भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने आज सोमवार को पंजाब के लुधियाना में आयोजित ‘युवा संवाद’ को संबोधित करते हुए कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत की स्थिति कमजोर रहती थी, लेकिन आज युवाओं में खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ा है और उनके सामने स्पष्ट अवसर एवं रोडमैप मौजूद है। श्री नवीन ने हरियाणा, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों के खेल क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के खेल विकास विज़न का उल्लेख किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स, मेडिकल शिक्षा और डॉक्टरों की संख्या में हुई वृद्धि को रेखांकित किया। श्री नितिन नवीन ने पंजाब के विकास, युवाओं के सशक्तिकरण और भाजपा की राजनीतिक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी अगले छह महीनों में जनसरोकारों के मुद्दों पर संघर्ष और संपर्क अभियान को और तेज करेगी। कार्यक्रम के दौरान पंजाब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री केवल सिंह ढिल्लों सहित अन्य नेतागण भी उपस्थित रहे।
श्री नितिन नवीन ने कहा कि जब मैं स्वयं स्कूल और कॉलेज जीवन में था, तब चाहे फुटबॉल हो, चाहे क्रिकेट हो, चाहे एथलेटिक्स हो या ओलंपिक, भारत का स्थान अक्सर नीचे से दूसरा या तीसरा दिखाई देता था। यदि खाता खुल जाता था, तो लगता था कि भारत का गौरव बढ़ गया। कई बार तो खाता भी नहीं खुलता था। यदि कोई एक कांस्य पदक ले आता था, तो लगता था कि चलिए, पदक तालिका में हम कहीं दिखाई तो दिए। उस समय देश में ऐसी ही परिस्थिति थी। कोई अपनी व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर कुछ हासिल कर लेता था, तो लगता था कि कोई एक पी.टी. उषा बन जाए। आज इस देश में युवा आबादी के लिए सबसे अच्छी बात यह हुई है कि खेलों के प्रति उनका आकर्षण बढ़ा है और उनके सामने एक स्पष्ट रोडमैप दिखाई दे रहा है। अभी यहां जिन बातों और चुनौतियों का उल्लेख किया गया, वे आज भी मौजूद हैं। लेकिन जिन सरकारों और राज्यों ने इसे पूरी गंभीरता से अपने हाथ में लिया है, वे आज सफलता की कहानी लिख रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ओडिशा, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एक समय हरियाणा की तुलना में पंजाब अधिक सामर्थ्यवान माना जाता था और खेलों में भी पंजाब के खिलाड़ी अधिक संख्या में सामने आते थे। लेकिन आज हरियाणा सरकार ने खेलों को अपना मिशन बना लिया है। इसी मिशन का परिणाम है कि आज हरियाणा देश के लिए अनेक पदक लेकर आ रहा है और वहाँ से कई खिलाड़ी निकल रहे हैं। खेलों को लेकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का स्पष्ट विज़न है। आज खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए जो सपोर्ट सिस्टम चाहिए, उसे भी विकसित किया जा रहा है। विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग अकादमियाँ स्थापित की जा रही हैं, ताकि प्रत्येक खेल के प्रशिक्षण के लिए विशेष रूप से कार्य किया जा सके। जिस एडवेंचर स्पोर्ट्स की चर्चा की गई, उसे कई देशों ने अपने युवाओं के लिए मिशन के रूप में अपनाया है। भारत में भी इसके व्यापक अवसर हैं और एडवेंचर स्पोर्ट्स को और अधिक समर्थन मिलना चाहिए। यदि इस विषय पर सुझाव दिए जाएँ, हम श्री मनसुख मांडविया जी से इस पर चर्चा करेंगे। खेल क्षेत्र में जहाँ भी सुधार की आवश्यकता महसूस होती है, उस दिशा में सुझाव दिए जाने चाहिए और उन पर निश्चित रूप से पहल की जाएगी।
श्री नवीन ने कहा कि उनकी एक साथी ने अस्पताल, स्वास्थ्य बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाया। पंजाब को अभी एक एम्स दिया गया है और स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी भी और सुधार की आवश्यकता है। दो पीजीआई और पीजीआई सर्किल भी बनाए गए हैं। यह एक कॉर्पोरेट बिजनेस मेथड भी है। यदि यहाँ अच्छा वातावरण तैयार किया जाएगा, तो निजी क्षेत्र के खिलाड़ी भी बेहतर तरीके से आगे आएंगे। आने वाले समय में मेडिकल सुविधाओं के क्षेत्र में सरकार अपना सपोर्ट सिस्टम अवश्य खड़ा करे, लेकिन यदि निजी क्षेत्र भी अपनी व्यवस्था विकसित करता है, तो इतने बड़े देश को सेवाएं देने के लिए इसकी आवश्यकता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सब कुछ सरकार ही करेगी या सरकार कुछ नहीं करेगी। सरकार जो कर रही है, उसका रोडमैप भी सामने है। कल तक कितने एम्स थे और आज कितने एम्स हैं, इसके आंकड़े सभी जानते हैं। कम से कम पिछले 12 वर्षों में उनकी संख्या दोगुनी की गई है। मेडिकल शिक्षा के लिए तैयार होने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी डेढ़ गुना से अधिक बढ़ी है। पहले जहां 40 से 50 हजार मेडिकल डॉक्टर निकलते थे, वहीं आज यह संख्या 1.5 लाख तक पहुंच गई है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि जब इस प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जाता है, तभी अस्पतालों और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति संभव होती है। आज कई स्थानों पर अस्पताल खोले जा