लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकी हमले के जबाव में भारत के मज़बूत, सफल और निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर 29 जुलाई, 2025 को लोक सभा में हुई विशेष चर्चा में भाग लिया। चर्चा में भाग लेते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पहलगाम में निर्दोष नागरिकों का धर्म पूछकर की गई हत्या की घोर निंदा करते हुए मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की
केन्द्रीय गृह मंत्री ने लोक सभा को कल कश्मीर के दाचीगाम में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन महादेव’ में तीन आतंकवादियों – सुलेमान, अफ़गान और जिब्रान – को मार गिराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुलेमान लश्कर का ‘ए’ श्रेणी का कमांडर था जो पहलगाम और गगनगीर में हुए आतंकवादी हमलों में लिप्त था। अफ़गान और जिब्रान भी लश्कर के ‘ए’ श्रेणी के आतंकवादी थे जिन्होंने बैसरन घाटी में हमारे निर्दोष नागरिकों को मारा था और कल ये तीनों आतंकवादी मारे गए हैं। गृह मंत्री ने सेना के 4 पैरा, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को सदन और पूरे देश की ओर से इस सफलता के लिए बधाई दी।
ऑपरेशन महादेव
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन महादेव की शुरुआत 22 मई, 2025 को हुई। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला 22 अप्रैल, 2025 को दोपहर 1 बजे हुआ और वे शाम साढ़े 5 बजे श्रीनगर पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को सुरक्षा बैठक हुई, जिसमें सभी सुरक्षाबल, सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस शामिल थे और इस बैठक में निर्णय लिया गया कि पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकवादी देश छोड़कर पाकिस्तान न भाग सकें और हमने इसकी पुख्ता व्यवस्था की और उन्हें देश से भागने नहीं दिया।
श्री अमित शाह ने सदन को बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहले से ही इन तीन आतंकवादियों को शरण देने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने कहा कि जब इन तीनों आतंकियों के शव श्रीनगर आए तब चार लोगों ने इनकी पहचान कर बताया कि इन्हीं तीनों आतंकवादियों ने पहलगाम में आतंकी घटना को अंजाम दिया था।
आतंकियों के आकाओं का खात्मा
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों के आकाओं को ज़मीन में मिलाने का काम किया और कल हमारी सेना और सीआरपीएफ ने उन तीन आतंकियों को भी समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन महादेव’ हमारे देश की सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस की एक बहुत बड़ी साझी कामयाबी है जिसपर देश की 140 करोड़ जनता को नाज़ है। उन्होंने बताया कि आतंकी हमले के बाद वे स्वयं पहलगाम जाकर वहां मृतकों के परिजनों से मिले थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर से आतंकियों को भेजने वालों को मारा और हमारे सुरक्षाबलों ने उन आतंकियों को भी मार दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकियों और उनके आकाओं को ऐसा सबक सिखाया गया है कि आने वाले लंबे समय तक तक कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा।
आतंकियों को शरण
श्री शाह ने बताया कि पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर आतंकियों के स्केच बनाए गए और 22 जून, 2025 को बशीर और परवेज़ की पहचान की गई, जिन्होंने पहलगाम हमले के अगले दिन आतंकियों को शरण दी थी। उन्होंने कहा कि बशीर और परवेज़ को गिरफ्तार किया गया और इन्होंने खुलासा किया कि 21 अप्रैल, 2025 की रात को 8 बजे तीन आतंकी इनके पास आए थे और उनके पास दो एके 47 और एक एम 4 कार्बाइन राइफल थी। श्री शाह ने सदन को जानकारी दी कि बशीर और परवेज़ की मां ने भी तीनों मारे गए आतंकियों को पहचान लिया है और अब FSL से भी इस बात की पुष्टि हो गई है। उन्होंने कहा कि यही तीनों पहलगाम हमले में शामिल आतंकी थे और इस हमले में इनके पास से मिली 2 एके 47 और एक एम 9 कार्बाइन का उपयोग हुआ था।
सिंधु जल संधि स्थगित
