स्वच्छ भारत मिशन के 10 वर्ष : एक रिपोर्ट

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स्वच्छ भारत दिवस पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का समापन

2 अक्टूबर, 2024 को गांधी जी की 155वीं जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2024 अभियान का समापन हुआ।

17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक चलने वाले एसएचएस अभियान ने तीन प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया: पहला, उपेक्षित क्षेत्रों में सुधार करना, जन भागीदारी को प्रोत्साहित करना और सफाई कर्मचारियों के कल्याण को सुनिश्चित करना। इसका समापन महात्मा गांधी की जयंती पर आयोजित ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के उत्सव के साथ हुआ। इस दौरान सड़कों और बाजारों से लेकर पार्कों और जलमार्गों तक, सभी स्थानों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नागरिक एक साथ आये। छोटे लेकिन सार्थक कदमों के माध्यम से एसएचएस अभियान हम सभी को याद दिलाता है कि ‘स्वच्छता’ केवल एक कार्य नहीं है, बल्कि एक साझा कर्तव्य है, एक जीवन शैली है जो सभी के स्वास्थ्य और सम्मान को प्रभावित करती है।

स्वच्छ भारत दिवस 2024

2 अक्टूबर, 2024 को एक महत्वपूर्ण जन आंदोलन ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में स्वच्छ भारत दिवस 2024 कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वच्छता से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 9,600 करोड़ रुपये से अधिक है।

इसमें अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) और अमृत 2.0 के तहत शहरी इलाकों में जल और सीवेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आवंटन भी शामिल है। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा बेसिन में जल गुणवत्ता और अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित 10 परियोजनाएं का शुभारंभ किया गया है, जिसके लिए 1,550 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। ऐसे ही गोबर-धन योजना के तहत 1,332 करोड़ रुपये से अधिक की 15 संपीड़ित बायोगैस परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

इसी दिन विभिन्न महत्वपूर्ण पहल भी शुरू की गईं, जिनमें स्वच्छता पर विशेष ग्राम सभाएं, सामुदायिक शौचालय इकाई (सीटीयू) और सफाई मित्रों एवं अन्य कर्मियों का सम्मान शामिल है। स्वच्छता ही सेवा

“2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन के 10 साल पूरे हो रहे हैं। यह उन लोगों को बधाई देने का अवसर है जिन्होंने इसे भारतीय इतिहास में इतने बड़े जन आंदोलन में बदल दिया। यह महात्मा गांधी को भी सच्ची श्रद्धांजलि है”

– श्री नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

2024 अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, साथ ही सामुदायिक शौचालयों, सार्वजनिक शौचालयों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं, सीवेज उपचार संयंत्रों, मलजल उपचार संयंत्रों और अन्य संबंधित पहलों का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।

अभियान: एक दृष्टि

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2014 को लाल किले की प्राचीर से एक प्रभावशाली संदेश दिया, जिसमें उन्होंने स्वच्छता को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया और नागरिकों से इस मिशन में शामिल होने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप 2 अक्टूबर, 2014 को ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरुआत हुई, जिसमें स्वच्छता को सभी की जिम्मेदारी बनाने के दृष्टिकोण को अपनाया गया। इस अभियान को दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन बनाने के लिए पूरा देश एकजुट हुआ।

स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस)- स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत एक महत्वपूर्ण अभियान है, जिसे आधिकारिक तौर पर 2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू किया था। यह अभियान एक महत्वपूर्ण वार्षिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य भारत के नागरिकों को स्वच्छता की आदत को बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल पूरे देश में स्वच्छ, स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने में नागरिक भागीदारी के सार को रेखांकित करती है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि के रूप में संकल्पित ‘एसएचएस’ का उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस अभियान में काफी बदलाव आया है, इसके तहत प्रत्येक वर्ष स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करने के लिए एक विशिष्ट विषय का चयन किया जाता है।