रहे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। साथ ही पैरा-मेडिकल सपोर्ट सिस्टम की भी कमी बनी हुई है। इन दोनों चीज़ों को एक साथ धीरे-धीरे और क्रमिक रूप से बढ़ाना होगा। यह नहीं सोचा जा सकता कि एक ही दिन में केवल अस्पताल खड़े कर दिए जाएं, क्योंकि डॉक्टरों के बिना अस्पतालों का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। एक डॉक्टर को अपनी डिग्री प्राप्त करने में लगभग पांच वर्ष लगते हैं। यदि आज डॉक्टरों की संख्या 50,000 से बढ़कर सीधे 1.5 लाख तक पहुंची है, तो इसका अर्थ है कि हर वर्ष 1.5 लाख डॉक्टर निकल रहे हैं, जो कहीं न कहीं इन अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आगे आ रहे हैं। इन डॉक्टरों को आवश्यक सुविधाएं और बेहतर जीवनशैली उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
श्री नितिन नवीन ने कहा कि हमारे एक मित्र ने लीगल फ्रेटरनिटी का विषय उठाया। निश्चित रूप से स्टाइपेंड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के माध्यम से उन्हें सुरक्षा प्रदान करना उनकी जवाबदेही है। लॉ का क्षेत्र ऐसा है, जिससे उनका भी जुड़ाव रहा है, क्योंकि उनके कई मित्र लॉ फ्रेटरनिटी से जुड़े हुए हैं। मैं स्वयं कानून मंत्री भी रहा हूं, इसलिए एक अधिवक्ता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को अच्छी तरह समझता हूं। कई विषय ऐसे हैं, जिन पर राज्य स्तर पर निर्णय लेने की आवश्यकता होती है। कानून विभाग और अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों में राज्य सरकार को अधिक जिम्मेदारी लेकर उन्हें आगे बढ़ाना पड़ता है। आने वाले समय के लिए जो बातें हमारे साथियों ने रखी हैं और राज्य के लिए जो सुझाव दिए हैं, उन्हें हम आरोप के रूप में नहीं, बल्कि अपनी जवाबदेही के रूप में देखते हैं। यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो जिन विषयों को उन्होंने राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताया है, उन्हें पूरा करना हमारी जवाबदेही होगी। पंजाब के युवा, उत्साही कार्यकर्ता और यहाँ उपस्थित युवा साथी उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पंजाब की देश में अहमियत और उसकी भूमिका का पूर्ण आभास है। पंजाब देश को सुरक्षा प्रदान करता है, उसकी संस्कृति और विरासत की रक्षा करता है। इसलिए पंजाब भारत के लिए और भाजपा के लिए, दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में जीत हासिल की, तो उससे केवल पश्चिम बंगाल के लोग या भाजपा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि देश का एक-एक नागरिक खुश हुआ। पूरे देश को यह मालूम था कि पश्चिम बंगाल ऐसी स्थिति में पहुंच गया था, जहाँ से बांग्लादेशी घुसपैठ देश की सुरक्षा, युवाओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों के लिए चुनौती बन रही थी। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत से देश के सभी हिस्सों में लोगों को इसलिए खुशी हुई, क्योंकि उनका मानना था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के आने का अर्थ देश की सुरक्षा का और अधिक मजबूत होना है। हम पंजाब को भी उसी दृष्टि से देखते हैं। पंजाब में भाजपा का आना उतना ही आवश्यक है, जितना पश्चिम बंगाल में भाजपा का आना था। पंजाब में भाजपा को और अधिक ताकत के साथ आगे बढ़ना है। हम स्वीकार करते हैं कि कुछ कमियाँ भी रही हैं। यदि जनता ने अभी तक भाजपा पर पूर्ण भरोसा नहीं किया है, तो उन कमियों से सीख लेने की आवश्यकता है। हमने यह तय किया है कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरेगी। पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भाजपा हर मुद्दे को उठाएगी, उसके लिए संघर्ष करेगी और जनता की आवाज बनकर अग्रिम पंक्ति में दिखाई देगी।
श्री नवीन ने कहा कि अपने तीन दिन के प्रवास के दौरान मैंने अपनी टीम के साथ बैठकर इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की है। कई लोगों ने डबल इंजन की सरकार की बात की है और हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि जनता भाजपा जो उम्मीद कर रही है, उस भरोसे पर हमारी पार्टी खरी उतरेगी। अगले छह महीनों में पार्टी के संपर्क अभियान और संघर्ष को लोग सड़कों पर देखेंगे। यदि जनता का भरोसा बढ़ेगा, तो उसका समर्थन भी भाजपा को मिलेगा। यदि पंजाब के युवा शक्तिशाली और सामर्थ्यवान होंगे, तभी पंजाब भी शक्तिशाली और सामर्थ्यवान बनेगा। यह ऐसी भूमि है, जहाँ शहीदों को भी नमन किया जाता है, गुरुओं को भी नमन किया जाता है और उस पवित्र मिट्टी को भी प्रणाम किया जाता है, जिसने ऐसे वीर सपूत और ऐसे गुरु दिए हैं, जिन्होंने देश को नई दिशा प्रदान की है। पंजाब के लोगों के आशीर्वाद, शुभकामनाएँ और सहयोग से भाजपा को ताकत मिलेगी। सभी के प्रयासों से भाजपा एक अच्छी सरकार देगी, ताकि आने वाले समय में 2027 विकसित पंजाब की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो और जब 2047 में विकसित भारत का निर्माण होगा, तब उस 20 वर्षों की यात्रा में पंजाब भी अपने वैभवशाली इतिहास के साथ विकसित पंजाब के रूप में स्थापित होगा।