श्री अमित शाह ने लोक सभा को बताया कि 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इन मृतकों में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं उसी वक्त श्रीनगर के लिए रवाना हो गए थे और रात को ही सुरक्षाबलों और सभी एजेंसियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि हमले में शामिल आतंकी देश छोड़कर न भाग सकें।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने 23 और 30 अप्रैल को सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। 23 अप्रैल की बैठक में सबसे पहले सिंधु जल संधि को स्थगित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया। इसके बाद अटारी के माध्यम से चल रही एकीकृत जांच चौकी को बंद किया गया, पाकिस्तानी नागरिकों के सार्क वीज़ा को सस्पेंड कर सभी को पाकिस्तान वापिस भेजने का काम किया गया
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 23 और 30 अप्रैल को सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल की बैठक में सबसे पहले सिंधु जल संधि को स्थगित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया। इसके बाद अटारी के माध्यम से चल रही एकीकृत जांच चौकी को बंद किया गया, पाकिस्तानी नागरिकों के सार्क वीज़ा को सस्पेंड कर सभी को पाकिस्तान वापिस भेजने का काम किया गया, पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत रक्षा, सैन्य, नौसेना के सलाहकारों को अवांछनीय व्यक्ति घोषित किया गया और उनकी संख्या को 55 से घटाकर 30 किया।
पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकियों के ठिकाने तबाह
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सात मई को रात 1 बजकर 22 मिनट पर हमारे डीजीएमओ (डीजीएमओ) ने पाकिस्तान के डीजीएमओ को बता दिया कि हमने केवल आतंकवादियों के ठिकानों और उनके हेडक्वार्टर पर हमला किया है जो हमारा आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आज देश में नरेन्द्र मोदी जी की सरकार है और अब ऐसा हो नहीं सकता कि वो आकर मारें और हम चुपचाप बैठे रहें और चर्चा करें। श्री शाह ने कहा कि उरी आतंकी हमले के बाद हमने सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा आतंकी हमले के बाद एयर स्ट्राइक की और अब पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर तक अंदर घुसकर आतंकियों के नौ ठिकानों और 100 से ज़्यादा आतंकवादियों को हमने समाप्त कर दिया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि सवाल यह है कि विपक्षी पार्टी के शासनकाल में वर्ष 2005 से 2011 तक आतंकवादियों ने 27 जघन्य हमले किए, जिसमें 1000 के करीब लोग मारे गए, लेकिन तत्कालीन सरकार ने क्या किया? उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को चुनौती दी कि वह सदन में खड़े होकर देश को बताएं कि तत्कालीन सरकार ने उन आतंकवादी हमलों के खिलाफ क्या कदम उठाए। वे यहां से आतंकवादियों की फोटो और डोजियर पाकिस्तान भेजते रहे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे समय में जो आतंकवादी घटनाएं हुई हैं, वे पाकिस्तान प्रेरित थीं और मुख्यत: वे कश्मीर केन्द्रित रहीं। देश के किसी अन्य हिस्से में 2014 से 2025 तक शायद ही कोई आतंकी घटना हुई। उन्होंने कहा कि यह नरेन्द्र मोदी सरकार है जिसके कारण अब कश्मीर में आतंकवादी नहीं बनते, बल्कि ऐसी स्थिति हो चुकी है कि उन्हें आतंकवादी पाकिस्तान से भेजने पड़ते हैं।
सरकार ने ‘जीरो टेरर’ प्लान बनाया
श्री अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने ‘जीरो टेरर’ प्लान बनाया है, एरिया डोमिनेशन प्लान बनाया है, मल्टीलेवल डिप्लॉयमेंट किया है, सुरक्षा जेलें बनाई हैं, 98 प्रतिशत ट्रायल अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही हैं। हमने संचार के साधन बनाए हैं और 702 फोन विक्रेताओं को जेल में डाला है और 2666 सिम कार्ड ब्लॉक किए हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे जवान माइनस 43 डिग्री तापमान में पहाड़ पर और नदियों-नालों के पास रहकर देश की सुरक्षा करते हैं। कोई घुस गया तो वो बचेगा नहीं, हम उसे या तो गिरफ्तार करेंगे या तो एनकाउंटर में मारा जाएगा। उन्होंने कहा कि पोटा का विरोध करने वालों को नरेन्द्र मोदी जी की आतंकवादी विरोधी नीति पसंद नहीं आएगी, आतंकी का बचाव करके वोट बैंक बनाने वालों को यह नीति पसंद नहीं आएगी। यह नरेन्द्र मोदी सरकार है, टेररिज्म के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है।