वर्ष 2017 से स्वच्छता ही सेवा अभियान ने स्वच्छता के लिए स्वैच्छिकता और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया है। यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ मना रही है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024, 17 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मनाया गया, जिसकी थीम ‘स्वाभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’ है, इसका समापन 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के उत्सव के साथ हुआ। अभियान ने तीन मुख्य मद्दों पर जोर दिया: स्वास्थ्य और स्वच्छता जोखिम वाले उपेक्षित क्षेत्रों में सुधार, स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और सफाई कर्मचारियों का कल्याण करना। अभियान का उद्देश्य इन पहलों के माध्यम से सभी के लिए स्वच्छ, स्वस्थ भारत को बढ़ावा देना है।

1 अक्टूबर, 2024 तक की प्रमुख उपलब्धियां

• कुल 29.21 लाख कार्यक्रमों की योजना बनाई गई, जिनमें से 26.44 लाख सफलतापूर्वक पूरे किये गये।
• सार्वजनिक भागीदारी की संख्या 26.25 करोड़ नागरिकों तक पहुंची।
• परिवर्तन प्रयास देश भर में 3.10 लाख आवासीय क्षेत्रों पर केंद्रित थे।
• राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और स्थानीय सड़कों सहित सड़क किनारे के 2.11 लाख क्षेत्रों की सफाई और पुनरोद्धार किया गया।
• बाजार स्थलों में 56,526 स्थानों पर कार्य किया गया।
• अभियान के तहत सार्वजनिक और निजी कार्यालयों के आसपास 48,418 क्षेत्रों में सुधार किया गया।
• अभियान के दौरान 61 लाख से अधिक पेड़ लगाए गए।
• नागरिकों ने कुल 3.04 लाख ‘स्वच्छता प्रतिज्ञाएं’ लीं।
• सार्वजनिक भोजन स्थलों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कुल 15,710 स्वच्छ फूड स्ट्रीट स्थापित की गईं।
• पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 76,837 स्वच्छ भारत सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किए गए।

एसएचएस 2024 के स्तंभ

स्वच्छता लक्ष्य इकाइयां (सी.टी.यू.): इन इकाई का तात्पर्य गंभीर रूप से उपेक्षित, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे कि कचरा बिंदु या डंपसाइट से है जो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और स्वास्थ्य जोखिम पैदा करते हैं, जिन्हें अक्सर विभिन्न क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियानों के दौरान अनदेखा कर दिया जाता है। अभियान का उद्देश्य इन लक्षित इकाइयों में समयबद्ध तरीके से बदलाव लाना है, जिससे समग्र स्वच्छता प्राप्त करने के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

सफाई मित्र सुरक्षा शिविर : सफाई मित्रों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एकल खिड़की स्वास्थ्य और कल्याण शिविर है। साथ ही इनके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में भी उन्हें जानकारी प्रदान की जाती है।

स्वच्छता में जन भागीदारी : विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों, समुदायों और संगठनों के बीच जागरूकता बढ़ाने और भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास।

प्रमुख सफलताएं

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान के दौरान उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं, जिसमें लाखों नागरिकों की भागीदारी को सुनिश्चित किया गया। उपेक्षित क्षेत्रों में सुधार और सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस अभियान के तहत आवासीय क्षेत्रों से लेकर बाज़ारों एवं सड़क किनारे तक विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रयास किए गए। इन प्रयासों को पर्यावरण संबंधी पहलों जैसे कि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और व्यापक स्वच्छता प्रतिज्ञाओं द्वारा और भी अधिक संपूरित किया गया, जिससे यह अभियान स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन गया।

निष्कर्ष

देश ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के एक दशक पूरे होने का जश्न मना रहा है। 2 अक्टूबर को ‘स्वच्छ भारत दिवस’ पर संपन्न हुए स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान स्वच्छता को लेकर सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया गया। यह रिपोर्ट सामुदायिक सहभागिता, स्वयंसेवा और देश भर में स्वच्छता को लेकर शुरू की गई अभिनव परियोजनाओं के माध्यम से की गई महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती हैं। स्वच्छ भारत दिवस 2024 न केवल इस महान आंदोलन में एक मील का पत्थर है, बल्कि इन प्रयासों को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए प्रत्येक नागरिक से आवश्यक निरंतर प्रतिबद्धता की याद दिलाता है। साझा जिम्मेदारी और समर्पण के माध्यम से स्वच्छ और अधिक टिकाऊ भविष्य हेतु भारत इस विरासत को आगे बढ़ा सकता है।