पहुंच चुकी है। इतना ही नहीं इसके चलते जनवरी, 2020 तक करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये की बचत भी हुई है, जो पहले बिचौलियों या दलालों के पास पहुंच जाता था।

