आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने हमारे लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्याय के बारे में युवाओं को जागरूक करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। इसके तहत भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व में 25 से 28 जून के दौरान देश भर में 100 प्रतीकात्मक संसद सभाओं का आयोजन किया गया।
इन सभाओं के माध्यम से आपातकाल के दौर की परिस्थितियों को पुनर्जीवित किया गया तथा बताया गया कि कैसे श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आपातकाल के दौरान मानवाधिकारों का क्रूर दमन किया, संवैधानिक प्रावधानों का खुलेआम दुरुपयोग किया, राजनीतिक विरोधियों की सामूहिक गिरफ्तारी की तथा प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का काम किया।
श्री तेजस्वी सूर्या ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित ऐसी ही एक सभा का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “आज के युवाओं को आपातकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी की काली विरासत के बारे में जानना चाहिए। उन्हें यह समझना चाहिए कि उस समय की सत्तावादी मानसिकता के कारण हमारे लोकतंत्र को कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। इन सभाओं के माध्यम से भारतीय जनता युवा मोर्चा आपातकाल के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहा है और वर्तमान पीढ़ी को उस दौर में हुए अन्याय एवं मानवाधिकारों के उल्लंघन से परिचित करवा रहा है।”
इन आयोजनों में छात्रों, युवा नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिन्होंने 1975-77 की घटनाओं को अपने उल्लेखनीय शोध के माध्यम से सभी के समक्ष प्रस्तुत किया।
युवाओं को प्रेरित और उनका मार्गदर्शन करने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। उनमें से उल्लेखनीय हैं— डॉ. एस जयशंकर (नई दिल्ली), डॉ. जितेंद्र सिंह (जम्मू और कश्मीर), श्री बैजयंत ‘जय’ पांडा (ओडिशा), असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा (गुवाहाटी), त्रिपुरा के मुख्यमंत्री श्री माणिक साहा (अगरतला), झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल मरांडी (रांची), श्री कैलाश विजयवर्गीय (मध्य प्रदेश) और श्री सुवेंदु अधिकारी (पश्चिम बंगाल)।
भाजयुमो की इस महत्वपूर्ण पहल ने न केवल आपातकाल के चलते हमसे बिछुड़े हजारों लोगों को श्रद्धांजलि दी, बल्कि लोकतंत्र को महत्व देने और उसकी रक्षा करने के लिए प्रत्येक युवा भारतीय को जागरूक भी किया।

