विश्व का सबसे विशाल व तीव्र कोविड-19 टीकाकरण

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न-जन के हृदय में बसने वाले विश्व के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर, 2021 को देश ने एक विश्व रिकार्ड बनाया। जहां भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं ने इस दिन ‘सेवा ही समर्पण’ अभियान के अंतर्गत स्वयं को सेवा कार्यों में समर्पित किया, वहीं समस्त देश ने अपने प्रिय नेता को एक ही दिन में 2.5 करोड़ कोविड-19 टीका लगाने का अनुपम उपहार दिया। आज विश्व भारत की ओर अचंभे से देख रहा है। देश विश्व के सबसे विशाल एवं सबसे तेज टीकाकरण अभियान में एक के बाद एक, कई रिकार्ड बना रहा है। वास्तव में एक दिन में एक करोड़ टीके का रिकाॅर्ड देश कई बार बना चुका है। यह न केवल संपूर्ण राष्ट्र की एकजुट शक्ति को दर्शाता है, बल्कि जन-जन की दृढ़ संकल्प शक्ति का भी द्योतक है जिससे सारा देश बड़ी मजबूती से इस वैश्विक महामारी का सामना कर रहा है। देश के चिकित्सकों, नर्सों, चिकित्सकीय सहयोगीगण, लैब तकनीशियनों, फार्मा क्षेत्र, स्वास्थ्यकर्मियों एवं कोरोना योद्धाओं के समर्पण एवं सेवा-भाव के कारण आज भारत ने विश्व के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।

कोविड-19 महामारी के इस कठिन दौर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सुदृढ़ एवं दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने कई मील के पत्थर पार किए हैं एवं अनेक उपलब्धियां अपने नाम किए हैं। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का निरंतर प्रयास एवं देश की मेधा पर अटूट विश्वास का ही परिणाम है कि भारत ने एक नहीं दो-दो कोविड-19 टीकों के निर्माण में सफलता प्राप्त की है। भारतीय वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं प्रतिभा पर भरोसा जताकर निरंतर उत्साह बढ़ाकर दो ‘मेड इन इंडिया’ टीकों का निर्माण न केवल भारत के लिए वरन् पूरी मानवता के लिए वरदान साबित हो रहा है। यह इन ‘मेड इन इंडिया’ टीकों के भारी उत्पादन का ही परिणाम है कि आज विश्व का सबसे विशाल एवं तेज टीकाकरण अभियान द्रुत गति से आगे बढ़ रहा है और अब लगता है कि अपनी तय समय-सीमा से पूर्व ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। अब जबकि टीकों की उपलब्धता हर दिन बढ़ती जा रही है, मोदी सरकार ने अन्य जरूरतमंद देशों को इसके निर्यात की मंजूरी देकर विश्व-कल्याण के अपने दायित्वों का निर्वहन किया है।

भारत ने न केवल विश्व के सबसे विशाल एवं सबसे तेज टीकाकरण अभियान के दौरान अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं, बल्कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में महामारी के असर को न्यूनतम रखने में भारी सफलता प्राप्त की है। जहां भारत ने इस वैश्विक महामारी के रोकथाम तथा संक्रमितों के उपचार के विभिन्न मानदंडों पर अन्य देशों की तुलना में अत्यधिक नियंत्रण एवं उत्तरोत्तर सुधार दर्ज किया है, वहीं महामारी की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारी स्वास्थ्य अवसंरचना के निर्माण, आॅक्सीजन प्लांट लगाने तथा प्राणरक्षक दवाइयां एवं चिकित्सकीय उपकरणों के निर्माण का व्यापक कार्य किया। देश में सबके लिए निःशुल्क टीकों के साथ-साथ 80 करोड़ जनता का निःशुल्क राशन तथा महामारी के दौर में कमजोर एवं गरीब वर्गों को व्यापक राहत मोदी सरकार के समाज के प्रति अटूट समर्पण का अप्रतिम उदाहरण हैं।

आज जबकि महामारी का प्रभाव कम होता दिख रहा है, भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से भी अधिक गति एवं ऊर्जा से छलांग लगा रही है। आज यदि अर्थव्यवस्था दहाई आंकड़ों के विकास दर की राह पर है तब इसका श्रेय पूर्णतः प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को जाता है। यदि ‘अन्नदाताओं’ ने अपनी कड़ी मेहनत से महामारी के दौर में खाद्यान्नों के रिकार्ड उत्पादन से देश का मान बढ़ाया है, तब मोदी सरकार का किसानों की आय दुगुनी करने के प्रतिबद्धता को एमएसपी की बढ़ी दरों एवं व्यापक खाद्यान्न खरीदी में देखा जा सकता है। एक ओर जब भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से वापस पटरी पर आ रही है, पूरा विश्व भारत की ओर आशा एवं अपेक्षा की नजर से देख रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि महामारी के इस कठिन दौर में भारत अपनी दृढ़ संकल्पशक्ति से पूरे विश्व में रोशनी बिखेर रहा है।

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