आपका एक वोट बिहार के भविष्य को सुरक्षित करेगा और जंगलराज को लौटने से रोकेगा : नरेन्द्र मोदी

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विशाल जनसभा, समस्तीपुर एवं बेगूसराय (बिहार)

बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के निमित्त चुनाव-प्रचार जोरों पर है। यह चुनाव दो चरणों में— 6 नवंबर एवं 11 नवंबर, 2025 को आयोजित किया जाएगा। दोनों चरणों के लिए मतगणना 14 नवंबर, 2025 को होगी।
चुनाव-प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 अक्टूबर, 2025 को बिहार में लगातार दो महत्वपूर्ण सभाओं को संबोधित किया। उनकी पहली जनसभा समस्तीपुर और दूसरी जनसभा बेगूसराय में हुई। उन्होंने अपने भाषणों में बिहार की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक चेतना, सुशासन, औद्योगिक विकास, महिला सशक्तीकरण और एनडीए सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों पर व्यापक रूप से बात की। दोनों स्थानों पर उमड़े विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बिहार एक बार फिर स्थिरता, विकास और सुशासन के मार्ग को चुनने का संकल्प कर चुका है।

     समस्तीपुर में श्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत मिथिला की पवित्र भूमि को नमन करते हुए की और जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कर्पूरी जी ने सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलकर वंचितों, पिछड़ों और गरीबों की आवाज को देश के सामने रखा और उनके आदर्श देश और समाज का आज भी मार्गदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार कर्पूरी ठाकुर के विचारों से प्रेरणा लेकर ही समाज के कमजोर वर्गों के लिए शैक्षणिक अवसर, आरक्षण, आर्थिक सहायता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है।

प्रमुख बिन्दु

 हर एक के हाथ में लाइट है तो लालटेन (राजद चुनाव चिह्न) चाहिए क्या?
 बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल करेगी
 राजद शासन के दौरान हत्या, अपहरण एक ‘उद्योग’ बन गया था और महिलाएं व गरीब इसके सबसे बड़े शिकार बने
 बिहार कभी एक इंडस्ट्रियल हब था, लेकिन जंगलराज ने इसकी इंडस्ट्रीज को बंद कर दिया और इन्वेस्टर्स को भगा दिया
 एक तरफ मैच्योर लीडरशिप वाला एनडीए गठबंधन है और दूसरी तरफ ‘महा-लठबंधन’ है

इसके बाद बेगूसराय पहुंचकर श्री मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ और बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह को आदरपूर्वक नमन किया। उन्होंने सिमरिया धाम तथा माता मंगलादेवी की पावन धरती को प्रणाम करते हुए बेगूसराय की सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी चेतना का स्मरण किया। छठ महापर्व की बेला में उपस्थित लाखों माताओं, बहनों और बेटियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्रीजी ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार का जनमानस सुशासन, विकास और स्थिर नेतृत्व पर भरोसा रखता है।
उन्होंने लोकगायिका शारदा सिन्हा जी को भी याद किया और कहा कि छठ गीतों की पवित्र परंपरा में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि यह बड़े सम्मान की बात है कि उनकी सरकार को उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित करने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शारदा जी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत और उनकी सांस्कृतिक धरोहर सदैव जीवित रहेंगे।

अपने भाषण में श्री मोदी ने बेरोजगारी और विकास को लेकर बिहार के पिछड़ेपन की चर्चा करते हुए कहा कि एक समय बेगूसराय और बरौनी उद्योगों का केंद्र हुआ करते थे, सायरन बजता था तो बिहार गौरव से भर उठता था। लेकिन जंगलराज, अपराध और अस्थिर शासन ने उद्योगों पर ताले लगा दिए, निवेशक भाग गए और युवा मजबूरी में पलायन को विवश हुए।

उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार ने सबसे पहले बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया और फिर उद्योगीकरण को गति दी। बरौनी खाद कारखाना, गैस पाइपलाइन, रिफाइनरी का विस्तार, नए पेट्रो-केमिकल उद्योग, पशुपालन और डेयरी की प्रगति से बेगूसराय सहित पूरे बिहार को एक नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज यहां नई नौकरियों के अवसर बन रहे हैं। उद्योग और निवेश बढ़ रहा है, इसके साथ ही विकास की रोशनी गांव-गांव तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार को अब सुशासन से समृद्धि की ओर बढ़ाना है। यह अवसर खासकर युवाओं के सामने है, क्योंकि 2005 में उनके माता-पिता ने जंगलराज को हराया था और आज 2025 में उन्हें समृद्ध और विकसित बिहार के लिए निर्णायक भूमिका निभानी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने वोट की ताकत को समझें और बिहार के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी संकल्प शक्ति के साथ अपनी भागीदारी निभाएं।

श्री मोदी ने विपक्ष पर तीखे प्रहार भी किए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन अब ‘महा-लठबंधन’ बन चुका है, जहां दल आपस में ही एक-दूसरे को गिराने और सत्ता की लालच में जोड़-तोड़ की राजनीति में उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन स्वार्थ, भ्रष्टाचार और केवल सत्ता पाने के लिए बनाया गया है। वहीं एनडीए का नेतृत्व जनसेवा के सिद्धांत को लेकर आगे बढ़ रहा है।

महिला सशक्तीकरण की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की बहनें लंबे समय तक जंगलराज की पीड़ा की साक्षी रही हैं, लेकिन आज वे आत्मनिर्भर हो रही हैं, जीविका समूहों की अगुवाई कर रही हैं और आर्थिक स्वतंत्रता की नई मिसालें गढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की महिला रोजगार योजना और केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना से करोड़ों महिलाओं की आय और गरिमा दोनों बढ़ी हैं और यह यात्रा आगे और तेज गति से आगे बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बिहार की कनेक्टिविटी को बदल रही है। गंगा नदी पर कई नए पुल बने हैं, हाईवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच दूरी कम हुई है। इन परियोजनाओं से न सिर्फ यात्रा आसान हुई है, बल्कि व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

अंत में श्री मोदी ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे आगामी मतदान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि आपका एक वोट बिहार के भविष्य को सुरक्षित करेगा, विकास की रफ्तार को बनाए रखेगा और जंगलराज को लौटने से रोकेगा। छठ महापर्व के अवसर पर उन्होंने बिहार के साथ ही देशभर के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।