भारत-जापान ने विशेष रणनीतिक तथा वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर की रचनात्मक चर्चा

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प्रधानमंत्री ने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान की यात्रा की

     जापान के प्रधानमंत्री श्री इशिबा शिगेरु के निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 29-30 अगस्त, 2025 को जापान की आधिकारिक यात्रा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी का 29 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (कांतेई) में प्रधानमंत्री श्री इशिबा ने स्वागत किया, जहां उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता को याद किया जो सभ्यतागत संबंधों, साझा मूल्यों और हितों, समान रणनीतिक दृष्टिकोण और एक-दूसरे के प्रति पारस्परिक सम्मान में निहित हैं। दोनों प्रधानमंत्रियों ने पिछले दशक में भारत-जापान साझेदारी द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की और आने वाले दशकों में पारस्परिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए रणनीतिक और दूरंदेशी साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर रचनात्मक चर्चा की।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों पक्षों के बीच निरंतर उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान तथा मंत्रिस्तरीय एवं संसदीय सहभागिता का स्वागत किया, जो आपसी विश्वास और संबंधों की गहराई को दर्शाता है। पिछले एक दशक में यह साझेदारी सुरक्षा, रक्षा, व्यापार, निवेश, वाणिज्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कौशल एवं गतिशीलता तथा सांस्कृतिक एवं लोगों के बीच संबंधों जैसे व्यापक क्षेत्रों में महत्‍वपूर्ण ढंग से बढ़ी है।

प्रधानमंत्री की जापान यात्रा के परिणामों के प्रमुख बिंदु

अगले दशक के लिए भारत-जापान संयुक्त दृष्टिकोण

आर्थिक साझेदारी, आर्थिक सुरक्षा, गतिशीलता, टिकाऊ पारिस्थितिकी, प्रौद्योगिकी और नवाचार, स्वास्थ्य, लोगों के बीच आपसी संपर्क और दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क जैसे आठ क्षेत्रों में आर्थिक और कार्यात्मक सहयोग के लिए 10-वर्षीय रणनीतिक प्राथमिकता।

सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा

हमारी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अनुरूप समकालीन सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे रक्षा और सुरक्षा सहयोग को विकसित करने की दिशा में एक व्यापक ढांचा तैयार करना।

भारत-जापान मानव संसाधन आदान-प्रदान हेतु कार्य योजना

अगले पांच वर्षों में भारत और जापान के बीच 5,00,000 लोगों, विशेष रूप से भारत से जापान के लिए 50,000 कुशल और अर्ध-कुशल कर्मियों के आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक कार्य योजना तैयार करना।

भारत-जापान डिजिटल साझेदारी 2.0 पर समझौता ज्ञापन

डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रतिभा के विकास और आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने हेतु एक दस्तावेज़।

अन्य उल्लेखनीय परिणाम

 अगले दशक के लिए जापान से भारत में 10 ट्रिलियन जापानी येन का निजी निवेश का लक्ष्य।
 भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स, महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ नई और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति शृंखला के अनुकूलन को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सुरक्षा पहल शुरू की।
 बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी क्षेत्रों, विशेष रूप से रेलवे, विमानन, सड़क, शिपिंग और बंदरगाहों में जी2जी और बी2बी साझेदारी को बढ़ावा देना, जिसमें मोबिलिटी उत्पादों और समाधानों के मेक-इन-इंडिया पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।