‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना देश की एकता, देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है
और निश्चित तौर पर खेल इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी की शुरुआत करते हुए कहा कि मॉनसून के इस मौसम में प्राकृतिक आपदाएं देश की कसौटी कर रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हमने बाढ़ और भू-स्खलन का बड़ा कहर देखा है। कहीं घर उजड़ गए, कहीं खेत डूब गए, परिवार के परिवार उजड़ गए, पानी के तेज बहाव में कहीं पुल बह गए, सड़कें बह गईं, लोगों का जीवन संकट में फंस गया। इन घटनाओं ने हर हिन्दुस्तानी को दु:खी किया है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए, उनका दर्द हम सबका दर्द है।
उन्होंने कहा कि जहां भी संकट आया, वहां के लोगों को बचाने के लिए हमारे एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के जवान, अन्य सुरक्षा बल हर कोई दिन-रात जुटे रहे। जवानों ने तकनीक का सहारा भी लिया है। थर्मल कैमरे, लाइव डिटेक्टर, स्निफर डॉग्स और ड्रोन सर्विलांस ऐसे अनेक आधुनिक संसाधनों के सहारे राहत कार्य में तेजी लाने की भरपूर कोशिश की गई। इस दौरान हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई गई, घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। आपदा की घड़ी में सेना मददगार बनकर सामने आई। स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, प्रशासन, संकट की इस घड़ी में सभी ने हर संभव प्रयास किया। मैं ऐसे हर नागरिक को हृदय से धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस कठिन समय में मानवीयता को सबसे ऊपर रखा हुआ है।
देश में हुआ पहला ‘खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल’
श्री मोदी ने कहा कि बाढ़ और बारिश की इस तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर ने दो बहुत खास उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इन पर ज्यादा लोगों का ध्यान नहीं गया, लेकिन जब आप उन उपलब्धियों के बारे में जानेंगे तो आपको बहुत खुशी होगी। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। यहां पुलवामा का पहला डे-नाईट क्रिकेट मैच खेला गया। पहले ये होना असंभव था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है।
उन्होंने कहा कि दूसरा आयोजन जिसने ध्यान खींचा, वो है देश में हुआ पहला ‘खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल’ और वो भी श्रीनगर की डल झील पर हुआ। सचमुच, ऐसा उत्सव आयोजित करने के लिए ये कितनी खास जगह है। इसका उद्देश्य है जम्मू-कश्मीर में वॉटर स्पोर्ट्स को और लोकप्रिय बनाना। इसमें पूरे भारत से 800 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। महिला एथलीट भी पीछे नहीं रही उनकी भागीदारी भी लगभग पुरुषों के बराबर थी।
श्री मोदी ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना, देश की एकता, देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है और निश्चित तौर पर खेल इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं और इसलिए ही तो मैं कहता हूं जो खेलता है, वो खिलता है। हमारा देश भी जितने टूर्नामेंट खेलेगा, उतना खिलेगा।
प्रतिभा सेतु: होनहार विद्यार्थियों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने यूपीएससी का नाम तो जरूर सुना होगा। ये संस्था देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक सिविल सेवा की परीक्षा भी लेती है। हम सबने सिविल सेवा के टॉपर्स की प्रेरणादायी बातें अनेक बार सुनी हैं। ये नौजवान कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई के बाद अपनी मेहनत से इस सेवा में जगह पाते हैं, लेकिन यूपीएससी की परीक्षा की एक सच्चाई और भी है। हजारों ऐसे उम्मीदवार भी होते हैं, जो बेहद काबिल होते हैं, उनकी मेहनत भी किसी से कम नहीं होती, पर मामूली अंतर से वो अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते। इन उम्मीदवारों को दूसरी परीक्षाओं के लिए नए सिरे से तैयारी करनी पड़ती है। इसमें उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था। इसलिए अब ऐसे होनहार विद्यार्थियों के लिए भी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया है और इसका नाम है ‘प्रतिभा सेतु’।
श्री मोदी ने कहा कि ‘प्रतिभा सेतु’ में उन उम्मीदवारों का डाटा रखा गया है, जिन्होंने यूपीएससी की अलग-अलग परीक्षाओं के सभी चरण पास किए, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में उनका नाम नहीं आ पाया। इस पोर्टल पर दस हजार से ज्यादा ऐसे होनहार युवाओं का डाटाबैंक मौजूद है। कोई सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था, कोई इंजीनियरिंग सेवा में जाना चाहता था, कोई मेडिकल सेवा के हर पड़ाव को पार कर चुका था, लेकिन फाइनल में उसका चयन नहीं हुआ— ऐसे सभी उम्मीदवारों की जानकारी अब ‘प्रतिभा सेतु’ पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है। इस पोर्टल से प्राइवेट कंपनियां इन होनहार छात्रों की जानकारी लेकर उन्हें अपने यहां नियुक्ति दे सकती हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रयास के नतीजे भी आने लगे हैं। सैकड़ों उम्मीदवारों को इस पोर्टल की मदद से तुरंत नौकरी मिली है और वो युवा जो मामूली अंतर से रुक गए थे, अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आजकल आपने देखा होगा, अक्सर घर की छतों पर, बड़ी इमारतों पर, सरकारी दफ्तरों में सौर पेनल चमकते हुए दिखाई देते हैं। लोग अब इसके महत्व को समझ रहे हैं और खुले मन से अपना रहे हैं। हमारे देश पर सूर्यदेव की इतनी कृपा है, तो क्यों न उनकी दी हुई उस ऊर्जा का पूरा उपयोग करें।
