भाजपा केंद्रीय कार्यालय में ‘संविधान दिवस समारोह’
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 26 नवंबर, 2024 को केंद्रीय कार्यालय में आयोजित ‘संविधान दिवस समारोह’ के अवसर पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) श्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरुण सिंह एवं श्री दुष्यंत गौतम, केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल एवं श्री वीरेंद्र कुमार, सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता, पार्टी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। श्री नड्डा ने सभागार में उपस्थित सभी पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ भी दिलाई।
देश को आगे बढ़ाने में संविधान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
श्री नड्डा ने कहा कि आज 75वें संविधान दिवस के अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने राष्ट्र को संबोधित किया और संविधान के महत्वपूर्ण बिंदुओं को देश के समक्ष रखा। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संवैधानिक ग्रंथ है। देश को आगे बढ़ाने में संविधान ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान सभा के ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन के रूप में संविधान को एकरूपता प्रदान की। संविधान सभा में हुई चर्चाओं और बहसों की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने की थी।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने संविधान के रूप में देश को सबसे बड़ा उपहार प्रदान किया। संविधान सभा ने ड्राफ्टिंग कमेटी की रिपोर्ट को 26 नवंबर, 1949 को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इस देश के नेतृत्व को संविधान दिवस मनाने में 65 साल लग गए, यह देश के नेतृत्व पर एक बड़ा प्रश्न खड़ा करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में संविधान गौरव यात्रा की शुरुआत की और 26 नवंबर के महत्वपूर्ण दिवस को याद किया। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 19 नवंबर, 2015 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने की अधिसूचना जारी की। देश की आजादी की बात करने वाले और इतने वर्षों तक देश पर राज करने वाले लोगों की संविधान के प्रति सोच और प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं। 2015 में जब संसद में संविधान दिवस मनाने का मुद्दा उठा तो कांग्रेस ने कहा कि जब हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं तो संविधान दिवस मनाने की क्या जरूरत है? लेकिन दो दिनों की चर्चा और बहस के बाद देश में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने संविधान को उसके वास्तविक स्वरूप में देश के सामने प्रस्तुत करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की पंच निष्ठा भी संविधान की प्रस्तावना को दोहराती है जो लिंग, जाति और स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं करती है तथा अभिव्यक्ति और आवागमन की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ाया गया है। संविधान में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि ‘प्रकृति में एकात्मक एवं संरचना में संघीय’ (unitary in nature, federal in structure) है तथा भारतीय जनता पार्टी ने इन दोनों को माना एवं राज्यों को उचित गति से आगे बढ़ाने का काम किया है।
भाजपा-एनडीए सरकार ने संविधान की आत्मा को लागू करने में सफलता पाई है
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा-एनडीए की सरकार ने संविधान की आत्मा को पूर्ण रूप से लागू करने में सफलता पाई है। जहां संविधान सभी राज्यों को समान मानता था, वहीं जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और अनुच्छेद 35A जैसे प्रावधान वर्षों से लागू थे। 5 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 और अनुच्छेद 35A को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को संविधान के अनुरूप अन्य राज्यों की तरह समान अधिकार दिया गया। महिला आरक्षण विधेयक, जो पहली बार 1996 में लोकसभा में पेश हुआ था और वर्षों तक बिना किसी निर्णय के अटका रहा, लेकिन मोदी सरकार 2.0 ने महिला आरक्षण विधेयक पारित करके महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित किया। इसी तरह, ओबीसी के लिए न्याय और संविधान की रक्षा की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण लागू किया, जो समाज में समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

