महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में श्री देवेन्द्र फडनवीस, उपमुख्यमंत्री के रूप में श्री एकनाथ शिंदे एवं श्री अजित पवार के शपथ लेने के साथ ही ‘विकसित भारत’ का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हुआ है। इसमें अब कोई संदेह नहीं कि ‘डबल इंजन’ की सरकार प्रदेश को नई ऊंचाइयां देगी। महायुति पर अथाह आशीर्वाद बरसाकर लोगों ने यह दिखा दिया है कि एकजुटता से विकास एवं सुशासन का पथ प्रशस्त किया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘एक हैं तो सेफ हैं’ के आह्वान से जनता में अद्भुत एकजुटता आई, जिन्होंने एकमत से परफॉर्मेंस की राजनीति एवं ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने के लिए मतदान किया। महाराष्ट्र की जनता की एकजुटता महायुति के महाविजय में परिणत हुई तथा पिछले 50 वर्षों के सभी रिकार्डों को तोड़ते हुए एक मजबूत, समृद्ध एवं सुरक्षित महाराष्ट्र का पथ प्रशस्त हुआ।
फ्रांस की मीडिया समूह ‘मीडियापार्ट’ द्वारा 02 दिसंबर, 2024 को आर्गनाईज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (ओसीसीआरपी) के संबंध में जारी खोजी रिपोर्ट से कांग्रेस-ओसीसीआरपी के बीच के
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘एक हैं तो सेफ हैं’ के आह्वान से जनता में अद्भुत एकजुटता आई, जिन्होंने एकमत से परफॉर्मेंस की राजनीति एवं ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने के लिए मतदान किया
संबंध उजागर हुए हैं। यह सच्चाई अब छुपी नहीं है कि ओसीसीआरपी भारत की संप्रभुता एवं सुरक्षा पर हमले करके भारत सरकार को अस्थिर करने का कुचक्र रच रही है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस संबंध पर प्रश्न खड़े करते हुए श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया-पेसिफिक (एफडीएल-एपी) के सह-अध्यक्ष पद स्वीकार करने पर भी अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। ध्यातव्य है कि यह फोरम कश्मीर को ‘स्वतंत्र इकाई’ मानती है तथा पाकिस्तान समर्थक मानी जाती है। साथ ही, ओसीसीआरपी एवं एफडीएल-एपी, दोनों को विवादास्पद अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से धन प्राप्त होता है। जॉर्ज सोरोस कई बार भारत सरकार को अस्थिर करने, भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने के प्रयासों के कारण विवादों में रहे हैं। ओसीसीआरपी भारत में कई मीडिया समूहों को भारत सरकार, इसके उद्योगपतियों एवं भारतीय हितों के विरुद्ध आलोचनात्मक लेख लिखवाएं हैं। इन्हीं लेखों को विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी ने बार-बार उद्धृत कर भारत के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हितों को प्रभावित करने के प्रयास किये हैं। जब-जब राहुल गांधी ने इन आधारहीन रिपोर्टों को उद्धृत किया है, विवादास्पद व्यक्तियों से मिले हैं, भारत विरोधियों को गले लगाया है तथा विदेशों में भी भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए हैं, उनका इन समूहों के साथ का संबंध बेनकाब हुआ है। ये विवादास्पद समूह कई देशों में सरकारों को अस्थिर करने का व उनकी संप्रभुता पर आघात करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे विवादित समूहों के रिपोर्ट, जो लगातार भारत पर निशाना साध रहे हैं, उसको उद्धृत करना यह दिखाता है कि श्री राहुल गांधी भारत को अस्थिर करने के भयावह षड्यंत्र में उनका साथ दे रहे हैं तथा ‘विकसित भारत’ के मार्ग को अवरुद्ध करना चाहते हैं। श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी एवं कांग्रेस को इन भारत-विरोधी समूहों, जो निरंतर भारत पर हमले करते हैं तथा राष्ट्रीय संप्रभुता एवं सुरक्षा पर आघात करते हैं, उनके साथ अपने संबंधों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए।
आज जब पूरा देश संविधान के अंगीकार होने का 75वां वर्ष मना रहा है, भारत के राष्ट्रपति द्वारा संसद के संयुक्त अधिवेशन को 26 नवंबर, 2024 को संविधान की गौरवमयी यात्रा पर संबोधन के साथ ही वर्षभर का उत्सव प्रारंभ हो गया। ध्यान देने योग्य है कि भारत के संविधान को देश ने 26 नवंबर, 1949 को अंगीकार किया था, परंतु इस दिन को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2015 में लिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जन-जन में संविधान के मूल्यों तथा ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा संविधान निर्माताओं के योगदानों से परिचित कराना भी है। आज जब देश विकसित होने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ चला है, भारत का संविधान सर्वसमावेशी एवं सामाजिक न्याय, समता एवं बंधुत्व के आधार पर एक न्यायप्रिय समाज की स्थापना के लिए सर्वोच्च मार्गदर्शक है।