भारत के महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी
श्री मोदी ने कहा कि 15 सितंबर को भारत के महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी का जन्मदिन होता है। उस दिन को हम ‘इंजीनियर्स डे’ के रूप में मनाते हैं। इंजीनियर सिर्फ मशीन नहीं बनाते, वे सपनों को हकीकत में बदल देने वाले कर्मयोगी होते हैं। मैं भारत के हर इंजीनियर की सराहना करता हूं। उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
उन्होंने कहा कि सितंबर में ही भगवान विश्वकर्मा की पूजा का पवित्र अवसर भी आने वाला है। 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती है। ये दिन हमारे उन विश्वकर्मा बंधुओं को भी समर्पित है, जो पारंपरिक शिल्प, कौशल और ज्ञान-विज्ञान को अनवरत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। हमारे सुतार, लोहार, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, बढ़ई-मिस्त्री हमेशा से भारत की समृद्धि की बुनियाद रहे हैं। हमारे इन विश्वकर्मा बंधुओं की मदद के लिए ही सरकार ने विश्वकर्मा योजना भी चलाई है।
सितंबर महीने में हम मनाएंगे ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’
श्री मोदी ने कहा कि अगले महीने सितंबर में हम हैदराबाद मुक्ति दिवस भी मनाएंगे। ये वही महीना है जब हम उन सभी वीरों के साहस को याद करते हैं जिन्होंने ‘ऑपरेशन पोलो’ में हिस्सा लिया था। आप सबको मालूम है कि जब अगस्त, 1947 में भारत को आज़ादी मिली, तो हैदराबाद अलग ही स्थिति में था। निज़ाम और रज़ाकारों के अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। तिरंगा फहराने या ‘वंदे मातरम्’ कहने पर भी मौत के घाट उतार दिया जाता था। महिलाओं और गरीबों पर अत्याचार किए जाते थे।
उन्होंने कहा कि उस समय बाबा साहेब अंबेडकर ने भी चेतावनी दी थी कि ये समस्या बहुत बड़ी बनती जा रही है। आखिरकार, सरदार पटेल ने मामले को अपने हाथ में लिया। उन्होंने सरकार को ‘ऑपरेशन पोलो’ शुरू करने के लिए तैयार किया। रिकॉर्ड समय में हमारी सेनाओं ने हैदराबाद को निज़ाम की तानाशाही से आज़ाद कराया और उसे भारत का हिस्सा बनाया। पूरे देश ने इस सफलता का उत्सव मनाया।
मोदीजी के नेतृत्व में भारत ‘आत्मनिर्भरता एवं विकास’ के
नए कीर्तिमान स्थापित करेगा : जगत प्रकाश नड्डा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुंबई में सुनी ‘मन की बात’
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 31 अगस्त, 2025 को मुंबई में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री विनोद तावड़े सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
गणेशोत्सव के पावन मौके पर श्री नड्डा ने मुंबई के चंद्रलोक गणपति मंडल में विराजे विघ्नहर्ता गणपति बप्पा के दर्शन किए। इसके उपरांत उन्होंने मंडप में उपस्थित लोगों के साथ ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना। उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके लिए विशेष है क्योंकि गणेशजी के सान्निध्य में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरक संदेशों को सुनने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह जन-जन से संवाद का सेतु है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकों को ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है। प्रधानमंत्रीजी ने हमारी खेल प्रतिभाओं, वैज्ञानिक नवाचारों समेत दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं के अधिकाधिक प्रयोग आदि के संबन्ध में अपने बहुमूल्य विचार प्रकट किए हैं। अब तक इस कार्यक्रम ने लाखों-करोड़ों लोगों को देशभक्ति, नवाचार और सामाजिक उत्थान की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा दी है।
श्री नड्डा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने देशभर में हो रहे विभिन्न नवाचारों को एक पटल पर लाकर लोगों को प्रेरित किया। उनकी दूरदर्शी सोच और निरंतर संवाद ने देशभर में लोगों को एकजुट किया है। श्री नड्डा ने विश्वास जताया कि मोदीजी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इसके पश्चात् श्री नड्डा ने लालबागचा राजा के दर्शन किये। उन्होंने कामना की कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न दूर करें और सुख-समृद्धि व मंगल का आशीर्वाद सदैव बनाए रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़णवीसजी के घर पर भगवान् गणपति के दर्शन किये और पूजन-अर्चन किया। साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र राजभवन में विराजे भगवान गजानन के दर्शन किये और राज्यपाल एवं एनडीए उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार श्री सी.पी. राधाकृष्णनजी से भी शिष्टाचार भेंट की।

