इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा: नरेन्द्र मोदी

| Published on:

म्मू-कश्मीर और भारत के इतिहास में 22 अप्रैल, 2025 को हमेशा एक काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। इसी दिन आतंकवादियों ने एक भयावह और कायराना आतंकी घटना को अंजाम देते हुए पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया। हिंसा के इस अमानवीय कृत्य ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित खूबसूरत बैसरन घाटी में हुई।

इस अमानवीय घटना के बाद दशकों में यह पहली बार हुआ कि कश्मीर घाटी सहित पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो गया। समाज के हर कोने से इस हिंसक कृत्य की निंदा करने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए। हमले के बाद भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और मौन प्रदर्शन हुए, जिसमें इस कृत्य का जमकर विरोध किया गया।

इस आतंकी घटना के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सऊदी अरब की अपनी राजकीय यात्रा को बीच में ही स्थगित कर 23 अप्रैल को सुबह-सुबह नई दिल्ली लौट आए। दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल और विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर के साथ एक आपात बैठक की।

इसके साथ ही, श्री मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर 23 अप्रैल को 7, लोक कल्याण मार्ग पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक की अध्यक्षता भी की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, “पहलगाम में आतंकवादी हमले के मद्देनजर 7, लोक कल्याण मार्ग पर सीसीएस बैठक की अध्यक्षता की।”

भारत आतंक के सामने नहीं झुकेगा और इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: अमित शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री ने आतंकी हमले में प्राण गंवाने वालों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 23 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में प्राण गंवाने वालों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत आतंक के सामने नहीं झुकेगा और इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

श्री शाह ने पहलगाम आतंकी हमले में प्राण गंवाने वालों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पहलगाम के आतंकी हमले में अपनों को खोने का दर्द हर भारतीय को है, इस दुःख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले के घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री शाह ने अस्पताल जाकर आतंकी हमले में घायल हुए लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की



प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है तथा यह और भी मजबूत होगा।”

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा…उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है तथा यह और भी मजबूत होगा।”

इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा: जगत प्रकाश नड्डा



भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की खबर से बेहद दु:खी हूं। इस कायराना हमले में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना बेहद निंदनीय है। मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और माननीय प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी रख रहे हैं। हम सभी प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे।”

निर्दोष नागरिकों पर नृशंस हमला कायरतापूर्ण कृत्य है: राजनाथ सिंह



रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पहलगाम (जम्मू और कश्मीर) में आतंकवादी हमले की खबर से बहुत दु:खी हूं। निर्दोष नागरिकों पर यह नृशंस हमला कायरतापूर्ण और अत्यंत निंदनीय है। मेरी संवेदनाएं उन निर्दोष पीड़ितों एवं उनके परिवारों के साथ हैं।”

मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं: अमित शाह



केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दु:खी हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। इस कायराना आतंकी घटना में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। हम दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को घटना की जानकारी दी गई है तथा संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की है। सभी एजेंसियों के साथ तत्काल सुरक्षा समीक्षा बैठक करने के लिए जल्द ही श्रीनगर जा रहा हूं।”

भारत ने सिंधु जल संधि स्थगित की

आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को सीमित करने और वर्ष 1960 से लागू सिंधु जल संधि को निलंबित करने सहित कई कदमों की घोषणा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 23 अप्रैल, 2025 को बताया कि भारत पाकिस्तान के साथ वर्ष 1960 से लागू सिंधु जल संधि को ‘तत्काल प्रभाव से स्थगित’ कर रहा है। यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक के बाद तय की गई पांच-आयामी प्रतिक्रिया का हिस्सा है।

अटारी और सुचेतगढ़ में भारत-पाकिस्तान सीमाएं बंद

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पंजाब के अमृतसर में अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया। जम्मू के सुचेतगढ़ एवं सांबा में चमलियाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर ऑक्ट्रोई पोस्ट पर भी नागरिक आवाजाही को रोका गया, यह कदम पहलगाम हमलों के जवाब में अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) को बंद करने के एक दिन बाद उठाया गया।

कश्मीर में आतंकवादियों के घर ध्वस्त

पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद आतंकवादियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 अप्रैल, 2025 को कश्मीर के विभिन्न जिलों में चार आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त कर दिया। पुलवामा, शोपियां, कुपवाड़ा और कुलगाम जिलों में सक्रिय आतंकवादियों से जुड़ी संपत्तियों पर यह कार्रवाई की गई।